“‘जान की बाज़ी भी लगा देंगे!’डोटासरा का BJP पर बड़ा वार—लोकतंत्र बचाने की खुली चेतावनी”

राजस्थान में सियासी माहौल गरमाते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने लोकतंत्र और वोट की रक्षा के लिए संघर्ष की बात करते हुए चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप की आशंका जताई। साथ ही राज्य में कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी और जनसमस्याओं को लेकर सरकार को घेरा। इस बयान को 2028 चुनावों की तैयारी से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

May 6, 2026 - 16:43
“‘जान की बाज़ी भी लगा देंगे!’डोटासरा का BJP पर बड़ा वार—लोकतंत्र बचाने की खुली चेतावनी”

राजस्थान की राजनीति में इन दिनों बयानबाजी का स्तर काफी तेज हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा बयान दिया है। उनके इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और ज्यादा गरमा दिया है और सत्ता-विपक्ष के बीच टकराव खुलकर सामने आने लगा है।

लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर बलिदान को तैयार’

डोटासरा ने साफ कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता और प्रदेश की जनता लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर नहीं होने देंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पार्टी कार्यकर्ता अपने अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर तक संघर्ष करने को तैयार हैं। उनका कहना था कि वोट की ताकत और संविधान की मर्यादा सर्वोपरि है।

चुनावी प्रक्रिया पर उठाए सवाल

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि अन्य राज्यों की तरह यहां भी चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश हो सकती है। उन्होंने एजेंसियों के कथित दुरुपयोग और चुनावी सिस्टम में हस्तक्षेप की आशंका जताई। हालांकि, उन्होंने भरोसा दिलाया कि राजस्थान में ऐसी किसी भी कोशिश का मजबूती से विरोध किया जाएगा।

संविधान का हवाला, अधिकारों की बात

डोटासरा ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान का जिक्र करते हुए कहा कि लोकतंत्र की रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इसी मूल भावना के साथ आगे बढ़ेगी और जनता के अधिकारों की रक्षा करेगी।

कानून-व्यवस्था और जनसमस्याओं पर सरकार घिरी

उन्होंने राज्य की मौजूदा स्थिति को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उनके अनुसार:

प्रदेश में अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं

महिला सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी हुई है

युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा

स्वास्थ्य सेवाएं और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं में कमी है

डोटासरा का आरोप था कि सरकार इन मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त है।

सरकार पर ‘जश्न की राजनीति’ का आरोप

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सत्ताधारी दल जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर जश्न मनाने में लगा है। उनके मुताबिक, जमीनी मुद्दों पर काम करने की बजाय राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश हो रही है।

2028 चुनाव की रणनीति का संकेत?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बयान केवल तात्कालिक प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि आने वाले 2028 विधानसभा चुनाव की रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है। कांग्रेस अब आक्रामक तेवर के साथ अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

क्या बढ़ेगा सियासी संघर्ष?

डोटासरा के इस बयान के बाद यह साफ है कि राजस्थान में भाजपा और कांग्रेस के बीच टकराव और तेज हो सकता है। आने वाले समय में दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और भी तीखे होने की संभावना है, जिससे प्रदेश की राजनीति और ज्यादा गरमाने वाली है।