PM मोदी ने क्यों कहा- घर से काम करें”, WFH से गोल्ड तक… आखिर क्यों बदल रही है सरकार की रणनीति?

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से क्या कहा जानिए...

May 11, 2026 - 12:15
PM मोदी ने क्यों कहा- घर से काम करें”, WFH से गोल्ड तक… आखिर क्यों बदल रही है सरकार की रणनीति?

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर पैदा हुए संकट ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला दिया है। इसी बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों के नाम एक बड़ी और अहम अपील जारी की है, जिसका सीधा संबंध देश की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता से है। तेलंगाना में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालातों को देखते हुए हर नागरिक को “राष्ट्रहित पहले” की भावना के साथ कदम उठाने होंगे।

क्या हैं पीएम मोदी की प्रमुख अपीलें?

प्रधानमंत्री ने देशवासियों से कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की अपील की है, जिनमें शामिल हैं: 

  • पेट्रोल और डीजल का सीमित उपयोग
  • शहरों में मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का अधिक इस्तेमाल
  • कार पूलिंग को बढ़ावा देना
  • इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का अधिक उपयोग
  • पार्सल और माल ढुलाई के लिए रेलवे सेवाओं का उपयोग
  • जहां संभव हो, वर्क फ्रॉम होम अपनाना
  • और एक साल तक सोना खरीदने व विदेश यात्रा टालने पर विचार करना

WFH की फिर क्यों हुई चर्चा?

कोविड महामारी के बाद एक बार फिर वर्क फ्रॉम होम (WFH) मॉडल चर्चा में आ गया है। सरकार का मानना है कि यदि लोग घर से काम करेंगे तो—

  • रोजाना की ट्रैफिक भीड़ कम होगी
  • पेट्रोल-डीजल की खपत घटेगी
  • बिजली और ऑफिस संचालन का खर्च कम होगा
  • और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के अनुसार, अगर कर्मचारी सप्ताह में सिर्फ एक दिन भी घर से काम करें, तो वैश्विक स्तर पर तेल की खपत में उल्लेखनीय गिरावट आ सकती है।

वैश्विक संकट का असर

थाईलैंड, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश और फिलीपींस जैसे देशों ने पहले ही ऊर्जा बचत के लिए WFH और कम ऑफिस उपस्थिति जैसी नीतियां लागू की हैं। भारत भी अब उसी दिशा में कदम बढ़ाता नजर आ रहा है।

भारत पर तेल संकट का खतरा

भारत अपनी जरूरत का लगभग 70% कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में किसी भी तरह की बाधा सीधे भारत की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार

  • कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं
  • ट्रांसपोर्ट और सामान महंगे हो सकते हैं
  • महंगाई दर में उछाल आ सकता है

सोना न खरीदने की अपील क्यों?

प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से एक साल तक सोना न खरीदने की भी अपील की है। भारत दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड आयातकों में से एक है और इसमें भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है।

यदि सोने की खरीद कम होती है, तो 

  • विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम होगा
  • रुपये को स्थिर रखने में मदद मिलेगी
  • और देश की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है

आगे क्या हो सकता है?

फिलहाल यह केवल एक अपील है, लेकिन अगर वैश्विक संकट और बढ़ता है तो सरकार की ओर से आगे और सख्त दिशानिर्देश या एडवाइजरी भी जारी की जा सकती है।

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