मरीज युवती से छेड़छाड़ के आरोप: पीएचसी प्रभारी डॉक्टर पर गंभीर इल्ज़ाम, ग्रामीणों ने लगाया ताला, 7 दिन में निलंबन की मांग
राजस्थान के भरतपुर जिले के हलैना थाना क्षेत्र के झालाटाला गांव स्थित पीएचसी में प्रभारी डॉक्टर पर इलाज के लिए आई 20 वर्षीय युवती से छेड़छाड़ करने और पर्ची पर अपना निजी मोबाइल नंबर लिखकर बात करने के लिए कहने का गंभीर आरोप लगा है। ग्रामीणों ने डॉक्टर के खिलाफ प्रदर्शन कर पीएचसी पर ताला जड़ दिया और 7 दिनों में निलंबन की मांग की। डॉक्टर ने आरोपों से इनकार करते हुए खुद को धमकियां मिलने का दावा किया है। प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया है।
राजस्थान के भरतपुर जिले के हलैना क्षेत्र के अंतर्गत झालाटाला गांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां के प्रभारी डॉक्टर पर इलाज के लिए आई 20 वर्षीय युवती से छेड़छाड़ करने और उसकी पर्ची पर अपना निजी मोबाइल नंबर लिखकर बात करने के लिए कहने का आरोप लगा है। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने भारी आक्रोश जताया और पीएचसी पर ताला जड़कर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने डॉक्टर को 7 दिनों के अंदर निलंबित करने की मांग की है।
घटना का विवरण
घटना 19 जनवरी को दोपहर करीब 12 बजे की बताई जा रही है। झालाटाला गांव की 20 वर्षीय युवती अपनी दादी के साथ खांसी-जुकाम जैसी सामान्य शिकायत लेकर पीएचसी पहुंची थी। ग्रामीणों के अनुसार, डॉक्टर ने दादी को ओपीडी से पर्ची लेने के लिए बाहर भेज दिया। इसी दौरान चेकअप के बहाने डॉक्टर ने युवती के साथ अश्लील हरकत की। जब दादी पर्ची लेकर लौटीं, तो डॉक्टर ने दवाइयां लिख दीं।
इसके बाद डॉक्टर ने युवती की पर्ची पर अपना निजी मोबाइल नंबर लिखकर बात करने के लिए कहा। युवती घर लौटने के बाद अपनी मां को पूरी घटना बताई। उस समय पिता घर पर नहीं थे। पिता के आने पर परिवार वाले 20 जनवरी को पीएचसी पहुंचे, लेकिन डॉक्टर दो दिनों की छुट्टी पर चले गए थे और वहां नहीं मिले।
ग्रामीणों का प्रदर्शन और प्रशासन की प्रतिक्रिया
परिवार और ग्रामीणों के आक्रोश के बाद सूचना मिलते ही वैर तहसीलदार और बीसीएमएचओ (भुसावर) मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि 7 दिनों के अंदर जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। इस आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए और प्रदर्शन समाप्त हुआ। प्रदर्शन के दौरान पीएचसी पर करीब 2 घंटे तक हंगामा रहा और ग्रामीणों ने अस्पताल पर ताला लगा दिया था।
डॉक्टर का पक्ष
पीएचसी प्रभारी डॉक्टर धर्मेंद्र ने आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने युवती के साथ कोई अश्लील हरकत नहीं की। उल्टे अब उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, जिस कारण वे अस्पताल नहीं आ रहे हैं। डॉक्टर ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि यह झूठा आरोप है और वे जांच के लिए तैयार हैं।