15 लाख पार हुई वोटिंग… क्या टूटेगा 30 लाख का रिकॉर्ड? राजस्थान यूथ कांग्रेस में किसकी बनेगी सरकार?

यूथ कांग्रेस चुनाव में रिकॉर्ड वोटिंग ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। 15 लाख से ज्यादा वोट पड़ चुके हैं क्या आंकड़ा 30 लाख पार करेगा और प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर आखिर कौन बैठेगा?

May 6, 2026 - 14:52
15 लाख पार हुई वोटिंग… क्या टूटेगा 30 लाख का रिकॉर्ड? राजस्थान यूथ कांग्रेस में किसकी बनेगी सरकार?

राजस्थान में यूथ कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव इस बार अभूतपूर्व चर्चा और उत्साह के केंद्र में हैं। प्रदेशभर के युवाओं में चुनाव को लेकर जबरदस्त जोश देखने को मिल रहा है, जिसका सीधा असर वोटिंग के आंकड़ों पर भी साफ नजर आ रहा है।

अब तक 15 लाख से ज्यादा वोट डाले जा चुके हैं, जबकि मतदान प्रक्रिया अभी 14 दिनों तक और जारी रहेगी। ऐसे में राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार कुल वोटिंग का आंकड़ा 30 लाख के करीब पहुंच सकता है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड होगा।

6 पदों के लिए हो रही वोटिंग

इस बार यूथ कांग्रेस चुनाव में 6 अहम पदों के लिए मतदान कराया जा रहा है। इनमें प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश महासचिव, जिलाध्यक्ष, जिला महासचिव, विधानसभा अध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्ष शामिल हैं। खास बात यह है कि पहली बार ब्लॉक अध्यक्ष का पद जोड़ा गया है, जिससे ग्रामीण स्तर तक युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा मिला है।

वोटिंग में हिस्सा लेने के लिए सदस्यता अनिवार्य है और इस बार सदस्यता शुल्क 75 रुपये रखा गया है, जो पिछले चुनाव के मुकाबले 25 रुपये ज्यादा है। इसके बावजूद युवाओं का उत्साह कम नहीं हुआ है, बल्कि बड़ी संख्या में युवा सदस्यता लेकर मतदान में हिस्सा ले रहे हैं।

प्रदेश अध्यक्ष पद पर सीधी टक्कर

प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। चुनाव मैदान में दो प्रमुख चेहरे—अभिषेक चौधरी और अनिल चोपड़ा—आमने-सामने हैं।

राजनीतिक हलकों में इस मुकाबले को कांग्रेस के भीतर शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है। अनिल चोपड़ा को सचिन पायलट खेमे के करीब माना जाता है, जबकि अभिषेक चौधरी को अशोक गहलोत गुट का समर्थन मिलने की चर्चा है।

जिलों में किसका पलड़ा भारी?

अगर जिलावार समीकरण की बात करें तो अनिल चोपड़ा को जयपुर ग्रामीण, दौसा, सवाई माधोपुर, बांसवाड़ा, हनुमानगढ़, गंगानगर, पाली, टोंक, बाड़मेर और अजमेर जैसे जिलों में मजबूत माना जा रहा है।

वहीं अभिषेक चौधरी जयपुर शहर, सीकर, चूरू, झुंझुनूं, उदयपुर, राजसमंद, डूंगरपुर, कोटा और अलवर जैसे क्षेत्रों में बढ़त बनाए हुए बताए जा रहे हैं। बाकी जिलों में दोनों के बीच कड़ी और कांटे की टक्कर मानी जा रही है, जिससे यह चुनाव और ज्यादा रोमांचक हो गया है।

आगे क्या?

वोटिंग के बढ़ते आंकड़े यह संकेत दे रहे हैं कि इस बार यूथ कांग्रेस चुनाव केवल संगठनात्मक प्रक्रिया नहीं, बल्कि युवाओं की राजनीतिक भागीदारी का बड़ा उदाहरण बन सकता है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वोटिंग 30 लाख के आंकड़े को छू पाएगी? और इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में आखिर प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी किसके नाम होगी?

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