सीकर में NEET की तैयारी कर रहे छात्र ने की आत्महत्या, परिवार ने बेटे के सपनों के लिए लगा दी थी पूरी जमा पूंजी
सीकर में NEET परीक्षा की तैयारी कर रहे 22 वर्षीय छात्र प्रदीप मेघवाल ने किराए के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
राजस्थान के सीकर शहर से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। NEET परीक्षा की तैयारी कर रहे एक छात्र ने कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक छात्र की पहचान झुंझुनू जिले के गुड्डा गोडजी निवासी प्रदीप पुत्र राजेश कुमार मेघवाल के रूप में हुई है। प्रदीप सीकर में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी कर रहा था। उसकी उम्र करीब 22 वर्ष बताई जा रही है।
तीन साल से कर रहा था मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी
जानकारी के अनुसार प्रदीप पिछले करीब तीन वर्षों से मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने के लिए लगातार मेहनत कर रहा था। वह सीकर के गुरु कृपा कोचिंग इंस्टिट्यूट में कोचिंग ले रहा था और अपने भाई-बहनों के साथ किराए के मकान में रहता था। परिजनों ने बताया कि वह हाल ही में घर से वापस सीकर लौटा था।
बताया जा रहा है कि घटना के समय उसकी बहन नहाने गई हुई थी। इसी दौरान प्रदीप ने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जब परिजनों को इसकी जानकारी मिली तो घर में चीख-पुकार मच गई। घटना की खबर फैलते ही आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए।
परिवार ने बेटे की पढ़ाई के लिए लगा दी थी पूरी पूंजी
मृतक के पिता राजेश कुमार ने बताया कि परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है, लेकिन बेटे को डॉक्टर बनाने का सपना देखा था। परिवार ने अपनी सारी जमा पूंजी बेटे की पढ़ाई में लगा दी। परिजनों के अनुसार अब तक करीब 8 से 11 लाख रुपये उसकी पढ़ाई और कोचिंग पर खर्च किए जा चुके थे।
परिवार ने यह भी बताया कि उन्होंने खुद का मकान तक नहीं बनवाया और बेटे के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया। प्रदीप से पूरे परिवार को काफी उम्मीदें थीं। उसकी मौत के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया है।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलने पर उद्योगनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सीकर के एसके अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों को लेकर जांच जारी है।
इस घटना ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव और तनाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।