कौनसे BJP विधायक के बयान पर झुकना पड़ा मदन राठौड़ को? बोले- प्रदेश का मुखिया हूं, माफी मांगता हूं! आखिर क्या हैं पूरा मामला जानिए

विवादित बयान के बाद सैन समाज में नाराजगी बढ़ गई है और भाजपा मुख्यालय तक विरोध पहुंच गया। क्या विधायक बालकनाथ सार्वजनिक माफी मांगेंगे या मामला और तूल पकड़ेगा?

May 6, 2026 - 14:40
कौनसे BJP विधायक के बयान पर झुकना पड़ा मदन राठौड़ को? बोले- प्रदेश का मुखिया हूं, माफी मांगता हूं! आखिर क्या हैं पूरा मामला जानिए

राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। तिजारा से बीजेपी विधायक बाबा बालकनाथ के एक कथित विवादित बयान के बाद सैन समाज में गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है। इस मुद्दे को लेकर समाज का एक प्रतिनिधिमंडल भाजपा मुख्यालय पहुंचा और कड़ा विरोध दर्ज कराया।

भाजपा मुख्यालय पहुंचा प्रतिनिधिमंडल

सैन समाज के प्रतिनिधियों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ से मुलाकात कर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने साफ तौर पर मांग रखी कि विधायक बालकनाथ सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि अगर माफी नहीं मांगी गई तो समाज आने वाले दिनों में सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगा।

“समाज का हुआ अपमान”

नारायणी धाम के अध्यक्ष विनोद करेल ने कहा कि बालकनाथ के बयान से न सिर्फ नाई (सैन) समाज, बल्कि मेहनतकश और दस्तकार वर्ग का भी अपमान हुआ है। उन्होंने इसे बेहद आपत्तिजनक बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की।

मदन राठौड़ ने जताया खेद

इस पूरे विवाद के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान खेद व्यक्त किया और माफी भी मांगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते वह इस मामले में समाज से क्षमा मांगते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि विधायक बालकनाथ से इस मुद्दे पर बात की गई है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें विधायक बाबा बालकनाथ एक अभियंता से बातचीत के दौरान कथित रूप से जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया और सैन समाज ने इसे अपने सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताते हुए विरोध शुरू कर दिया।

सामाजिक नेताओं की प्रतिक्रिया

इस मुद्दे पर कई सामाजिक और राजनीतिक नेताओं ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। राजेंद्र सेन, श्रवण तंवर और रूपनारायण लूणीवाल ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि इस तरह की भाषा किसी भी जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देती। उन्होंने कहा कि नाई समाज संत परंपरा से जुड़ा हुआ है और देश के सामाजिक व सांस्कृतिक जीवन में उसका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इस दौरान संत सेन जी महाराज का भी उल्लेख किया गया, जिन्हें समाज में अत्यंत सम्मान प्राप्त है।

आगे क्या?

फिलहाल इस पूरे मामले ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या विधायक बालकनाथ खुद सामने आकर माफी मांगेंगे या फिर यह विवाद और गहराएगा।

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