सोशल मीडिया पर निकाह करने वाली युवती के साथ राजस्थान में जो हुआ, वो किसी फिल्म से कम नहीं, अब दर-दर भटकने को मजबूर!"
2 साल का प्यार, जोधपुर में शादी और फिर एक ऐसा 'धोखा' जिसने सबको सुन्न कर दिया! जानिए कैसे हैदराबाद की एक युवती को पाली के युवक ने बीच रास्ते में 'लावारिस' छोड़ दिया...
पाली: डिजिटल क्रांति के इस दौर में जहाँ सोशल मीडिया लोगों को जोड़ने का काम कर रहा है, वहीं कई बार यह रिश्तों में कड़वाहट और धोखे का सबब भी बन रहा है। राजस्थान के पाली जिले से एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहाँ हैदराबाद की एक युवती को ऑनलाइन प्यार और फिर शादी करना इतना भारी पड़ा कि वह अब दर-दर भटकने को मजबूर है। शादी के महज एक महीने के भीतर ही पति ने उसे रास्ते में बेसहारा छोड़ दिया और फरार हो गया।
दो साल की दोस्ती और जोधपुर में सात फेरे
जानकारी के अनुसार, हैदराबाद की रहने वाली 27 वर्षीय पीड़िता (जो पहले से तलाकशुदा है) अपनी मां के साथ मजदूरी कर जीवन यापन करती थी। करीब दो साल पहले सोशल मीडिया के जरिए उसकी जान-पहचान पाली के रहने वाले एक 30 वर्षीय युवक से हुई थी। धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार में बदल गई। युवक ने युवती को शादी का झांसा देकर पाली बुलाया और फिर दोनों ने जोधपुर जाकर विवाह कर लिया।
ससुराल वालों ने नहीं अपनाया, पति ने चला 'मास्टर प्लान'
विवाह के बाद जब युवती अपने ससुराल पहुंची, तो वहां उसे खुशियों के बजाय तिरस्कार मिला। युवक के परिजनों ने इस रिश्ते को स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया। पीड़िता का आरोप है कि इस बीच पति के व्यवहार में भी बदलाव आ गया। करीब चार-पांच दिन पहले पति उसे कोर्ट ले गया और धोखे से कुछ अज्ञात दस्तावेजों पर उसके हस्ताक्षर करवा लिए।
इसके बाद, 28 अप्रैल को आरोपी पति ने उसे झांसा दिया कि वह उसे हैदराबाद उसकी मां से मिलवाने ले जाएगा। उसने युवती को ट्रेन में बैठाया, लेकिन मौका पाते ही रास्ते में उसे चकमा देकर फरार हो गया।
अस्पताल में काटी रातें, मानवता ने दिखाया रास्ता
पति के अचानक गायब होने से डरी-सहमी युवती किसी तरह वापस पाली पहुंची। उसके पास न रहने का ठिकाना था और न ही कोई सहारा। वह तीन दिनों तक पाली के बांगड़ चिकित्सालय परिसर में भटकती रही और रातें वहीं काटीं। वहां तैनात एक सुरक्षा गार्ड की नजर जब बेबस युवती पर पड़ी, तो उसने तत्परता दिखाते हुए उसे 'सखी सेंटर' पहुंचाया।
कानूनी कार्रवाई से इनकार, अब पीहर ही सहारा
मामला सामने आने के बाद युवती ने कोतवाली थाने में परिवाद भी दिया था। हालांकि, मानसिक रूप से टूट चुकी पीड़िता ने अब कानूनी लड़ाई लड़ने से हाथ पीछे खींच लिए हैं। सखी सेंटर की प्रबंधक देवी बामणिया ने बताया कि गुरुवार सुबह युवती बिना बताए केंद्र से निकल गई। जब उससे फोन पर संपर्क किया गया, तो उसने बताया कि वह अब कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहती और वापस अपने पीहर हैदराबाद लौट रही है।
विशेष नोट: यह घटना उन लोगों के लिए एक सबक है जो सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्तियों के वादों पर भरोसा कर बड़े फैसले ले लेते हैं। बिना पूरी पड़ताल के किया गया डिजिटल प्यार अक्सर इसी तरह के मोड़ पर लाकर खड़ा कर देता है।