आखिर आदिवासी परिवार के घर भोजन करने क्यों पहुंचे CM भजनलाल?

जालोर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक आदिवासी परिवार के घर पहुंचकर भोजन किया और किसानों-पशुपालकों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने खेती, बिजली और सिंचाई को लेकर कई अहम घोषणाएं भी कीं।

May 14, 2026 - 12:09
आखिर आदिवासी परिवार के घर भोजन करने क्यों पहुंचे CM भजनलाल?

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बुधवार को जालोर जिले के पंसेरी गांव पहुंचे, जहां उन्होंने ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद एक आदिवासी परिवार के घर जाकर भोजन किया। मुख्यमंत्री के इस दौरे ने ग्रामीणों और स्थानीय लोगों के बीच खासा आकर्षण पैदा किया। मुख्यमंत्री ने पंसेरी गांव निवासी भेमाराम भील के घर पहुंचकर परिवार के साथ आत्मीयता से समय बिताया। इस दौरान उन्होंने परिवार के सदस्यों से बातचीत की और ग्रामीण जीवन, खेती और पशुपालन से जुड़ी जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री के आदिवासी परिवार के घर भोजन करने की तस्वीरें सामने आने के बाद यह दौरा चर्चा का विषय बन गया।

चौपाल में किसानों और पशुपालकों से सीधा संवाद

पंसेरी गांव में आयोजित ग्राम विकास चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों और पशुपालकों से सीधे संवाद किया। उन्होंने किसानों से रासायनिक खाद का कम इस्तेमाल करने और जैविक खेती को अपनाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा पीढ़ी को खेती से जुड़ना चाहिए और कृषि को रोजगार के मजबूत माध्यम के रूप में विकसित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांवों के समग्र विकास के लिए “मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-वार्ड अभियान” चला रही है, जिसके तहत हर पंचायत का सुनियोजित विकास किया जाएगा।

सिंचाई परियोजनाओं को लेकर बड़ा दावा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि किसानों की सिंचाई जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई बड़ी परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, इंदिरा गांधी नहर परियोजना और गंगनहर के सुदृढ़ीकरण के कार्यों को गति दी गई है। इसके अलावा माही और देवास परियोजनाओं पर भी तेजी से काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोम-कमला-अंबा परियोजना के जरिए जवाई बांध तक पानी पहुंचाया जाएगा, जिससे जालोर, पाली और सिरोही जिलों को बड़ा फायदा मिलेगा।

2027 तक किसानों को दिन में बिजली देने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने किसानों को राहत देने के लिए बिजली व्यवस्था पर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के 24 जिलों में किसानों को दिन के समय बिजली आपूर्ति दी जा रही है और वर्ष 2027 तक यह व्यवस्था पूरे राजस्थान में लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने किसानों से ड्रिप और स्प्रिंकलर तकनीक अपनाने की अपील करते हुए कहा कि इससे पानी की बचत होगी और खेती की लागत भी कम होगी।

पशुपालकों के लिए योजनाओं का जिक्र

मुख्यमंत्री ने पशुपालकों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना और मंगला पशु बीमा योजना के जरिए पशुपालकों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। इसके अलावा दुग्ध उत्पादक संबल योजना के तहत 5 रुपये प्रति लीटर अनुदान दिया जा रहा है। राज्यभर में दुग्ध संकलन केंद्रों की संख्या बढ़ाई जा रही है और पशुओं के इलाज के लिए मोबाइल यूनिट वैन की सुविधा भी शुरू की गई है।

गेहूं खरीद पर बोनस और फसल बीमा का जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि किसानों को सम्मान निधि के साथ गेहूं खरीद पर 150 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को फसल नुकसान का त्वरित क्लेम भुगतान भी किया जा रहा है।

ग्रामीणों में दिखा उत्साह

मुख्यमंत्री के गांव दौरे और आदिवासी परिवार के घर भोजन करने को लेकर ग्रामीणों में उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में ग्रामीण कार्यक्रम में मौजूद रहे और किसानों ने अपनी समस्याएं भी मुख्यमंत्री के सामने रखीं।

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