राहुल गांधी को 'अबोध बालक' कहने पर भड़कीं प्रियंका गांधी वाड्रा, सरकार पर साधा निशाना
राज्यसभा में जेपी नड्डा ने राहुल गांधी को 'अबोध बालक' कहकर निशाना साधा, जिस पर प्रियंका गांधी वाड्रा भड़क गईं और कहा कि यह बात करने का कौनसा तरीका है? उन्होंने सरकार पर सवाल उठाए कि क्या वे राहुल के बोलने से डर रहे हैं, एपस्टीन फाइल्स या भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर सवालों से? प्रियंका ने डील को किसानों के खिलाफ बताया, जबकि सरकार ने इसका बचाव किया। संसद में हंगामा जारी है।
नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र में राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। राज्यसभा में गुरुवार, 5 फरवरी 2026 को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और बीजेपी नेता जेपी नड्डा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से बहस के दौरान एक तीखी टिप्पणी की, जिसने सदन में हंगामा मचा दिया। नड्डा ने बिना नाम लिए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को इंगित करते हुए कहा, "अपनी पार्टी को 'अबोध बालक' का बंधक मत बनाइए।" उन्होंने खड़गे की वरिष्ठता का जिक्र करते हुए कहा कि वे इतने अनुभवी हैं कि पार्टी को किसी "अबोध बालक" (निर्दोष या अनुभवहीन बच्चे) के कब्जे में नहीं होने देना चाहिए। इस टिप्पणी के बाद सदन में विपक्षी सांसदों ने जोरदार विरोध जताया और हंगामा हो गया।
प्रियंका गांधी का गुस्से भरा पलटवार
राहुल गांधी की बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा इस टिप्पणी पर बुरी तरह भड़क गईं। सदन के बाहर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने तीखे लहजे में कहा, "उन्हें बोलने की अनुमति दी जानी चाहिए। यह बात करने का कौनसा तरीका है? क्या किसी के बारे में बात करने का यही तरीका है? वो किस बात से डर रहे हैं?"
प्रियंका ने आगे सवाल उठाते हुए कहा, "क्या वो किसी किताब से उद्धरण देंगे? या वो एपस्टीन फाइलों से डर रहे हैं? या फिर इस बात से कि हम उनसे भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर सवाल करेंगे?" उनका इशारा साफ था कि सरकार राहुल गांधी की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है, क्योंकि वे ट्रेड डील जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सवाल उठा रहे हैं।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कांग्रेस का हमला
यह विवाद भारत-अमेरिका ट्रेड डील के इर्द-गिर्द घूम रहा है, जिस पर कांग्रेस लगातार सरकार पर हमलावर है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने दावा किया है कि यह डील भारतीय किसानों के हितों के खिलाफ है और इससे उन्हें नुकसान होगा। प्रियंका ने स्पष्ट कहा कि डील से किसानों को कोई फायदा नहीं, बल्कि भारी नुकसान होगा।
दूसरी ओर, सरकार ने इन आरोपों का खंडन किया है। सरकार का कहना है कि ट्रेड डील किसानों सहित सभी क्षेत्रों के हितों का ध्यान रखते हुए तैयार की गई है और यह भारत के लिए फायदेमंद साबित होगी। राहुल गांधी ने पहले भी दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर "अमेरिकी दबाव" में डील पर हस्ताक्षर करने पड़े हैं।
संसद में जारी गहमागहमी
बजट सत्र के दौरान लोकसभा और राज्यसभा दोनों में विपक्षी सांसदों के निलंबन, ट्रेड डील और अन्य मुद्दों पर हंगामा जारी है। नड्डा की टिप्पणी ने कांग्रेस को एकजुट कर दिया है, जबकि सत्ता पक्ष इसे कांग्रेस की "अराजकता" बताकर पेश कर रहा है। यह घटना संसद में सियासी जंग को और तेज करने वाली साबित हो रही है।