बाड़मेर बॉर्डर के धोरों में एक और ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़: 6 महीने में 12 किमी क्षेत्र में दूसरी एमडी फैक्ट्री पकड़ी, जालोर से मिले इनपुट पर कार्रवाई

बाड़मेर जिले के सेड़वा थाना क्षेत्र के भैरूड़ी गांव में रेत के धोरों से घिरे सुनसान इलाके में एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स बनाने की एक और फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया। यह कार्रवाई जालोर जिले के खारा में 4 फरवरी को पकड़ी गई फैक्ट्री से मिले इनपुट पर एएनटीएफ और बाड़मेर पुलिस ने की। 6 महीने में इस 12 किमी क्षेत्र में दूसरी ऐसी फैक्ट्री पकड़ी गई, जहां बड़ी मात्रा में केमिकल और उपकरण जब्त हुए। एक युवक डिटेन, पूछताछ जारी। बॉर्डर के निकट ऐसे सुनसान धोरों में ड्रग तस्करों का नेटवर्क बढ़ता जा रहा है।

Feb 5, 2026 - 16:12
बाड़मेर बॉर्डर के धोरों में एक और ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़: 6 महीने में 12 किमी क्षेत्र में दूसरी एमडी फैक्ट्री पकड़ी, जालोर से मिले इनपुट पर कार्रवाई

राजस्थान के बाड़मेर जिले में भारत-पाकिस्तान सीमा के निकट रेगिस्तानी इलाकों (धोरों) में ड्रग तस्करों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। हाल ही में एएनटीएफ (अ Anti Narcotics Task Force) और बाड़मेर पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। सेड़वा थाना क्षेत्र के भैरूड़ी गांव में छिपाकर लगाई गई एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया है। यह कार्रवाई जालोर जिले में कुछ दिन पहले पकड़ी गई एक अन्य ड्रग फैक्ट्री से मिले इनपुट के आधार पर की गई।

फैक्ट्री की लोकेशन और छिपाने का तरीका

फैक्ट्री को सुनसान रेगिस्तानी इलाके में चारों तरफ रेत के ऊंचे धोरों से घिरे स्थान पर स्थापित किया गया था। आसपास कोई आबादी नहीं है, न ही लोग आते-जाते हैं। तस्करों ने जानबूझकर ऐसी जगह चुनी जहां जांच एजेंसियों की नजर कम पड़ती हो। यहां एमडी ड्रग बनाने का काम चल रहा था, जिसमें बड़ी मात्रा में केमिकल और अन्य सामग्री मौजूद थी।

कार्रवाई का विवरण

कार्रवाई गुरुवार को सुबह 9 बजे शुरू हुई और टीमों ने पूरे दिन इलाके की तलाशी ली।एनसीबी (Narcotics Control Bureau) को सूचना मिलने पर उनकी टीम भी मौके पर पहुंची।फिलहाल एक युवक को डिटेन किया गया है, जिससे गहन पूछताछ की जा रही है।मौके से बड़ी मात्रा में कैमिकल जब्त किए गए हैं, हालांकि अभी सटीक मात्रा और मूल्य का आकलन किया जा रहा है।

जालोर कनेक्शन और पिछली कार्रवाई

यह फैक्ट्री जालोर जिले के खारा क्षेत्र में 4 फरवरी को पकड़ी गई एमडी फैक्ट्री से जुड़ी हुई है। जालोर में एनसीबी, एएनटीएफ और जालोर पुलिस की टीम ने खुफिया सूचना पर छापा मारा था, जहां एक अस्थाई रासायनिक प्रयोगशाला मिली थी। वहां से जब्त सामग्री में शामिल थे:4 ड्रम केमिकल,20 हजार मिलीलीटर का बोरोसिल ग्लास जार,2 हजार मिलीलीटर के 4 बोरोसिल जार,3 हॉट प्लेट,चुंबकीय स्टरर, स्टरर, वजन मशीन, रबर पाइप, थर्मामीटर आदि उपकरण। जालोर फैक्ट्री में आरोपियों ने पहली खेप के रूप में 5 किलो एमडी बनाने की कोशिश की थी, जिसमें से 4.910 किलो तैयार हुआ (हालांकि पूरी तरह तैयार नहीं था)। कुल प्लानिंग 50 किलो एमडी बनाने की थी। जालोर में 3 लोगों को डिटेन किया गया था, जिनसे पूछताछ के दौरान भैरूड़ी गांव वाली फैक्ट्री की जानकारी मिली।

6 महीने में दूसरी फैक्ट्री

यह क्षेत्र ड्रग तस्करों के लिए हॉटस्पॉट बनता जा रहा है। इससे पहले 23 जुलाई 2025 को बाड़मेर पुलिस ने सेड़वा उपखंड के धोलकिया और खरटिया गांव के पास धोरों में एक एमडी फैक्ट्री पकड़ी थी। दोनों फैक्टरियां करीब 12 किलोमीटर की दूरी पर हैं। इस तरह मात्र 6 महीने के अंदर एक ही 12 किमी के इलाके में दो बड़ी एमडी फैक्टरियां पकड़ी गई हैं, जो तस्करों के नेटवर्क की गहराई को दर्शाता है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.