अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका की हत्या की कोशिश, IRGC ने रची थी साजिश

अमेरिका की पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की बेटी इवांका ट्रम्प को कथित तौर पर हत्या की धमकी मिलने के बाद सनसनी फैल गई है।

May 23, 2026 - 11:06
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका की हत्या की कोशिश, IRGC ने रची थी साजिश

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के परिवार को लेकर एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रम्प की बेटी इवांका ट्रम्प को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दी गई थी। इस मामले में अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने 32 वर्षीय इराकी नागरिक मोहम्मद बाकेर साद दाऊद अल-सादी को गिरफ्तार किया है। अमेरिकी एजेंसियों का दावा है कि आरोपी ईरान समर्थित नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और लंबे समय से ट्रम्प परिवार को निशाना बनाने की योजना तैयार कर रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने सोशल मीडिया पर कई धमकी भरे पोस्ट किए थे और इवांका ट्रम्प के फ्लोरिडा स्थित घर की जानकारी जुटा रखी थी। इस खुलासे के बाद अमेरिका की सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गई हैं। ट्रम्प परिवार की सुरक्षा भी और ज्यादा कड़ी कर दी गई है।

फ्लोरिडा स्थित घर का ब्लूप्रिंट मिलने से बढ़ी चिंता

जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी के पास इवांका ट्रम्प और उनके पति जैरेड कुशनर के फ्लोरिडा स्थित आलीशान घर का ब्लूप्रिंट यानी विस्तृत नक्शा मिला है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उस इलाके का नक्शा शेयर किया था, जहां ट्रम्प परिवार का करोड़ों डॉलर का घर मौजूद है।

जांच अधिकारियों का कहना है कि यह केवल सोशल मीडिया पर दी गई धमकी नहीं थी, बल्कि आरोपी संभावित हमले की तैयारी कर रहा था। यही वजह है कि FBI ने इस मामले को बेहद गंभीर श्रेणी में रखा है।

सूत्रों के मुताबिक, आरोपी कई महीनों से ट्रम्प परिवार की गतिविधियों पर नजर रख रहा था। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसे इतनी संवेदनशील जानकारी कैसे मिली।

सोशल मीडिया पर खुलेआम अमेरिका को दी चुनौती

मोहम्मद बाकेर अल-सादी ने सोशल मीडिया पर अमेरिका और ट्रम्प परिवार को लेकर कई भड़काऊ पोस्ट किए थे। एक पोस्ट में उसने लिखा था कि अमेरिका को यह गलतफहमी नहीं होनी चाहिए कि केवल सीक्रेट सर्विस और सुरक्षा एजेंसियां उन्हें बचा लेंगी।उसने यह भी लिखा कि “हम उन पर नजर रख  रहे हैं और सही समय आने पर बदला लिया जाएगा।” इन पोस्ट्स के सामने आने के बाद अमेरिकी एजेंसियों ने उसकी डिजिटल गतिविधियों पर निगरानी शुरू कर दी थी। बाद में जांच में कई संदिग्ध चैट और ऑनलाइन नेटवर्क भी सामने आए।

कासिम सुलेमानी का समर्थक माना जा रहा आरोपी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी का समर्थक था। कासिम सुलेमानी वही कमांडर था जिसकी 2020 में बगदाद एयरपोर्ट पर अमेरिकी ड्रोन हमले में मौत हो गई थी। उस हमले के बाद से ईरान समर्थित संगठनों में अमेरिका के खिलाफ गुस्सा लगातार बना हुआ है। कई कट्टरपंथी समूह सार्वजनिक तौर पर बदले की बात करते रहे हैं। जांच एजेंसियों को शक है कि आरोपी भी इसी विचारधारा से प्रभावित था और ट्रम्प परिवार को निशाना बनाकर “बदला” लेना चाहता था।

आतंकी संगठन से जुड़े होने का दावा

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि मोहम्मद बाकेर अल-सादी कथित तौर पर “कताइब हिजबुल्लाह” नाम के संगठन से जुड़ा था। अमेरिका इस संगठन को विदेशी आतंकी संगठन घोषित कर चुका है।

राष्ट्रीय सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार आरोपी केवल इवांका ट्रम्प पर हमला करने की योजना नहीं बना रहा था, बल्कि वह यूरोप और अमेरिका में भी कई संभावित हमलों की तैयारी कर रहा था।

रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि आरोपी ने यूरोप में अमेरिका से जुड़े ठिकानों पर 18 हमलों की साजिश रची थी। इसके अलावा न्यूयॉर्क, कैलिफोर्निया और एरिजोना जैसे राज्यों में भी संभावित हमलों को लेकर चर्चा हुई थी।

धार्मिक यात्रा एजेंसी की आड़ में चल रहा था नेटवर्क

जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि आरोपी एक धार्मिक यात्रा एजेंसी चलाता था। आरोप है कि इसी एजेंसी की आड़ में वह अलग-अलग देशों में संपर्क बढ़ा रहा था और कट्टरपंथी नेटवर्क तैयार कर रहा था। FBI अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या आरोपी अकेला काम कर रहा था या उसके साथ और लोग भी शामिल थे। एजेंसियां उसके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों और फंडिंग नेटवर्क की भी जांच कर रही हैं।

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सामने आया मामला

यह पूरा मामला ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। होर्मुज स्ट्रेट, परमाणु कार्यक्रम और मिडिल ईस्ट की स्थिति को लेकर दोनों देशों के बीच तीखी बयानबाजी जारी है। हाल ही में अमेरिका और यूरोपीय देशों ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने की बात कही है। वहीं ईरान ने भी पश्चिमी देशों पर दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रम्प परिवार को लेकर सामने आया यह मामला केवल एक सुरक्षा खतरा नहीं, बल्कि अमेरिका-ईरान तनाव की गंभीरता को भी दिखाता है।

सोशल मीडिया पर मची बहस

इवांका ट्रम्प को कथित धमकी और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। कुछ लोग इसे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बता रहे हैं, जबकि कई यूजर्स ट्रम्प प्रशासन और मिडिल ईस्ट नीतियों को लेकर चर्चा कर रहे हैं। अमेरिका में भी इस घटना के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। सुरक्षा एजेंसियां अब ट्रम्प परिवार के साथ-साथ अन्य हाई प्रोफाइल नेताओं की सुरक्षा की समीक्षा कर रही हैं।

Kashish Sain Bringing truth from the ground राजस्थान और देश-दुनिया की ताज़ा, सटीक और भरोसेमंद खबरें सरल और प्रभावी अंदाज़ में प्रस्तुत करना, ताकि हर पाठक तक सही जानकारी समय पर पहुँच सके।