SSC CGL 2026 में ऐसा क्या बदल गया कि लाखों अभ्यर्थियों की बढ़ गई टेंशन? अब हर सेकेंड होगा बेहद कीमती

SSC ने CGL 2026 परीक्षा में ऐसा नया नियम लागू किया है, जिससे उम्मीदवार चाहकर भी अपने हिसाब से समय इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। मैथ्स और रीजनिंग को लेकर सबसे ज्यादा चिंता बढ़ गई है।

May 23, 2026 - 19:59
SSC CGL 2026 में ऐसा क्या बदल गया कि लाखों अभ्यर्थियों की बढ़ गई टेंशन? अब हर सेकेंड होगा बेहद कीमती

नई दिल्ली: कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (CGL) 2026 के परीक्षा पैटर्न में बड़ा बदलाव किया है। इस बार आयोग ने टियर-1 और टियर-2 दोनों परीक्षाओं में पहली बार “सेक्शनल टाइमिंग” लागू करने का फैसला लिया है। इस नए नियम के बाद अब उम्मीदवार अपनी सुविधा के अनुसार किसी एक विषय में ज्यादा समय नहीं दे पाएंगे। हर सेक्शन के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किया गया है और उसी तय समय के भीतर सवाल हल करने होंगे।

एसएससी के इस फैसले के बाद लाखों अभ्यर्थियों के बीच चिंता बढ़ गई है। खासतौर पर मैथ्स और रीजनिंग जैसे कठिन विषयों के लिए सीमित समय दिए जाने को लेकर छात्र सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई अभ्यर्थियों का कहना है कि अब केवल सही जवाब देना ही नहीं बल्कि बेहद तेज गति से प्रश्न हल करना भी जरूरी हो जाएगा।

क्या है नया सेक्शनल टाइमिंग नियम?

SSC CGL 2026 में अब परीक्षा के दौरान हर विषय के लिए अलग टाइम स्लॉट मिलेगा। यानी उम्मीदवार किसी एक सेक्शन का समय बचाकर दूसरे सेक्शन में इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। जैसे ही किसी सेक्शन का निर्धारित समय समाप्त होगा, कंप्यूटर स्क्रीन अपने आप अगले सेक्शन पर चली जाएगी।

अब तक अभ्यर्थियों को पूरे पेपर के लिए कुल समय दिया जाता था, जिसमें वे अपनी रणनीति के अनुसार किसी भी विषय को ज्यादा समय दे सकते थे। लेकिन नए नियम के बाद यह सुविधा खत्म हो जाएगी।

टियर-1 में हर सेक्शन को मिलेगा केवल 15 मिनट

SSC CGL टियर-1 परीक्षा में चार विषय शामिल होते हैं

गणित (Maths)

इंग्लिश

रीजनिंग

जनरल नॉलेज (GK)

हर विषय से 25-25 प्रश्न पूछे जाते हैं। नए नियम के अनुसार अब प्रत्येक सेक्शन के लिए केवल 15 मिनट का समय मिलेगा। यानी उम्मीदवारों को 25 सवाल सिर्फ 15 मिनट में हल करने होंगे।

सबसे ज्यादा चिंता मैथ्स और रीजनिंग सेक्शन को लेकर जताई जा रही है, क्योंकि इन विषयों में सवालों को हल करने में ज्यादा समय लगता है। वहीं परीक्षा में निगेटिव मार्किंग भी लागू रहेगी और हर गलत उत्तर पर आधा अंक काटा जाएगा।

टियर-2 परीक्षा में भी लागू होगा नया नियम

SSC ने साफ कर दिया है कि सेक्शनल टाइमिंग केवल टियर-1 तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि टियर-2 परीक्षा में भी लागू होगी। टियर-2 में अलग-अलग विषयों के लिए समय इस प्रकार तय किया गया है—

विषय प्रश्न समय

मैथ्स निर्धारित प्रश्न 30 मिनट

रीजनिंग निर्धारित प्रश्न 30 मिनट

इंग्लिश 45 प्रश्न 40 मिनट

जनरल अवेयरनेस 25 प्रश्न 20 मिनट

कंप्यूटर नॉलेज 20 प्रश्न 15 मिनट

इस बदलाव के बाद अब उम्मीदवारों को केवल विषय की तैयारी ही नहीं बल्कि स्पीड और टाइम मैनेजमेंट पर भी खास ध्यान देना होगा।

छात्रों के लिए क्यों चुनौतीपूर्ण है नया पैटर्न?

विशेषज्ञों का मानना है कि सेक्शनल टाइमिंग लागू होने के बाद परीक्षा का स्तर पहले से ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो जाएगा। जिन उम्मीदवारों की गणित या रीजनिंग कमजोर है, उन्हें अब सीमित समय में सवाल हल करने में कठिनाई हो सकती है।

इसके अलावा कई छात्र पहले आसान सेक्शन जल्दी खत्म कर कठिन विषयों के लिए ज्यादा समय बचाते थे, लेकिन अब ऐसा संभव नहीं होगा। ऐसे में मॉक टेस्ट और स्पीड प्रैक्टिस की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो जाएगी।

तैयारी की रणनीति बदलनी होगी

SSC CGL 2026 की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को अब नए पैटर्न के अनुसार अभ्यास करना होगा। विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि छात्र सेक्शन-वाइज टाइमर लगाकर मॉक टेस्ट दें ताकि परीक्षा के दौरान समय प्रबंधन बेहतर हो सके। मैथ्स और रीजनिंग में शॉर्ट ट्रिक्स और तेज कैलकुलेशन पर फोकस करना भी जरूरी होगा।

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