ना करोड़ों की दौलत, ना लग्जरी कार… फिर भी ममता को दो बार हराने वाले BJP नेता सुवेंदु आधिकारी बनेंगे बंगाल के CM!

पश्चिम बंगाल में BJP की ऐतिहासिक जीत के बाद सबसे ज्यादा चर्चा एक नाम की हो रही है। ममता बनर्जी को लगातार दो बार हराने वाले शुभेंदु अधिकारी अब मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। उनकी सादगी, संपत्ति और राजनीतिक सफर हर किसी का ध्यान खींच रहा है।

May 8, 2026 - 17:43
ना करोड़ों की दौलत, ना लग्जरी कार… फिर भी ममता को दो बार हराने वाले BJP नेता सुवेंदु आधिकारी बनेंगे बंगाल के CM!

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर खड़ा हो गया है। राज्य की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय और भाजपा के सबसे मजबूत बंगाली चेहरों में शामिल शुभेंदु अधिकारी का नाम मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा है। बीजेपी ने पिछले कुछ वर्षों में कई राज्यों में चौंकाने वाले चेहरों को मुख्यमंत्री बनाया है, लेकिन बंगाल में जिस तरह पार्टी ने रिकॉर्ड जीत दर्ज की है, उसमें शुभेंदु अधिकारी की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। यही वजह है कि अब हर तरफ उनकी चर्चा हो रही है। लोग जानना चाहते हैं कि आखिर शुभेंदु अधिकारी कौन हैं, उनका राजनीतिक सफर कैसा रहा है और उनके पास कितनी संपत्ति है।

ममता बनर्जी को दो बार हराकर बने सबसे बड़े नेता

शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल की राजनीति का बड़ा चेहरा बन चुके हैं। उन्होंने लगातार दो चुनावों में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराकर अपनी राजनीतिक ताकत साबित की है।2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट पर उन्होंने ममता बनर्जी को हराया था। इसके बाद 2026 के चुनाव में भी उन्होंने ममता को शिकस्त देकर भाजपा को ऐतिहासिक जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बंगाल में भाजपा को मजबूत संगठन देने और ग्रामीण क्षेत्रों तक पार्टी को पहुंचाने में शुभेंदु अधिकारी की मेहनत का बड़ा योगदान रहा है।

करोड़पति नहीं हैं शुभेंदु अधिकारी

जहां देश की राजनीति में करोड़ों-अरबों की संपत्ति वाले नेताओं की चर्चा होती है, वहीं शुभेंदु अधिकारी की संपत्ति काफी कम बताई गई है। चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे के मुताबिक उनकी कुल नेटवर्थ 85.87 लाख रुपये है। यानी वे करोड़पति भी नहीं हैं। सबसे खास बात यह है कि उनके ऊपर किसी भी तरह का कोई कर्ज भी नहीं है।

बैंक खातों और निवेश में कितनी रकम?

चुनावी हलफनामे के अनुसार, शुभेंदु अधिकारी के पास चुनाव के समय करीब 12 हजार रुपये नकद थे। वहीं पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और IDBI बैंक समेत विभिन्न खातों में लगभग 7 लाख रुपये जमा थे।

इसके अलावा उन्होंने कई छोटी बचत योजनाओं में भी निवेश किया हुआ है।

  • पोस्टल सेविंग अकाउंट में लगभग 60 हजार रुपये
  • किसान विकास पत्र में करीब 2.60 लाख रुपये
  • NSC सर्टिफिकेट में लगभग 5 लाख रुपये
  • शेयर और बॉन्ड्स में करीब 14 हजार रुपये का निवेश

उनकी निवेश रणनीति को देखकर यह साफ होता है कि उन्होंने पारंपरिक और सुरक्षित निवेश विकल्पों को ज्यादा महत्व दिया है।

छह LIC पॉलिसियां, लेकिन नहीं है कोई लग्जरी कार

शुभेंदु अधिकारी के पास लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (LIC) की कुल छह पॉलिसियां हैं। इनमें से एक पॉलिसी में करीब 6 लाख रुपये जमा हैं, जबकि बाकी पांच पॉलिसियों में कुल मिलाकर लगभग 7 लाख रुपये का निवेश किया गया है। दिलचस्प बात यह है कि उनके पास कोई लग्जरी कार या बाइक नहीं है। इतना ही नहीं, उनके पास सोना-चांदी के आभूषण भी नहीं हैं। आमतौर पर बड़े नेताओं की जीवनशैली जहां आलीशान मानी जाती है, वहीं शुभेंदु अधिकारी की सादगी लोगों को हैरान करती है।

कितनी है अचल संपत्ति?

अगर अचल संपत्ति की बात करें तो शुभेंदु अधिकारी के नाम पर कृषि और गैर-कृषि जमीन दर्ज है।

  • लगभग 9 लाख रुपये की कृषि भूमि
  • करीब 27 लाख रुपये कीमत के नॉन एग्रीकल्चर प्लॉट
  • तीन रिहायशी घर और फ्लैट, जिनकी कुल कीमत करीब 24.75 लाख रुपये बताई गई है

उनके नाम पर कोई कमर्शियल बिल्डिंग नहीं है।

परिवार भी राजनीति में सक्रिय

शुभेंदु अधिकारी का परिवार पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहा है। उनके पिता शिशिर अधिकारी तीन बार सांसद रह चुके हैं और राज्य की राजनीति में बड़ा नाम माने जाते हैं। उनके भाई सौमेंदु अधिकारी भी भाजपा में सक्रिय हैं, जबकि दूसरे भाई दिब्येंदु अधिकारी तृणमूल कांग्रेस से सांसद रह चुके हैं। हालांकि शुभेंदु अधिकारी ने अब तक शादी नहीं की है।

बंगाल की राजनीति का नया चेहरा

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शुभेंदु अधिकारी अब केवल भाजपा नेता नहीं, बल्कि बंगाल की नई राजनीति का बड़ा चेहरा बन चुके हैं। भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद उनका कद पार्टी में और मजबूत हुआ है। अगर भाजपा उन्हें मुख्यमंत्री बनाती है, तो यह बंगाल की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत माना जाएगा। वहीं पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच भी शुभेंदु अधिकारी को लेकर उत्साह साफ दिखाई दे रहा है।

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