राजस्थान पंचायत-नगरीय चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग तेज, ओबीसी आयोग की रिपोर्ट और चुनाव की देरी बनी विवाद का केंद्र...

राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में देरी को लेकर कांग्रेस और भाजपा में जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने चुनाव नहीं कराने और ओबीसी आयोग की रिपोर्ट न आने का आरोप सरकार पर लगाया। वहीं भाजपा नेताओं झाबर सिंह खर्रा और मदन दिलावर ने कांग्रेस पर पलटवार किया। सरकार ने ओबीसी आयोग का कार्यकाल तीसरी बार बढ़ाकर 30 सितंबर, 2026 तक कर दिया है, जिसके बाद ही चुनाव की तारीख तय होगी।

Apr 2, 2026 - 11:20
राजस्थान पंचायत-नगरीय चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग तेज, ओबीसी आयोग की रिपोर्ट और चुनाव की देरी बनी विवाद का केंद्र...

राजस्थान 2 अप्रैल 2026:-  राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि राज्य सरकार चुनाव कराने में संकोच कर रही है। उनका कहना है कि

हार के डर से सरकार चुनाव नहीं कराना चाहती

ओबीसी आयोग का कार्यकाल तीन बार बढ़ाया गया, अब यह 30 सितंबर, 2026 तक है।

चुनाव अधिकारी दो तरह की मतदाता सूचियां जारी कर रहे हैं: एसआइआर से पहले की गड़बड़ और फर्जी नामों वाली सूची और एसआइआर के बाद की सूची।

कांग्रेस इस मामले में राज्य निर्वाचन आयोग को जल्द ज्ञापन देगी और जरूरत पड़ने पर हाईकोर्ट जाएगी।

डोटासरा ने गैस संकट पर भी चिंता जताई और कहा कि सिलेंडर काला बाजार में 3,500 रुपए तक बिक रहे हैं, जिससे आमजन और उद्योग प्रभावित हो रहे हैं।

भाजपा का पलटवार: खर्रा और दिलावर ने कांग्रेस को घेरा

नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि राज्य सरकार चुनाव जल्द कराना चाहती है और डोटासरा पहले अपने कार्यकाल में चुनाव के साथ की गई लापरवाहियों को देखें।

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि 1975 में आपातकाल के दौरान और 17 साल तक ग्राम पंचायतों के चुनाव नहीं कराए गए थे। ऐसे लोग लोकतंत्र की बात कर रहे हैं।

ओबीसी आयोग का कार्यकाल और चुनाव की नई संभावना

राजस्थान सरकार ने ओबीसी आयोग का कार्यकाल 30 सितंबर, 2026 तक बढ़ा दिया है।

आयोग की रिपोर्ट मिलने के बाद ही पंचायत और नगर निकाय चुनाव की योजना तय हो सकेगी।

पिछड़ा वर्ग आयोग को 400 से ज्यादा ग्राम पंचायतों का डेटा नहीं मिला, जिसके लिए आयोग ने पंचायत राज विभाग से जानकारी मांगी थी।

राजनीतिक विश्लेषण

राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में देरी के पीछे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो रहे हैं। कांग्रेस चुनावों में देरी के लिए सरकार पर ‘हार का डर’ और ओबीसी आयोग की रिपोर्ट न आने का आरोप लगा रही है, जबकि भाजपा ने पुराने रिकॉर्ड और आपातकाल का हवाला देते हुए कांग्रेस पर पलटवार किया है।

राजस्थान में अब पंचायत और नगर निकाय चुनाव सितंबर के बाद होने की संभावना अधिक है, और चुनावी तैयारियों में राजनीतिक तनातनी जारी रहेगी।