हॉर्मुज स्ट्रेट में बड़ा हादसा, आग के बाद समुद्र में पलटा भारतीय जहाज
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के पास भारतीय पारंपरिक मालवाहक जहाज में भीषण आग लगने के बाद वह समुद्र में पलट गया
दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में शामिल स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के पास शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया। भारतीय नाविकों को लेकर जा रहा एक पारंपरिक लकड़ी का मालवाहक जहाज अचानक भीषण आग की चपेट में आ गया। देखते ही देखते आग ने पूरे जहाज को अपनी गिरफ्त में ले लिया और कुछ ही देर बाद जहाज समुद्र में पलट गया।
इस दर्दनाक हादसे में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। राहत की बात यह रही कि समय रहते चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन में 18 भारतीयों की जान बचा ली गई।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के मुताबिक जहाज सामान्य व्यापारिक सामान लेकर खाड़ी क्षेत्र में यात्रा कर रहा था। इसी दौरान अचानक जहाज के अंदर आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि क्रू मेंबर्स को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
कुछ नाविक जहाज के डेक पर फंस गए, जबकि कई समुद्र में कूदने को मजबूर हो गए। जहाज में अफरा-तफरी मच गई और थोड़ी ही देर में वह असंतुलित होकर पलट गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार समुद्र के बीचोंबीच उठती आग की लपटें कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रही थीं।
दूसरे जहाजों ने बचाई जान
हादसे के तुरंत बाद आसपास से गुजर रहे कमर्शियल जहाजों ने मदद के लिए अपने रूट बदले। समुद्र में फंसे भारतीय नाविकों को बचाने के लिए तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
काफी मशक्कत के बाद 18 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बचाए गए लोगों को पहले नजदीकी सुरक्षित जहाज पर ले जाया गया और बाद में मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई गई।
बताया जा रहा है कि जहाज पर मौजूद सभी भारतीय नाविक रोजगार के लिए खाड़ी देशों में काम कर रहे थे।
दुबई में चल रहा इलाज
हादसे में गंभीर रूप से झुलसे चार भारतीयों को तुरंत दुबई भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।
मृत नाविक की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। अधिकारियों द्वारा उसके परिवार से संपर्क किया जा रहा है।
भारतीय दूतावास तुरंत हुआ सक्रिय
घटना की सूचना मिलते ही दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास सक्रिय हो गया। अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों और बचाए गए नाविकों से मुलाकात की।
दूतावास लगातार जहाज मालिक और स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है ताकि भारतीय नागरिकों को हर संभव मदद मिल सके। सरकार की ओर से कहा गया है कि सभी बचे हुए नाविक सुरक्षित हैं और उनकी निगरानी की जा रही है।
क्यों अहम है स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज?
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया का सबसे व्यस्त और रणनीतिक समुद्री मार्ग माना जाता है। खाड़ी देशों से निकलने वाला बड़ा हिस्सा तेल इसी रास्ते से दुनिया भर में पहुंचता है।
हाल के दिनों में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव की वजह से यह इलाका बेहद संवेदनशील बना हुआ है। कई बार यहां जहाजों पर हमले, ड्रोन गतिविधियां और सैन्य तनाव की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
भारत की बढ़ी चिंता
कुछ दिन पहले विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी थी कि कई भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पार कर चुके हैं, लेकिन अभी भी कुछ भारतीय जहाज फारस की खाड़ी क्षेत्र में मौजूद हैं।
ऐसे में इस हादसे ने भारतीय समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है। भारत सरकार लगातार ईरानी अधिकारियों और क्षेत्रीय एजेंसियों से संपर्क बनाए हुए है ताकि भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
समुद्री सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि तनावग्रस्त समुद्री क्षेत्रों में छोटे और पारंपरिक जहाज सबसे ज्यादा जोखिम में रहते हैं।
फिलहाल हादसे की जांच शुरू कर दी गई है और आग लगने के सही कारणों का पता लगाया जा रहा है।