मुंबई में तरबूज खाने के कुछ घंटे बाद एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत, फोरेंसिक रिपोर्ट में चूहे मारने वाली दवा की पुष्टि
दक्षिण मुंबई में एक ही परिवार के 4 लोगों की रहस्यमयी मौत का मामला अब सुलझता दिख रहा है। FSL रिपोर्ट में तरबूज में जहरीला केमिकल मिलने से सवाल उठ गया है कि यह हादसा था या किसी की सोची-समझी साजिश… जानिए पूरा मामला।
दक्षिण मुंबई के घारी मोहल्ला में एक ही परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को हिला दिया था। अब इस मामले में फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा किया है, जिससे मौत की गुत्थी काफी हद तक सुलझती नजर आ रही है। रिपोर्ट के अनुसार, मृतकों के शरीर और तरबूज के सैंपल में ‘जिंक फास्फाइड’ पाया गया है, जो आमतौर पर चूहे मारने वाली दवा में इस्तेमाल होता है। इस जहरीले केमिकल की मौजूदगी ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
कैसे हुआ पूरा हादसा?
26 अप्रैल की रात अब्दुल डोकाडिया (44) के घर पर एक पारिवारिक मिलन समारोह हुआ था। परिवार और रिश्तेदारों ने मिलकर चिकन पुलाव खाया। मेहमानों के जाने के बाद रात करीब 1 बजे परिवार ने तरबूज खाया। कुछ ही घंटों बाद अब्दुल, उनकी पत्नी नसरीन और दोनों बेटियों को तेज उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। हालत बिगड़ने पर सभी को पहले स्थानीय डॉक्टर और फिर जेजे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान चारों की मौत हो गई।
FSL रिपोर्ट में क्या सामने आया?
जांच रिपोर्ट में मृतकों के लिवर, किडनी, स्प्लीन और पेट की सामग्री में जिंक फास्फाइड पाया गया। यही नहीं, तरबूज के सैंपल में भी इसी जहरीले तत्व की पुष्टि हुई है। हालांकि राहत की बात यह रही कि चिकन पुलाव, पानी और अन्य खाद्य पदार्थों में किसी भी तरह का जहर नहीं मिला है।
मेहमान क्यों बच गए?
पुलिस जांच में सामने आया कि घर आए 5 मेहमानों ने चिकन पुलाव तो खाया था, लेकिन तरबूज नहीं खाया था। इसी वजह से वे सुरक्षित रहे और उन्हें किसी तरह की तबीयत खराब होने की शिकायत नहीं हुई।
हादसा या साजिश?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि तरबूज में जिंक फास्फाइड कैसे पहुंचा। क्या यह गलती थी, लापरवाही थी या फिर किसी ने जानबूझकर जहर मिलाया? पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है और फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से हर एंगल से जांच की जा रही है।
पुलिस जांच जारी
शुरुआत में इस मामले को आकस्मिक मृत्यु मानकर केस दर्ज किया गया था, लेकिन अब रिपोर्ट आने के बाद इसे गंभीर जांच के दायरे में लिया गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जहरीला पदार्थ आखिर फल तक कैसे पहुंचा।