अमरनाथ गुफा से बाबा की पहली झलक: यात्रा शुरू होने से पहले सामने आई तस्वीरें, BSF जवानों ने किए दर्शन
अमरनाथ यात्रा 2026 शुरू होने से पहले बाबा बर्फानी की पहली तस्वीरें सामने आई हैं। गुफा में प्राकृतिक बर्फ से बनने वाला शिवलिंग आकार ले चुका है। इस साल यात्रा 3 जुलाई से शुरू होगी और अब तक 3.6 लाख से ज्यादा श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं।
अमरनाथ यात्रा 2026 शुरू होने से पहले बाबा बर्फानी की पहली झलक सामने आ गई है। शनिवार को अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाले बर्फ के शिवलिंग की तस्वीरें जारी हुईं, जिनमें साफ दिखाई दे रहा है कि शिवलिंग धीरे-धीरे पूर्ण आकार ले चुका है। हर साल की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं में बाबा बर्फानी के दर्शन को लेकर भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।
गुफा में सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे BSF और सुरक्षा बलों के जवानों ने सबसे पहले बाबा बर्फानी के दर्शन किए। तस्वीरों के सामने आते ही सोशल मीडिया पर श्रद्धालुओं ने ‘हर हर महादेव’ और ‘बम बम भोले’ के जयकारों के साथ अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई 2026 से शुरू होकर 9 अगस्त 2026 तक चलेगी। यात्रा बालटाल-सोनमर्ग और पारंपरिक नुनवान-पहलगाम मार्ग से संचालित की जाएगी। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां यात्रा को लेकर पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं।
57 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा का समापन रक्षा बंधन और सावन पूर्णिमा के अवसर पर होगा। यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन करने जम्मू-कश्मीर पहुंचेंगे।
3.6 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने कराया रजिस्ट्रेशन
अमरनाथ यात्रा के लिए इस बार श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। अब तक 3.6 लाख से ज्यादा लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस साल यह संख्या 5 लाख के पार जा सकती है।
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 15 अप्रैल से शुरू हुई थी। फिलहाल 5 से 30 लोगों के ग्रुप रजिस्ट्रेशन बंद कर दिए गए हैं, लेकिन व्यक्तिगत और छोटे ग्रुप के लिए स्लॉट उपलब्ध रहने तक रजिस्ट्रेशन जारी रहेगा।
श्रद्धालु पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, जम्मू-कश्मीर बैंक और यस बैंक की अधिकृत शाखाओं के जरिए रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।
रास्तों पर अब भी जमी है भारी बर्फ
यात्रा मार्ग पर कई जगह अभी भी भारी बर्फ जमी हुई है। सामान्य इलाकों में 6 से 8 फीट और हिमस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में 10 से 12 फीट तक बर्फ मौजूद है।
सीमा सड़क संगठन (BRO) लगातार दोनों मार्गों को बहाल करने में जुटा हुआ है। बालटाल मार्ग पर करीब 9 किलोमीटर और पहलगाम मार्ग पर लगभग 8 किलोमीटर हिस्से से बर्फ हटाई जा चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि 15 जून तक दोनों ट्रैक पूरी तरह यात्रा के लिए तैयार कर दिए जाएंगे।
यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं
इस बार यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को पहले से बेहतर सुविधाएं देने की तैयारी की गई है। बेस कैंप में पारंपरिक टेंटों की जगह प्री-फैब्रिकेटेड और फाइबर स्ट्रक्चर बनाए जा रहे हैं।
इन आधुनिक संरचनाओं में अटैच्ड वॉशरूम, गर्म और ठंडे पानी की सुविधा, पैंट्री और बेहतर आवास व्यवस्था उपलब्ध होगी। खराब मौसम और अचानक तापमान गिरने की स्थिति में ये स्ट्रक्चर ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक साबित होंगे।
संवेदनशील इलाकों में नहीं लगेंगे कैंप
प्रशासन ने इस बार सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को प्राथमिकता दी है। बादल फटने और अचानक बाढ़ की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील इलाकों को ‘नो-एंट्री जोन’ घोषित किया गया है।
इसके अलावा यात्रा मार्गों को चौड़ा करने, पुलों को मजबूत बनाने और सुरक्षा इंतजामों को आधुनिक बनाने का काम भी तेजी से किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।