फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट पर सख्त कार्रवाई,भर्ती घोटालों के खिलाफ सक्रिय हुई सरकार, होगी दोबारा जांच

राजस्थान सरकार ने फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट के जरिए नौकरी पाने वालों पर सख्त कार्रवाई का फैसला किया है। सभी दिव्यांग कर्मचारियों की मेडिकल जांच और दस्तावेजों की दोबारा पड़ताल होगी।

Aug 29, 2025 - 21:37
फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट पर सख्त कार्रवाई,भर्ती घोटालों के खिलाफ सक्रिय हुई सरकार, होगी दोबारा जांच

राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में धांधली और फर्जीवाड़े को लेकर चल रही जांच के बीच राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रदेश के सभी सरकारी विभागों में कार्यरत दिव्यांग कोटे के कर्मचारियों की दोबारा जांच करने का निर्णय लिया गया है। इस प्रक्रिया में कर्मचारियों के मेडिकल टेस्ट और दस्तावेजों की गहन पड़ताल होगी। यदि कोई कर्मचारी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मेडिकल बोर्ड की निगरानी में होगी जांच

कार्मिक विभाग के शासन सचिव कृष्ण कांत पाठक ने बताया कि सरकार ने सभी विभागों में कार्यरत दिव्यांग कर्मचारियों के दस्तावेज और उनकी शारीरिक स्थिति की दोबारा जांच का फैसला किया है। इसके लिए राजकीय मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में मेडिकल बोर्ड गठित किया जाएगा। यह बोर्ड नियमानुसार कर्मचारियों की दिव्यांगता की जांच करेगा। साथ ही, उनके सर्टिफिकेट और अन्य दस्तावेजों की भी बारीकी से पड़ताल होगी।

यदि किसी कर्मचारी का दिव्यांगता सर्टिफिकेट या अन्य दस्तावेज फर्जी पाए गए, तो कार्मिक विभाग तुरंत कार्रवाई करेगा। ऐसे मामलों को विशेष जांच दल (SOG) को सौंपा जाएगा, जो आगे की जांच और कानूनी कदम उठाएगा।

पहले चरण में 5 साल के कर्मचारियों पर फोकस

शासन सचिव पाठक ने बताया कि जांच का पहला चरण पिछले पांच वर्षों में दिव्यांग कोटे के तहत नियुक्त हुए कर्मचारियों पर केंद्रित होगा। इन कर्मचारियों के मेडिकल टेस्ट और दस्तावेजों की जांच प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी। इसके बाद, शेष सभी दिव्यांग कर्मचारियों की जांच का काम चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।

SOG की जांच में खुला फर्जीवाड़े का राज

यह कदम तब उठाया गया, जब सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले की जांच के दौरान SOG को फर्जी दिव्यांगता सर्टिफिकेट के जरिए नौकरी हासिल करने के सबूत मिले। SOG ने पीटीआई और अन्य भर्ती परीक्षाओं में शामिल कुछ संदिग्ध अभ्यर्थियों की जानकारी सरकार को सौंपी थी।

हाल ही में जयपुर के SMS मेडिकल कॉलेज में गठित विशेष मेडिकल बोर्ड ने 29 कर्मचारियों और अधिकारियों की जांच की। इस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि 29 में से 24 कर्मचारी फर्जी दिव्यांगता सर्टिफिकेट के आधार पर नौकरी कर रहे थे। इनमें शिक्षक, ANM, स्टेनोग्राफर और अन्य कर्मचारी शामिल थे। इस खुलासे के बाद सरकार ने पूरे प्रदेश में व्यापक जांच शुरू करने का निर्णय लिया।

Yashaswani Journalist at The Khatak .