मई-जून की तपिश शुरू भी नहीं हुई… क्या इस बार जल्दी दस्तक देगा मॉनसून? IMD की भविष्यवाणी से बढ़ी उम्मीद

भीषण गर्मी और लू के बीच मौसम विभाग ने राहत भरी खबर दी है। IMD के मुताबिक इस साल मॉनसून तय समय से पहले 26 मई के आसपास केरल पहुंच सकता है। प्री-मानसून गतिविधियों और बारिश के संकेतों ने लोगों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं।

May 15, 2026 - 17:49
मई-जून की तपिश शुरू भी नहीं हुई… क्या इस बार जल्दी दस्तक देगा मॉनसून? IMD की भविष्यवाणी से बढ़ी उम्मीद

देशभर में गर्मी लगातार अपने तेवर दिखा रही है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और कई राज्यों में तापमान 44 डिग्री के पार पहुंच चुका है। दोपहर में सड़कें सूनी नजर आने लगी हैं और लोग लू से बचने के लिए घरों में रहने को मजबूर हैं। इसी बीच मौसम विभाग (IMD) ने करोड़ों लोगों को राहत देने वाली खबर सुनाई है।भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सामान्य समय से पहले यानी 26 मई के आसपास केरल पहुंच सकता है। आमतौर पर मॉनसून 1 जून के आसपास केरल में दस्तक देता है, लेकिन इस बार मौसम के बदलते मिजाज ने उम्मीदें बढ़ा दी हैं।

26 मई के आसपास केरल पहुंच सकता है मॉनसून

IMD के मुताबिक इस बार प्री-मानसून गतिविधियां तेजी से सक्रिय हो रही हैं। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे कम दबाव के क्षेत्र की वजह से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने बताया कि मॉनसून की संभावित तारीख 26 मई है, हालांकि इसमें 4 दिन आगे-पीछे होने की संभावना बनी रहती है। अगर अनुमान सही साबित हुआ तो यह पिछले कई वर्षों में मॉनसून की शुरुआती दस्तक में शामिल हो सकता है।

15 मई से 28 मई तक अच्छी बारिश के संकेत

मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण भारत के पश्चिमी तटीय इलाकों में 15 मई से 28 मई के बीच अच्छी बारिश होने की संभावना है। केरल, कर्नाटक, गोवा और आसपास के क्षेत्रों में प्री-मानसून बारिश तेज हो सकती है। इससे न केवल तापमान में गिरावट आएगी बल्कि लोगों को भीषण गर्मी और लू से भी राहत मिलने की उम्मीद है।

देश के कई हिस्सों में बदला मौसम

पिछले कुछ दिनों से देश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदला है। दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में तेज बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई थी, जो कई इलाकों में सही साबित हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय सिस्टम के कारण प्री-मानसून गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है। यही वजह है कि मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल रहा है।

एल नीनो का असर भी पड़ सकता है

IMD ने यह भी संकेत दिए हैं कि इस साल एल नीनो (El Niño) का असर देखने को मिल सकता है। एल नीनो के कारण भारत में कई बार बारिश सामान्य से कम होती है और गर्मी ज्यादा पड़ती है।

हालांकि मौसम विभाग का मानना है कि:

  • उत्तर-पूर्व भारत
  • उत्तर-पश्चिम भारत
  • दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों

में सामान्य या सामान्य से ज्यादा बारिश हो सकती है।

अभी भी भट्ठी की तरह तप रहा उत्तर भारत

एक तरफ मॉनसून की खुशखबरी है तो दूसरी ओर उत्तर और पश्चिम भारत में गर्मी अभी भी लोगों को परेशान कर रही है। राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में दिन का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। राजस्थान से चल रही गर्म हवाओं ने हालात और मुश्किल कर दिए हैं। भोपाल मौसम केंद्र ने अगले चार दिनों तक भीषण गर्मी की चेतावनी जारी की है। वहीं राजस्थान के कई जिलों में हीटवेव का असर लगातार बना हुआ है।

लोगों को राहत का इंतजार

भीषण गर्मी के बीच मॉनसून के जल्दी आने की संभावना ने लोगों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। किसान से लेकर आम लोग तक अब मौसम विभाग के अगले अपडेट का इंतजार कर रहे हैं। अगर मॉनसून तय समय से पहले पहुंचता है तो यह गर्मी से राहत के साथ-साथ खेती और जल संकट से जूझ रहे इलाकों के लिए भी बड़ी राहत साबित हो सकता है।

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