एक हफ्ते में दूसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, आम आदमी पर महंगाई की नई मार

देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी हुई है। जानिए पूरी खबर

May 19, 2026 - 07:20
एक हफ्ते में दूसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, आम आदमी पर महंगाई की नई मार

नई दिल्ली: देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 86 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 83 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब आम लोग पहले से ही बढ़ती महंगाई और घरेलू खर्चों के दबाव का सामना कर रहे हैं। खास बात यह है कि बीते एक हफ्ते में यह दूसरी बार है जब ईंधन की कीमतों में इजाफा किया गया है।

इससे पहले तेल कंपनियों ने लगभग चार साल बाद पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी की थी। अब लगातार दूसरी बार हुए इस इजाफे ने आम जनता, परिवहन क्षेत्र और व्यापार जगत की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।

क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?

जानकारों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल की कीमतों में लगातार तेजी आ रही है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास बने हालात ने वैश्विक तेल सप्लाई पर असर डाला है। यह मार्ग दुनिया में तेल सप्लाई का सबसे महत्वपूर्ण रास्तों में से एक माना जाता है।

भारत अपनी जरूरत का लगभग 90 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ता है। ब्रेंट क्रूड की कीमतों में हाल के दिनों में तेज उछाल देखने को मिला है, जिसके चलते तेल कंपनियों पर लागत का दबाव बढ़ गया है।

आम आदमी पर क्या होगा असर?

पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने से सबसे ज्यादा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता है। निजी वाहन चलाने वालों को ज्यादा खर्च करना पड़ेगा, वहीं परिवहन लागत बढ़ने से जरूरी सामानों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार ईंधन महंगा होने से ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर की लागत बढ़ेगी। इसका असर फल, सब्जी, दूध, राशन और अन्य दैनिक जरूरत के सामानों पर देखने को मिल सकता है। इसके अलावा बस, ऑटो और टैक्सी किराए में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है।

बड़े शहरों में क्या हैं नए रेट?

पिछली बढ़ोतरी के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत लगभग 97.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया था। वहीं मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में पेट्रोल पहले ही 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच चुका है। अब नई बढ़ोतरी के बाद कीमतों में और इजाफा हो गया है।

सरकार ने क्या कहा?

केंद्र सरकार का कहना है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और भारत के पास पर्याप्त तेल भंडार मौजूद है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हाल ही में कहा था कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो तेल कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकारी तेल कंपनियां पहले से ही अंडर-रिकवरी यानी घाटे का सामना कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगे तेल और घरेलू बाजार में नियंत्रित कीमतों के बीच अंतर बढ़ने से कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।

CNG और PNG भी हुई महंगी

सिर्फ पेट्रोल और डीजल ही नहीं, बल्कि कई शहरों में CNG और PNG की कीमतों में भी हाल के दिनों में बढ़ोतरी हुई है। इससे घरेलू गैस और सार्वजनिक परिवहन पर भी असर पड़ सकता है। लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों ने महंगाई को लेकर लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।

विपक्ष ने सरकार को घेरा

ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का बोझ सीधे आम जनता पर डाल रही है। वहीं सरकार का कहना है कि वैश्विक हालात को देखते हुए कीमतों में संशोधन जरूरी है ताकि देश में ईंधन आपूर्ति स्थिर बनी रहे।

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