जयपुर में बिना पुलिस वेरिफिकेशन किराएदार रखने वालों पर सख्ती, 189 मकान मालिकों को नोटिस

जयपुर में बिना पुलिस वेरिफिकेशन किराएदार रखने वाले मकान मालिकों पर पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। साउथ जिला पुलिस ने 189 मकान मालिकों को नोटिस जारी कर कार्रवाई की तैयारी शुरू की है।

May 19, 2026 - 11:55
जयपुर में बिना पुलिस वेरिफिकेशन किराएदार रखने वालों पर सख्ती, 189 मकान मालिकों को नोटिस

जयपुर में बिना पुलिस सत्यापन किराएदार रखने वाले मकान मालिकों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। पुलिस कमिश्नरेट की साउथ जिला पुलिस ने ऐसे 189 मकान मालिकों को नोटिस जारी किए हैं, जिन्होंने आपराधिक प्रवृत्ति वाले लोगों को बिना वेरिफिकेशन अपने मकान किराए पर दिए थे। पुलिस अब इन मकान मालिकों से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई करेगी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शहर में बढ़ते अपराधों को देखते हुए किराएदारों और घरेलू नौकरों का सत्यापन बेहद जरूरी कर दिया गया है। इसके बावजूद कई लोग नियमों की अनदेखी कर बिना किसी पहचान या पुलिस जांच के मकान किराए पर दे रहे हैं। ऐसे मामलों में अपराधियों को छिपने और वारदातों को अंजाम देने का मौका मिल जाता है।

ऑपरेशन शिकंजा के दौरान हुआ खुलासा

साउथ जिला पुलिस ने पिछले महीने “ऑपरेशन शिकंजा” चलाया था। इस अभियान के तहत हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, महिला अत्याचार और अन्य गंभीर मामलों में वांछित 120 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि कई अपराधी बिना सत्यापन किराए के मकानों में रह रहे थे।

इसके बाद पुलिस ने मकान मालिकों की भूमिका की जांच शुरू की। जांच में 189 मकान मालिक संदिग्ध पाए गए, जिन्हें अब नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया है।

मोबाइल एप से भी हो सकता है सत्यापन

पुलिस ने लोगों की सुविधा के लिए ऑनलाइन सत्यापन व्यवस्था भी शुरू की है। किराएदार और घरेलू नौकरों का वेरिफिकेशन “सिटीजन एप” और “राजकॉप एप” के जरिए किया जा सकता है। इसके अलावा संबंधित थाने में जाकर फॉर्म भरकर भी सत्यापन कराया जा सकता है।

पुलिस का कहना है कि किराएदार का सत्यापन न केवल कानूनी जिम्मेदारी है, बल्कि इससे अपराधों पर भी नियंत्रण पाया जा सकता है। कई बार अपराधी फर्जी पहचान के साथ किराए के मकानों में रहकर वारदातों को अंजाम देते हैं।

डीसीपी ने लोगों से की अपील

डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने कहा कि शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए किराएदारों का सत्यापन बेहद जरूरी है। पुलिस लगातार ऐसे मामलों की जांच कर रही है, जहां बिना सत्यापन लोगों को किराए पर रखा गया है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे मकान किराए पर देने से पहले पुलिस वेरिफिकेशन जरूर करवाएं।

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