चलती ट्रेन में युवती पर कांच की बोतल से हमला: नाक, मुंह और सिर पर गंभीर चोटें, ट्रेन रोककर उतारा गया अस्पताल
उदयपुर से अजमेर जा रही एक्सप्रेस ट्रेन में गुरुवार सुबह देबारी के पास मेघवालों की घाटी में एक युवती पर चलती ट्रेन में किसी अज्ञात व्यक्ति ने कांच की बोतल फेंककर हमला किया, जिससे उसके नाक, मुंह और सिर पर गंभीर चोटें आईं। युवती चिल्लाई तो यात्रियों ने चेन खींचकर ट्रेन रोकी, कांच के टुकड़े मिले। बहन के साथ सफर कर रही युवती को देबारी स्टेशन पर स्ट्रेचर से उतार अस्पताल पहुंचाया गया। रेलवे पुलिस जांच में जुटी, हमलावर की तलाश जारी।
उदयपुर से अजमेर जा रही उदयपुर-अजमेर एक्सप्रेस ट्रेन में एक shocking घटना ने यात्रियों में दहशत फैला दी। गुरुवार सुबह ट्रेन के चलते समय एक युवती पर अज्ञात व्यक्ति ने कांच की बोतल फेंककर हमला कर दिया, जिससे उसके चेहरे और सिर पर गंभीर चोटें आईं। युवती के नाक, मुंह और सिर से खून बहने लगा और वह जोर-जोर से चिल्लाने लगी।
घटना का विवरण इस प्रकार है:
ट्रेन उदयपुर से अजमेर की ओर जा रही थी और यह घटना सुबह करीब 11:30 बजे राणा प्रताप नगर स्टेशन से रवाना होने के बाद देबारी के पास मेघवालों की घाटी गांव के निकट हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक युवती की चीख सुनाई दी, जिससे आसपास के यात्री भागकर उसके पास पहुंचे। युवती के नाक के पास गहरा घाव था और खून बह रहा था। उसके बैठने की जगह पर कांच के टुकड़े बिखरे पड़े थे, जिससे संकेत मिलता है कि किसी ने बाहर से कांच की बोतल फेंकी होगी।
यात्रियों ने तुरंत इमरजेंसी चेन खींचकर ट्रेन को रोक दिया। ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में यात्री एकत्र हो गए। कुछ दूरी पर हमलावर को देखने की कोशिश की गई, लेकिन कोई नजर नहीं आया। ट्रेन को रोकने के बाद करीब 1 किलोमीटर आगे देबारी रेलवे स्टेशन पर युवती को स्ट्रेचर पर उतारा गया। लगभग 15 मिनट बाद एंबुलेंस पहुंची और घायल युवती को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। ट्रेन के रुकने के बाद रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
युवती अपनी बहन के साथ ट्रेन में सफर कर रही थी। हमले के कारण और मकसद अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। रेलवे पुलिस हमलावर की तलाश में जुटी हुई है और सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा अन्य सुरागों के आधार पर जांच कर रही है।
प्रत्यक्षदर्शी एडवोकेट मधु गर्ग ने घटना का वर्णन करते हुए बताया, "ट्रेन राणा प्रताप नगर से 11:30 बजे रवाना हुई थी। मेघवालों की घाटी के पास युवती की चिल्लाहट सुनकर हम दौड़े। उसके चेहरे पर खून बह रहा था। लोगों ने चेन खींची और ट्रेन रोकी। कांच के टुकड़े मिले, शायद बोतल फेंकी गई। देबारी स्टेशन पर स्ट्रेचर पर उतारा गया और एंबुलेंस आई।"