जैसलमेर कांग्रेस में एकता का संदेश: अमरदीन फकीर के 39वें जन्मदिन पर पूर्व MLA रूपाराम का जोरदार डांस, पूर्व मंत्रियों ने बजाई तालियां
जैसलमेर कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर के 39वें जन्मदिन समारोह में पूर्व विधायक रूपाराम धनदेव ने जमकर डांस किया, जबकि पूर्व मंत्री हरीश चौधरी और सालेह मोहम्मद ने तालियां बजाईं। लंबे समय से चली आ रही गुटबाजी के बीच दोनों धड़ों के नेताओं की एक मंच पर मौजूदगी ने पार्टी में एकता का मजबूत संदेश दिया। बाड़मेर के नेताओं की उपस्थिति ने आयोजन को क्षेत्रीय महत्व प्रदान किया।
राजस्थान की मरुधरा राजनीति में अक्सर अप्रत्याशित मोड़ आते रहते हैं। सरहदी जिला जैसलमेर में हाल ही में एक ऐसा आयोजन हुआ, जिसने न केवल कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी की चर्चाओं को विराम दिया, बल्कि आने वाले चुनावों के लिए एकजुटता का मजबूत संदेश भी दे दिया। मौका था जैसलमेर कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर के 39वें जन्मदिन का, जो एक निजी होटल में धूमधाम से मनाया गया। लेकिन सुर्खियां बटोरीं पूर्व विधायक रूपाराम धनदेव के जोरदार डांस ने, जिस पर पूर्व मंत्रियों ने खूब तालियां बजाईं।
जन्मदिन से आगे बढ़ा राजनीतिक मंच आयोजन शुरू तो जन्मदिन समारोह के रूप में हुआ, लेकिन जल्द ही यह कांग्रेस की एकता का प्रतीक बन गया। अमरदीन फकीर के सम्मान में 39 केक काटे गए, जो उनकी उम्र का प्रतीक थे। नेताओं ने इसे सिर्फ व्यक्तिगत उत्सव नहीं, बल्कि 2026 के पंचायत एवं निकाय चुनावों और 2028 के विधानसभा चुनावों की तैयारी का संकेत बताया। मंच से स्पष्ट संदेश दिया गया कि कांग्रेस में अब कोई फूट नहीं है। सभी नेता एकजुट होकर संगठन को मजबूत करने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे।यह आयोजन इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि जैसलमेर कांग्रेस लंबे समय से दो प्रमुख गुटों में बंटी रही है – एक फकीर परिवार का खेमा (मुस्लिम समुदाय आधारित) और दूसरा धनदेव परिवार का खेमा (मेघवाल समुदाय आधारित)। पिछले चुनावों में इस आपसी खींचतान का खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ा था। लेकिन इस जन्मदिन समारोह में दोनों गुटों के प्रमुख नेता एक ही मंच पर नजर आए, जो बदले हुए माहौल का स्पष्ट संकेत था।
डांस वीडियो ने मचाई हलचल कार्यक्रम का सबसे चर्चित हिस्सा रहा संगीत और डांस का सेशन। जैसे ही संगीत की धुनें बजीं, पूर्व विधायक रूपाराम धनदेव खुद को रोक नहीं पाए और मंच पर थिरकने लगे। उनका सदाबहार अंदाज देखते ही बनता था। इस दौरान पूर्व मंत्री हरीश चौधरी और पूर्व अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री सालेह मोहम्मद तालियां बजाते दिखे। एक ही जाजम पर बैठे नेताओं की यह तस्वीर उन अफवाहों का करारा जवाब थी, जिनमें जैसलमेर कांग्रेस को विभाजित बताया जाता रहा है।यह डांस वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले 31 दिसंबर 2025 की न्यू ईयर पार्टी में भी रूपाराम धनदेव का एक डांस वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने गमछा घुमाते हुए लोकप्रिय गाने 'तेजल लीलण सुपर-डुपर' पर जमकर ठुमके लगाए थे। अब जन्मदिन वाले इस दूसरे वीडियो ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। कुछ इसे नेताओं की मस्ती और हल्के-फुल्के माहौल के रूप में देख रहे हैं, तो कुछ इसे एकता के प्रतीक के तौर पर।
बाड़मेर-जैसलमेर की जुगलबंदी आयोजन में जैसलमेर के साथ-साथ पड़ोसी जिले बाड़मेर के नेता भी बड़ी संख्या में पहुंचे, जिसने इसे क्षेत्रीय स्तर पर और महत्वपूर्ण बना दिया। मौजूद नेताओं में पूर्व मंत्री हरीश चौधरी, पूर्व मंत्री सालेह मोहम्मद, बाड़मेर जिलाध्यक्ष लक्ष्मण गोदारा, जिला प्रमुख महेंद्र चौधरी सहित कई वरिष्ठ कांग्रेसजन शामिल थे। यह बाड़मेर-जैसलमेर की राजनीतिक जुगलबंदी की झलक थी, जो कांग्रेस के लिए आने वाले चुनावों में मजबूती का संकेत देती है।
जिलाध्यक्ष अमरदीन की बड़ी चुनौती पूरी अमरदीन फकीर के जिलाध्यक्ष बनने के बाद सबसे बड़ी चुनौती यही थी कि वे दोनों गुटों को एक मंच पर ला पाएंगे या नहीं। लंबे समय से चली आ रही गुटबाजी के कारण पार्टी को नुकसान उठाना पड़ रहा था। लेकिन इस जन्मदिन आयोजन में दोनों पक्षों के नेताओं की उपस्थिति और उत्साहपूर्ण माहौल ने साबित कर दिया कि अमरदीन इसमें सफल रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इससे जैसलमेर कांग्रेस को नई ताकत मिलेगी और संगठन मजबूत होगा।
आगे की राह यह आयोजन सिर्फ एक जन्मदिन पार्टी नहीं था, बल्कि कांग्रेस की चुनावी तैयारियों का शुभारंभ था। नेताओं ने साफ कहा कि पुराने मतभेद भुलाकर अब सभी एकजुट होकर मैदान में उतरेंगे। जैसलमेर की राजनीति में यह बदलाव सरहदी क्षेत्र के लिए सकारात्मक संदेश है, जहां एकता और विकास की जरूरत हमेशा रही है।