राजस्थान की भर्तियों पर बड़ा सवाल, अशोक गहलोत ने उठाई निष्पक्षता की मांग.
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कर्मचारी चयन बोर्ड के कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद राजस्थान में पिछले दो वर्षों में हुई सभी भर्ती परीक्षाओं की जांच की मांग की है। उन्होंने ओएमआर शीट में अंदरूनी गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए और पेपर लीक मुद्दे पर भाजपा पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
जयपुर:- राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कर्मचारी चयन बोर्ड के कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद पिछले दो वर्षों में आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
ओएमआर शीट में अंदरूनी खेल का खुलासा
गहलोत ने कहा कि हाल ही में सामने आए मामलों में यह साफ हो गया है कि ओएमआर शीट में गड़बड़ी बाहरी नहीं बल्कि बोर्ड के भीतर बैठे कर्मचारियों द्वारा की गई। ऐसे में यह संदेह पैदा होता है कि इस अवधि में हुई अन्य परीक्षाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।
भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल
पूर्व सीएम ने कहा कि जब चयन बोर्ड के अपने ही कर्मचारी संलिप्त पाए जा रहे हैं, तो पूरी भर्ती प्रणाली की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है। उन्होंने मांग की कि
2 साल में हुई सभी परीक्षाओं की
स्वतंत्र एजेंसी से
समयबद्ध जांच करवाई जाए।
पेपर लीक पर राजनीति का आरोप
अशोक गहलोत ने भाजपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर राजनीति की जा रही है, जबकि जरूरत युवाओं को न्याय दिलाने की है। उन्होंने कहा कि सरकार को आरोप-प्रत्यारोप छोड़कर ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।
युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
गहलोत ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित होता है। ऐसे मामलों में केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पूरा सच सामने लाना और दोषियों को सख्त सजा देना जरूरी है।