सेना की वर्दी से तस्करी का रास्ता: गोधूराम का चौंकाने वाला सफर!

सेना का जवान गोधूराम, जो वर्दी में देश सेवा का दम भरता था, छुट्टी पर आते ही अपराध की गहरी खाई में क्यों उतर गया? सांचौर के तस्करों के साथ दोस्ती, जोधपुर के ड्रग माफिया श्रवण बिश्नोई का साथ, और मणिपुर से अफीम की खेप लाने का खतरनाक खेल! गर्लफ्रेंड देवी को 50 हजार रुपये देकर बनाया सुरक्षा कवच, मगर 7 जुलाई 2025 को दिल्ली पुलिस ने कालिंदी कुंज के पास SUV में छिपी 18 किलो अफीम के साथ गोधूराम, देवी और पीराराम को दबोच लिया। क्या इस ड्रग रैकेट का काला सच सामने आएगा?

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
July 10, 2025 • 12:12 PM  235
राजस्थान
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10 Jul 2025
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सेना की वर्दी से तस्करी का रास्ता: गोधूराम का चौंकाने वाला सफर!

भारतीय सेना की वर्दी में देश सेवा की शपथ लेने वाला एक जवान, गोधूराम, कैसे अपराध की दुनिया में उतर गया? यह कहानी न केवल हैरान करने वाली है, बल्कि यह भी दिखाती है कि लालच और ऐशो-आराम की चाह इंसान को किस हद तक गलत रास्ते पर ले जा सकती है। राजस्थान के बालोतरा जिले के सिणधरी थाना क्षेत्र के दुर्गुंडा कादानाड़ी गांव का रहने वाला गोधूराम, जो सेना में कॉन्स्टेबल था, अब ड्रग तस्करी के आरोप में सलाखों के पीछे है। उसके साथ उसकी गर्लफ्रेंड देवी और दोस्त पीराराम भी गिरफ्तार किए गए हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 7 जुलाई 2025 को कालिंदी कुंज के पास इन तीनों को 18 किलो 108 ग्राम अफीम के साथ धर दबोचा।

तस्कर बनने की शुरुआत: छुट्टी पर आया, वापस नहीं लौटा

गोधूराम गुजरात के कच्छ में सेना में कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात था। फरवरी 2024 में वह तीन महीने की छुट्टी लेकर अपने गांव आया, लेकिन इसके बाद वह ड्यूटी पर वापस नहीं लौटा। छुट्टियों के दौरान उसकी मुलाकात सांचौर के तस्कर भागीरथ से हुई। भागीरथ की चमचमाती SUV गाड़ियां, शाही लाइफस्टाइल और मोटी कमाई ने गोधूराम को लालच के रास्ते पर धकेल दिया। भागीरथ ने उसे बताया कि वह जोधपुर के कुख्यात तस्कर श्रवण बिश्नोई के लिए काम करता है, जो मणिपुर से अफीम लाकर दिल्ली और जोधपुर में सप्लाई करता है। यह सुनकर गोधूराम ने सेना की वर्दी उतार दी और तस्करी की दुनिया में कदम रख दिया। 

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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