RPSC सदस्य बनने की 1.20 करोड़ की डील: कांग्रेस MLA हरीश चौधरी ने किरोड़ीलाल मीणा पर साधा निशाना, दोनों पक्षों का लाइव डिटेक्टर टेस्ट करवाने की मांग; RPSC-RSSB बोर्ड भंग करने की उठी पुकार

बाड़मेर में युवाओं ने RPSC और RSSB बोर्ड में भ्रष्टाचार, ओएमआर शीट घोटाले, पेपर लीक व फोर्थ क्लास भर्ती अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस MLA हरीश चौधरी ने पूर्व RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा के 1.20 करोड़ की डील वाले बयान का हवाला देकर संबंधित व्यक्ति और कटारा का लाइव डिटेक्टर टेस्ट करवाने की मांग की। उन्होंने कैबिनेट मंत्री किरोड़ीलाल मीणा पर लालच छोड़कर बोर्ड भंग का प्रस्ताव रखने की अपील की तथा निर्दलीय विधायकों को आंदोलन में शामिल होने की सलाह दी। मुख्य मांगें: 2018 से 2025 तक की जांच सीबीआई से, बोर्ड तत्काल भंग।

Jan 27, 2026 - 19:29
RPSC सदस्य बनने की 1.20 करोड़ की डील: कांग्रेस MLA हरीश चौधरी ने किरोड़ीलाल मीणा पर साधा निशाना, दोनों पक्षों का लाइव डिटेक्टर टेस्ट करवाने की मांग; RPSC-RSSB बोर्ड भंग करने की उठी पुकार

बाड़मेर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) और राजस्थान अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (RSSB) से जुड़े घोटालों को लेकर बाड़मेर में युवाओं का आक्रोश फूट पड़ा है। युवा सड़कों पर उतर आए और ओएमआर शीट घोटाले, फोर्थ क्लास भर्ती परिणामों में धांधली, पेपर लीक तथा अन्य अनियमितताओं की सीबीआई जांच समेत RPSC और RSSB बोर्ड को तत्काल भंग करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने इस आंदोलन को खुला समर्थन देते हुए कलेक्ट्रेट के समक्ष धरना दिया।

प्रदर्शन के दौरान बायतु विधायक हरीश चौधरी ने तीखे हमले किए। उन्होंने RPSC के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा (जो पेपर लीक मामले में जेल में बंद हैं) के बयान का हवाला देते हुए कहा कि कटारा ने जांच में स्वीकार किया है कि 1 करोड़ 20 लाख रुपये की डील के बदले किसी व्यक्ति को RPSC सदस्य बनाया गया था। हरीश चौधरी ने दावा किया कि कटारा ने जांच में वह नाम भी दर्ज करवाया है, जिसे डील दी गई, लेकिन दूसरा पक्ष (RPSC सदस्य) इनकार कर रहा है।

चौधरी ने कहा, "एक व्यक्ति कह रहा है कि मैंने पैसा दिया और काम करवाया, दूसरा कह रहा है कि मेरा कोई संबंध नहीं। दोनों छाती ठोककर बोल रहे हैं कि हम सही हैं। आज वैज्ञानिक युग है, इसलिए दोनों का लाइव डिटेक्टर टेस्ट करवाया जाए। इससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। कौन सही है और कौन गलत, सब सामने आ जाएगा।"

किरोड़ीलाल मीणा पर तंज, लालच छोड़ने की अपील

हरीश चौधरी ने कैबिनेट मंत्री किरोड़ीलाल मीणा पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि मीणा पहले सड़कों पर उतरकर राजस्थान के नौजवानों की आवाज मजबूती से उठाते थे, लेकिन अब लालच छोड़ दें। चौधरी ने अपील की, "कैबिनेट के हर सदस्य को अधिकार है कि वह अपना प्रस्ताव रख सके। सरकार मुख्यमंत्री की नहीं, कैबिनेट की होती है। किरोड़ीलाल जी को अगली कैबिनेट में मजबूती से प्रस्ताव रखना चाहिए कि RPSC और RSSB को भंग किया जाए।"उन्होंने थार परिवार (मीणा) के सदस्यों को चेतावनी भी दी, "उंगली दांतों के बीच डालने की कोशिश मत करो, वरना दो उंगली दांतों के बीच आ जाएंगी। वो दांत स्टूडेंट्स के नहीं, लूटने वाली ताकतों के होंगे।"

निर्दलीय विधायकों को सलाह: संघर्ष में शामिल हों

चौधरी ने बाड़मेर जिले के निर्दलीय विधायकों डॉ. प्रियंका चौधरी और रविंद्र सिंह भाटी पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि सरकार किसी को कुछ देने वाली नहीं है। पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी ने कैबिनेट मंत्री रहते हुए भी भीषण गर्मी में सड़क पर उतरकर RPSC भंग की मांग की थी, उससे विकास में कोई बाधा नहीं आई। दोनों विधायकों को सलाह देते हुए कहा, "आओ और इस संघर्ष में शामिल हो जाओ। शिव और बाड़मेर में कोई कमी नहीं रहेगी।"

प्रदर्शन का विवरण और मांगें

युवाओं ने सिंधरी सर्कल से "RPSC, RSSB भंग करो, हमें न्याय दो" लिखी तख्तियां लेकर रैली निकाली। मुख्य मार्गों से गुजरते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और धरने पर बैठ गए। ज्ञापन में मुख्य मांगें रखी गईं:2018 (कांग्रेस सरकार के समय) से 2025 तक सभी OMR शीटों की सीबीआई जांच।फोर्थ क्लास भर्ती परिणामों की जांच।RPSC और RSSB बोर्ड को तत्काल भंग करना।नकल, पेपर लीक, इंटरव्यू में अयोग्य लोगों को नंबर देने आदि की जांच।योग्यता के आधार पर ही नौकरियां सुनिश्चित करना।प्रदर्शन में कांग्रेस सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल, पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी, जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा, पूर्व विधायक पदमाराम मेघवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष फतेह खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे।

हरीश चौधरी का बयान: संस्थाओं का अस्तित्व खत्म

मीडिया से बातचीत में हरीश चौधरी ने कहा, "नकल, पेपर लीक, इंटरव्यू में गलत अयोग्य लोगों को नंबर देने से OMR तक का खेल चल रहा है। RPSC और RSSB जैसी संस्थाओं का अस्तित्व ही नहीं बचा है। इन्हें तत्काल भंग करना चाहिए। दोनों सरकारों में नियुक्त सदस्य जेल जाएं, लेकिन युवाओं को न्याय योग्यता के आधार पर नौकरी से ही मिलेगा।"उन्होंने विधानसभा में भी युवाओं की आवाज मजबूती से उठाने का वादा किया।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.