बरगी डैम पर बड़ा हादसा: तेज आंधी में क्रूज डूबा, 9 की मौत, कई अब भी लापता

मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में तेज आंधी के दौरान एक क्रूज डूब गया, जिसमें सवार 40-45 पर्यटकों में से 9 की मौत हो गई और 24 को बचा लिया गया। कई लोग अब भी लापता हैं और सेना व SDRF की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। हादसे ने पर्यटन सुरक्षा और नियमों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

May 1, 2026 - 11:19
बरगी डैम पर बड़ा हादसा: तेज आंधी में क्रूज डूबा, 9 की मौत, कई अब भी लापता

मध्य प्रदेश के जबलपुर में स्थित बरगी डैम पर गुरुवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। पर्यटन विभाग का एक क्रूज अचानक आई तेज आंधी की चपेट में आकर डूब गया। इस हादसे में अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 24 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। प्रशासन के अनुसार अभी भी 9 से अधिक लोग लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

40-45 पर्यटक थे सवार, किनारे से 300 मीटर दूर हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, हादसे के समय क्रूज में करीब 40 से 45 पर्यटक सवार थे। यह दुर्घटना डैम के किनारे से लगभग 300 मीटर दूर हुई। तेज आंधी और अचानक बदले मौसम ने स्थिति को गंभीर बना दिया, जिससे क्रूज अनियंत्रित होकर पानी में डूब गया।

रातभर बाधित रहा रेस्क्यू, सुबह फिर शुरू हुआ ऑपरेशन

बरगी सिटी के सीएसपी अंजुल मिश्रा ने बताया कि शुरुआती रेस्क्यू में SDRF टीम ने कई लोगों की जान बचाई, लेकिन अंधेरा और खराब मौसम राहत कार्य में बाधा बना। शुक्रवार सुबह होते ही दोबारा सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।

सेना और स्पेशल टीमों ने संभाला मोर्चा

हादसे की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन के साथ सेना और राष्ट्रीय स्तर की विशेष टीमें भी मौके पर तैनात की गई हैं। हैदराबाद से विशेष टीम और हेलिकॉप्टर भेजा गया है, जबकि कोलकाता से पैरामिलिट्री फोर्स की टीम भी जबलपुर पहुंच चुकी है। 20 फीट गहरे पानी में डूबे क्रूज को निकालने के लिए हाइड्रॉलिक मशीनों और पोकलेन का इस्तेमाल किया जा रहा है।

पायलट बोला- संभलने का मौका नहीं मिला

क्रूज के पायलट महेश ने बताया कि सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम मौजूद थे, लेकिन अचानक आए तेज तूफान ने हालात बिगाड़ दिए। उन्होंने कहा, “सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला।” महेश को करीब 10 साल का अनुभव है।

एक ही परिवार के 15 लोग थे सवार

खमरिया स्थित ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के कर्मचारी कामराज आर्य अपने परिवार के 15 लोगों के साथ घूमने आए थे। उनके माता-पिता किनारे पर ही मौजूद थे, जबकि उनकी पत्नी, बच्चे और अन्य सदस्य क्रूज में सवार थे। हादसे में उनके एक बेटे को बचा लिया गया, लेकिन कामराज, उनकी पत्नी और एक बेटा अब भी लापता हैं।

20 साल पुराना था क्रूज

पर्यटन विभाग के अधिकारी योगेंद्र रिछारिया के अनुसार, बरगी डैम में चल रहा यह क्रूज वर्ष 2006 में बनाया गया था और इसकी क्षमता 60 यात्रियों की है। फिलहाल एक ही क्रूज संचालित हो रहा था, जबकि दूसरा खराब बताया गया है।

मंत्री के बयान पर उठे सवाल

प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी भी मौके पर पहुंचे, लेकिन उनके बयान ने विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी में पेट्रोल-डीजल से चलने वाली बोट पर रोक है, लेकिन उन्हें इस नियम की जानकारी नहीं थी।

मृतकों में महिलाएं और एक बच्चा शामिल

अब तक मिले 9 शवों में 8 महिलाएं और एक 4 साल का बच्चा शामिल है। मृतकों में जबलपुर, तमिलनाडु और दिल्ली के लोग भी शामिल हैं, जिससे इस हादसे का दायरा कई राज्यों तक फैल गया है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.