राजस्थान के इस शहर में पेट्रोल ने तोड़े रिकॉर्ड, 4 दिन में दूसरी बार बढ़े दाम
देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी हुई है। पेट्रोल करीब 94 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है।
देशभर में एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी तेल कंपनियों ने मंगलवार सुबह से नए रेट लागू कर दिए हैं, जिसके तहत पेट्रोल करीब 94 पैसे प्रति लीटर और डीजल लगभग 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है।
पिछले चार दिनों में यह दूसरी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। लगातार बढ़ती कीमतों का असर सीधे आम जनता की जेब पर पड़ रहा है। खासतौर पर रोजाना वाहन इस्तेमाल करने वाले लोगों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर इसका सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है।
राजस्थान के सीमावर्ती जिले फिर चर्चा में
नई कीमतों के बाद राजस्थान के श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जैसे सीमावर्ती जिले एक बार फिर देश के सबसे महंगे ईंधन वाले शहरों में शामिल हो गए हैं।
- श्रीगंगानगर में पेट्रोल करीब 110.40 रुपए प्रति लीटर
- डीजल लगभग 95.65 रुपए प्रति लीटर
राजस्थान में पहले से ही ऊंचे वैट और स्थानीय टैक्स के कारण पेट्रोल-डीजल की कीमतें राष्ट्रीय औसत से अधिक रहती हैं। यही वजह है कि यहां ईंधन कई बड़े शहरों से ज्यादा महंगा बिक रहा है।
विजयवाड़ा में सबसे महंगा पेट्रोल
देश में सबसे महंगे पेट्रोल की बात करें तो आंध्र प्रदेश का विजयवाड़ा अभी भी शीर्ष पर बना हुआ है। यहां पेट्रोल करीब 113 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गया है, जबकि डीजल 100 रुपए प्रति लीटर से ऊपर बिक रहा है।
इसके अलावा हैदराबाद और तिरुवनंतपुरम जैसे शहरों में भी ईंधन की कीमतें काफी ऊंची बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अधिक वैट और स्थानीय टैक्स की वजह से इन शहरों में उपभोक्ताओं को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है।
भोपाल समेत मध्य भारत में भी असर
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और राज्य के कई अन्य शहरों में भी पेट्रोल-डीजल महंगा हो गया है। भोपाल में पेट्रोल की कीमत करीब 110.77 रुपए प्रति लीटर पहुंच चुकी है।
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
विशेषज्ञों के अनुसार, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के पीछे सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी है।
कुछ समय पहले तक क्रूड ऑयल करीब 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था, लेकिन वैश्विक तनाव, सप्लाई संकट और पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के चलते इसकी कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है।
इससे तेल कंपनियों की लागत बढ़ी है और वे धीरे-धीरे इसकी भरपाई उपभोक्ताओं से कर रही हैं।
कैसे तय होती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें?
भारत में पेट्रोल और डीजल के रेट कई कारकों के आधार पर तय होते हैं:
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत
- डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति
- केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स
- डीलर कमीशन
- परिवहन और अन्य खर्चे
सरकारी तेल कंपनियां डायनामिक प्राइसिंग सिस्टम के तहत रोजाना सुबह 6 बजे नए रेट जारी करती हैं।
आगे और बढ़ सकते हैं दाम
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।
इसका असर महंगाई, परिवहन खर्च और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर भी पड़ने की संभावना है।