45 डिग्री की भीषण गर्मी में गायों को मिल रही ‘AC’ जैसी ठंडक, बीकानेर की इस गौशाला के इंतजाम चर्चा में

राजस्थान की भीषण गर्मी में जहां इंसान बेहाल हैं, वहीं बीकानेर की एक गौशाला ने बेजुबान गायों को राहत देने के लिए खास इंतजाम किए हैं। ठंडे पानी, वाटर कूलर और लगातार छिड़काव की व्यवस्था अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है।

May 15, 2026 - 17:28
45 डिग्री की भीषण गर्मी में गायों को मिल रही ‘AC’ जैसी ठंडक, बीकानेर की इस गौशाला के इंतजाम चर्चा में

राजस्थान इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। रेगिस्तानी इलाकों से चल रही तपती हवाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। बीकानेर समेत प्रदेश के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच चुका है। दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आने लगी हैं और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। इस भीषण गर्मी का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, बल्कि बेजुबान पशुओं पर भी साफ दिखाई दे रहा है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण गौशालाओं में रहने वाले गौवंश भी परेशान हैं। ऐसे हालातों के बीच बीकानेर की गंगा जुबली पिंजरा पोल गौशाला ने एक ऐसी पहल शुरू की है, जिसकी हर तरफ सराहना हो रही है।

गायों के लिए शुरू की गई खास व्यवस्था

गौशाला प्रबंधन ने बढ़ती गर्मी को देखते हुए गौवंश को राहत देने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। यहां गायों के लिए ठंडे और स्वच्छ पानी की व्यवस्था की गई है। इसके लिए बड़े वाटर कूलर लगाए गए हैं ताकि तेज गर्मी में पशुओं को राहत मिल सके। गौशाला में मौजूद गायों को नियमित रूप से ठंडा पानी पिलाया जा रहा है, जिससे वे डिहाइड्रेशन और लू जैसी समस्याओं से बच सकें। गौसेवकों का कहना है कि लगातार बढ़ते तापमान के कारण पशु भी कमजोर पड़ने लगे थे, इसलिए यह कदम जरूरी हो गया था।

जमीन ठंडी रखने के लिए लगातार पानी का छिड़काव

सिर्फ ठंडे पानी तक ही व्यवस्था सीमित नहीं है। गौशाला परिसर में गायों के बैठने वाले स्थानों पर लगातार पानी का छिड़काव किया जा रहा है ताकि जमीन ज्यादा गर्म न हो। इसके अलावा गौशाला में छायादार व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। टीन शेड और कपड़ों की मदद से ऐसी व्यवस्था बनाई गई है जिससे पशु सीधे धूप के संपर्क में न आएं। गौसेवक लगातार पशुओं की निगरानी कर रहे हैं और किसी भी गाय की तबीयत बिगड़ने पर तुरंत उपचार की व्यवस्था की जा रही है।

इंसानों के साथ बेजुबानों की चिंता भी जरूरी

भीषण गर्मी के इस दौर में जहां लोग अपने घरों में कूलर और एसी का सहारा ले रहे हैं, वहीं बीकानेर की इस गौशाला ने यह संदेश दिया है कि बेजुबान पशुओं की देखभाल भी उतनी ही जरूरी है। स्थानीय लोग गौशाला की इस पहल की जमकर सराहना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि इस तरह की संवेदनशील पहल समाज के लिए प्रेरणा है और इससे पशु प्रेम व मानवता का संदेश मिलता है।

गर्मी में पशुओं को सबसे ज्यादा खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार लगातार बढ़ते तापमान से पशुओं में डिहाइड्रेशन, कमजोरी और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं। खासतौर पर रेगिस्तानी इलाकों में रहने वाले गौवंश को गर्म हवाओं से बचाना बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे में समय पर ठंडा पानी, छाया और देखभाल पशुओं की जान बचाने में अहम भूमिका निभाती है।

बीकानेर की पहल बनी मिसाल

गंगा जुबली पिंजरा पोल गौशाला की यह पहल अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गई है। भीषण गर्मी के बीच गौवंश को राहत देने के लिए किए गए इंतजाम लोगों को इंसानियत और पशु सेवा का संदेश दे रहे हैं।

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