राजस्थान में जल्द लागू हो सकता है ‘नो व्हीकल डे’, भजनलाल सरकार वर्क फ्रॉम होम पर भी कर रही तैयारी
राजस्थान सरकार पेट्रोल-डीजल बचत के लिए ‘नो व्हीकल डे’, वाहन शेयरिंग और वर्क फ्रॉम होम जैसी नई गाइडलाइन लागू करने पर विचार कर रही है।
Jaipur News: राजस्थान सरकार प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और सरकारी खर्चों में कटौती के लिए नई गाइडलाइन लागू करने की तैयारी में है। प्रधानमंत्री की ईंधन बचत और संसाधनों के बेहतर उपयोग की अपील के बाद भजनलाल सरकार ‘नो व्हीकल डे’, वाहन शेयरिंग और कुछ विभागों में वर्क फ्रॉम होम जैसी व्यवस्थाओं पर गंभीरता से विचार कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, सरकारी दफ्तरों में संसाधनों के सीमित उपयोग, साझा परिवहन और डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने की योजना बनाई जा रही है। इसके साथ ही मंत्रियों और अधिकारियों के काफिलों तथा सरकारी वाहनों की संख्या कम करने पर भी मंथन चल रहा है।
वर्चुअल मीटिंग्स को मिलेगा बढ़ावा
सरकारी बैठकों, सेमिनार, कॉन्फ्रेंस और वर्कशॉप को धीरे-धीरे वर्चुअल मोड में शिफ्ट करने की तैयारी है। सरकार का मानना है कि इससे अनावश्यक यात्रा और ईंधन खर्च में कमी आएगी।
सीएम भजनलाल शर्मा ने दिया संकेत
15 मई को जयपुर में आयोजित एनर्जी कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) से पहुंचे। इसे सरकार के ग्रीन एनर्जी और वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
ग्रीन एनर्जी और खर्च नियंत्रण पर फोकस
प्रस्तावित नीति के तहत सरकारी कार्यालयों में बिजली और ईंधन की बचत के लिए कई कदम उठाए जा सकते हैं। सरकार का मानना है कि इससे एक ओर पेट्रोल-डीजल की खपत कम होगी, वहीं दूसरी ओर सरकारी खर्चों में भी कमी लाई जा सकेगी।
पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर
नई व्यवस्था को प्रदूषण नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण और ग्रीन एनर्जी मिशन से जोड़कर देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में इस संबंध में आधिकारिक गाइडलाइन जारी हो सकती है।