बंगाल का नया CM कौन? कोलकाता पहुंचे अमित शाह, आज BJP की बैठक में क्या होगा बड़ा फैसला?
कोलकाता में अमित शाह की एंट्री के साथ बंगाल की राजनीति गरमा गई है। आज होने वाली बड़ी बैठक के बाद सत्ता की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। नई सरकार के गठन से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भाजपा ने केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाकर कोलकाता भेजा है। उनके कोलकाता पहुंचते ही राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है, वहीं पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अमित शाह आज भाजपा विधायक दल की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसी बैठक में विधायक दल के नेता का चयन किया जाएगा, जिसके बाद बंगाल के नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लग जाएगी। भाजपा नेताओं के मुताबिक शाम तक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।
9 मई को होगा ऐतिहासिक शपथ ग्रहण
भाजपा की ओर से जानकारी दी गई है कि 9 मई को कोलकाता के ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। इस समारोह को भव्य बनाने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। पार्टी इसे बंगाल की राजनीति में “ऐतिहासिक क्षण” के तौर पर पेश कर रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि भाजपा बंगाल में सरकार बनाती है तो यह राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जाएगा, क्योंकि लंबे समय से बंगाल की राजनीति अलग दिशा में चल रही थी।
अमित शाह ने जताया जनता का आभार
कोलकाता पहुंचने के बाद अमित Shah ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बंगाल की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि बंगाल की जनता ने भाजपा को जो प्रेम, विश्वास और समर्थन दिया है, उसके लिए वह पूरे राज्य की जनता का सम्मान करते हैं।
उनके इस संदेश को भाजपा कार्यकर्ता जनता के समर्थन और राजनीतिक बदलाव के संकेत के रूप में देख रहे हैं।
दक्षिणेश्वर काली मंदिर में की पूजा-अर्चना
राजनीतिक बैठकों से पहले अमित शाह दक्षिणेश्वर काली मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में भाजपा समर्थकों की भारी भीड़ दिखाई दी। शाह की इस धार्मिक यात्रा को भाजपा बंगाल की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा से जोड़कर देख रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बंगाल की राजनीति में धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों का असर हमेशा से महत्वपूर्ण रहा है और भाजपा इस संदेश को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
भाजपा नेताओं के बयान से बढ़ा राजनीतिक तापमान
कोलकाता में भाजपा सांसद सौमित्र खान ने कहा कि यह जनता के लिए उत्सव का दिन है क्योंकि “जनता का नेता” मुख्यमंत्री बनने जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी का सपना अब पूरा होने वाला है।
सौमित्र खान ने भाजपा कार्यकर्ताओं के बलिदान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पार्टी के कई कार्यकर्ताओं ने अपनी जान गंवाई और उन्हीं के संघर्ष की वजह से यह जीत संभव हो सकी।
वहीं पश्चिम बंगाल भाजपा प्रभारी मंगल पांडे ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में जबरदस्त खुशी का माहौल है। उन्होंने कहा कि हर तरफ “जय श्री राम” के नारे गूंज रहे हैं और लोग उत्सव मना रहे हैं।
राहुल सिन्हा ने विपक्ष पर साधा निशाना
भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने विपक्षी नेताओं पर हमला बोलते हुए कहा कि कुछ लोगों ने दावा किया था कि 4 तारीख के बाद अमित शाह या भाजपा के बड़े नेता बंगाल नहीं आ पाएंगे, लेकिन आज वही अमित शाह बंगाल में मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि जो लोग ऐसे बयान देते थे, वे अब घरों में बैठे हैं। राहुल सिन्हा ने संकेत दिया कि विधायक दल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर तस्वीर साफ हो जाएगी।
“खेला खत्म” वाले बयान से सियासत तेज
श्यामपुकुर से भाजपा की विजयी उम्मीदवार पूर्णिमा चक्रवर्ती ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब बंगाल विकास के रास्ते पर आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि जनता ने “खेला खत्म” कर दिया है और अब बंगाल शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और महिला सम्मान के क्षेत्र में नई दिशा में आगे बढ़ेगा।
उन्होंने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्षों तक बंगाल के भविष्य को नुकसान पहुंचाया गया और अब जनता बदलाव चाहती है।
पूर्णिमा चक्रवर्ती ने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह यूपी विकास के रास्ते पर आगे बढ़ा, उसी तरह अब बंगाल भी नई दिशा में आगे बढ़ेगा।
पूरे देश की नजर बंगाल पर
कल होने वाले शपथ ग्रहण समारोह पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। भाजपा इसे केवल सरकार गठन नहीं बल्कि “राजनीतिक परिवर्तन” के रूप में पेश कर रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि भाजपा विधायक दल किस चेहरे को बंगाल की कमान सौंपता है और नई सरकार किन प्राथमिकताओं के साथ काम शुरू करती है।