कारोबार पर संकट: कमर्शियल सिलेंडर के दाम लगभग दोगुने... क्या अब बाहर खाना होगा और महंगा?

गैस के दाम बढ़ते ही रसोई पर संकट, होटल कारोबार हिल गया… अब जेब ढीली किए बिना बाहर खाना मुश्किल!

May 3, 2026 - 13:23
कारोबार पर संकट: कमर्शियल सिलेंडर के दाम लगभग दोगुने... क्या अब बाहर खाना होगा और महंगा?

रायपुर। कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में अचानक हुई 993 रुपए की भारी बढ़ोतरी ने राजधानी रायपुर के होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय को गहरे संकट में डाल दिया है। 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत अब करीब 3,294 रुपए तक पहुंच गई है, जो पहले लगभग 2,300 रुपए के आसपास थी। इस अप्रत्याशित बढ़ोतरी ने न केवल व्यापारियों की लागत बढ़ा दी है, बल्कि आम ग्राहकों की जेब पर भी असर डालने की तैयारी कर दी है।

होटल इंडस्ट्री पर सीधा असर

रायपुर होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के मुताबिक, गैस होटल उद्योग की सबसे बड़ी लागतों में से एक है। एक सामान्य रेस्टोरेंट रोजाना 4-5 सिलेंडर तक खर्च करता है। ऐसे में नई कीमतों के बाद हर महीने गैस खर्च में 15 से 20 हजार रुपए तक का अतिरिक्त बोझ बढ़ जाएगा। छोटे ढाबे और मीडियम स्तर के रेस्टोरेंट के लिए यह स्थिति और भी मुश्किल है। कई संचालक अब अपने संचालन को सीमित करने या कुछ आइटम मेन्यू से हटाने की योजना बना रहे हैं।

व्यापारियों की परेशानी

प्रभात टाकीज के पास भोजनालय चलाने वाले एक संचालक ने बताया कि पहले उनका गैस बिल 7-8 हजार रुपए के आसपास रहता था, जो अब बढ़कर 12-13 हजार रुपए हो जाएगा। पहले से ही किराया, बिजली और कर्मचारियों की सैलरी बढ़ चुकी है, ऐसे में अब खाने की कीमतों में 10-15% तक बढ़ोतरी करना मजबूरी बन गई है।

बड़े होटल भी दबाव में

सिर्फ छोटे व्यवसाय ही नहीं, बल्कि बड़े होटल भी इस बढ़ोतरी से चिंतित हैं। तेलीबांधा स्थित एक होटल के मैनेजर के अनुसार, उनकी रसोई में रोजाना 15-20 सिलेंडर तक की खपत होती है। इस हिसाब से सालाना खर्च लाखों रुपए तक बढ़ जाएगा, जिससे मुनाफे में कमी और नौकरियों पर असर पड़ने की आशंका है।

चौपाटी से मॉल तक असर

इस कीमत वृद्धि का असर सिर्फ बड़े होटल या रेस्टोरेंट तक सीमित नहीं रहेगा। सड़क किनारे के ठेले, चौपाटी, छोटे ढाबे और शॉपिंग मॉल के फूड कोर्ट—हर जगह इसका प्रभाव देखने को मिलेगा। पहले से महंगाई से जूझ रहे ग्राहकों को अब खाने-पीने के लिए और ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है।

विकल्प तलाशने की कोशिश

कुछ होटल संचालक अब इंडक्शन या सोलर कुकर जैसे विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, लेकिन बड़े स्तर पर इनका इस्तेमाल करना अभी आसान नहीं है। इसके लिए भारी निवेश और समय दोनों की जरूरत है।

सरकार से राहत की मांग

रायपुर होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि कमर्शियल LPG सिलेंडर पर सब्सिडी दी जाए या कीमतों में की गई बढ़ोतरी वापस ली जाए, ताकि छोटे और मध्यम व्यवसायों को राहत मिल सके।

क्या होगा आगे?

अगर जल्द ही कोई राहत नहीं मिलती है, तो आने वाले दिनों में बाहर खाना महंगा होना तय माना जा रहा है। इससे न सिर्फ ग्राहकों की जेब पर असर पड़ेगा, बल्कि होटल इंडस्ट्री की रफ्तार भी धीमी पड़ सकती है।

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