नाले में दौड़ता दिखा ट्रैक्टर, लोग रह गए हैरान! मानसून से पहले शुरू हुई अनोखी मुहिम...

मारवाड़ जंक्शन में नाले के अंदर ट्रैक्टर चलते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि यह कोई लापरवाही नहीं, बल्कि मानसून से पहले नगरपालिका द्वारा चलाया जा रहा विशेष सफाई अभियान है, जिसके तहत मुख्य नालों की गहराई तक सफाई कर जलभराव की समस्या को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है।

Jun 3, 2026 - 10:57
Jun 3, 2026 - 11:00
नाले में दौड़ता दिखा ट्रैक्टर, लोग रह गए हैरान! मानसून से पहले शुरू हुई अनोखी मुहिम...

राजस्थान के मारवाड़ जंक्शन से इन दिनों एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। वीडियो में एक ट्रैक्टर सड़क या खेत में नहीं बल्कि सीधे एक गहरे नाले के भीतर चलता दिखाई दे रहा है। पहली नजर में यह दृश्य किसी को भी चौंका सकता है और यही वजह है कि वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया।

कई लोगों ने इसे स्थानीय व्यवस्थाओं की खामियों से जोड़कर देखा तो कुछ ने इसे ग्रामीण जुगाड़ का शानदार उदाहरण बताया। लेकिन जब इस वायरल वीडियो की वास्तविकता सामने आई तो पता चला कि यह कोई लापरवाही या अनोखा प्रयोग नहीं, बल्कि नगरपालिका प्रशासन द्वारा मानसून से पहले चलाया जा रहा विशेष सफाई अभियान है।

मानसून से पहले प्रशासन की बड़ी तैयारी

हर साल बारिश के दौरान मारवाड़ जंक्शन में जलभराव की समस्या लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती रही है। इसी चुनौती से निपटने के लिए इस बार नगरपालिका प्रशासन ने समय रहते विशेष अभियान शुरू कर दिया है। शहर के मुख्य और संवेदनशील नालों की गहन सफाई की जा रही है ताकि बारिश का पानी बिना किसी रुकावट के निकल सके।

प्रशासन ने पारंपरिक तरीकों से हटकर इस बार मशीनों और भारी वाहनों की मदद से सफाई कार्य को तेज गति देने का निर्णय लिया है। इसी रणनीति के तहत ट्रैक्टर और जेसीबी मशीनों को सीधे नाले के भीतर उतारा गया।

रेलवे प्लेटफॉर्म के पास मुख्य नाले से शुरुआत

सफाई अभियान की शुरुआत रेलवे प्लेटफॉर्म नंबर चार के पास स्थित शहर के सबसे महत्वपूर्ण मुख्य नाले से की गई है। यह नाला डीएफसी क्षेत्र से होकर काजीपुरा की ओर जाता है और बारिश के समय पानी निकासी की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

वर्षों से जमा सिल्ट, कचरा और झाड़ियों के कारण नाले की जल निकासी क्षमता प्रभावित हो रही थी। ऐसे में प्रशासन ने सफाई कार्य को प्रभावी बनाने के लिए ट्रैक्टर को सीधे नाले के अंदर उतार दिया, जबकि जेसीबी मशीनों के जरिए भारी मात्रा में जमा मलबा और कंटीली झाड़ियां बाहर निकाली गईं।

नाले के भीतर ट्रैक्टर चलते देख राहगीर भी कुछ देर के लिए रुक गए। कई लोगों ने इस अनोखे दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया और सोशल मीडिया पर साझा कर दिया।

जहरीले जीवों के बीच जारी है सफाई अभियान

सफाई कार्य केवल रेलवे क्षेत्र तक सीमित नहीं है। उपखंड अधिकारी कार्यालय के पास स्थित नाले की भी व्यापक सफाई की जा रही है। इस दौरान वर्षों से जमा गाद हटाने पर कई जहरीले जीव और सांप बाहर निकलते दिखाई दिए, जिससे कुछ समय के लिए मजदूरों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

हालांकि सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए सफाई कार्य लगातार जारी रखा गया। प्रशासन का कहना है कि कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक सावधानियां बरती जा रही हैं।

सभी प्रमुख नालों का होगा कायाकल्प

नगरपालिका के अधिशाषी अधिकारी विक्रमसिंह राठौड़ ने बताया कि आगामी मानसून को देखते हुए शहर के सभी छोटे-बड़े नालों की सफाई युद्ध स्तर पर करवाई जा रही है। उनका कहना है कि इस बार लक्ष्य केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत बनाना है ताकि बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति उत्पन्न ही न हो।

उन्होंने बताया कि कब्रिस्तान के पास स्थित नाले की सफाई ईद से पहले पूरी की जा चुकी है। अब शहर के अन्य महत्वपूर्ण नालों पर तेजी से काम चल रहा है।

इन क्षेत्रों के नालों की भी होगी सफाई

नगरपालिका प्रशासन के अनुसार आने वाले दिनों में निम्न क्षेत्रों के नालों की भी मशीनों की सहायता से पूरी तरह सफाई की जाएगी—

  • बेरवा बस्ती के पास स्थित नाला
  • सोजत बाईपास क्षेत्र का नाला
  • कोर्ट चौराहा से अंडरब्रिज नहर तक का क्षेत्र
  • प्रशासनिक कार्यालयों के आसपास के जल निकासी मार्ग

इस बार नहीं बनेंगी सड़कें दरिया

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह अभियान समय पर और प्रभावी ढंग से पूरा हो जाता है तो शहर को हर साल होने वाली जलभराव की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है। प्रशासन की सक्रियता को देखते हुए लोगों में उम्मीद जगी है कि इस बार बारिश के दौरान सड़कें दरिया जैसी स्थिति में नहीं बदलेंगी।

फिलहाल नाले के भीतर दौड़ते ट्रैक्टर का वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है, लेकिन इसके पीछे की हकीकत जानने के बाद लोग प्रशासन की इस अनोखी पहल की सराहना भी कर रहे हैं।

Web Desk Web Desk The Khatak