"राष्ट्र प्रथम, बाकी बाद में": जोधपुर में एमएस बिट्टा का जोशीला आह्वान, ट्रंप और आतंकवाद पर साधा निशाना
एमएस बिट्टा ने जोधपुर में युवाओं से राष्ट्र सेवा और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की, साथ ही ऑपरेशन सिंदूर और ट्रंप की नीतियों पर भारत के अटल रुख की सराहना की। उन्होंने राजनीतिक एकजुटता और देश प्रथम की भावना पर जोर दिया।

अखिल भारतीय आतंकवाद विरोधी मोर्चा (AIATF) के अध्यक्ष मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने आज जोधपुर पहुंचकर देश, युवाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर जोरदार संदेश दिया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में राष्ट्र सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की और युवाओं को देश की एकता और अखंडता के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। ऑपरेशन सिंदूर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों और राजनीतिक एकजुटता जैसे मुद्दों पर उनकी बेबाक राय ने सभी का ध्यान खींचा।
युवाओं को राष्ट्र सेवा का आह्वान
बिट्टा ने जोधपुर में अपने संबोधन में युवाओं को देश की रीढ़ बताते हुए कहा कि वे राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC), स्काउट्स और गाइड्स, और राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) जैसे संगठनों से जुड़ने की अपील की। "युवा देश का भविष्य हैं। उन्हें अपनी ऊर्जा और जोश को राष्ट्र सेवा में लगाना चाहिए। ये संगठन उन्हें अनुशासन, नेतृत्व और देशभक्ति का पाठ पढ़ाते हैं," बिट्टा ने कहा।
उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे व्यक्तिगत स्वार्थों से ऊपर उठकर देशहित को प्राथमिकता दें। "आज का युवा अगर देश के लिए कुछ करने का संकल्प ले, तो भारत को विश्व गुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता," उन्होंने जोश के साथ कहा।
ऑपरेशन सिंदूर: भारत की अटल नीति
ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए बिट्टा ने भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति दृढ़ संकल्प को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब देने के लिए भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पूरी दुनिया को अपनी ताकत दिखाई। यह ऑपरेशन भारत के आत्मसम्मान और सुरक्षा के प्रति अटल नीति का प्रतीक है।"
बिट्टा ने उन लोगों पर तीखा हमला बोला जो इस ऑपरेशन पर सवाल उठाते हैं। "जो लोग हमारे सुरक्षा अभियानों पर उंगली उठाते हैं, वे देश की एकता और अखंडता को कमजोर करने की साजिश में शामिल हैं। ऐसे लोगों को देश कभी माफ नहीं करेगा," उन्होंने चेतावनी दी।
ट्रंप पर निशाना: राष्ट्र प्रथम, दोस्ती बाद में
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधते हुए बिट्टा ने कहा कि ट्रंप ने भारत की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश की है। "ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की बात करके भारत की संप्रभुता पर सवाल उठाने की कोशिश की। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया कि राष्ट्र प्रथम है, दोस्ती बाद में। भारत अपनी शर्तों पर फैसले लेगा, किसी के दबाव में नहीं आएगा," बिट्टा ने कहा।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किसी भी बाहरी मध्यस्थता को ठुकरा दिया, जो देश की स्वतंत्र नीति का प्रमाण है। "पाकिस्तान ने जब युद्धविराम की अपील की, तब भारत ने अपनी शक्ति और संकल्प से उसे जवाब दिया। यह नया भारत किसी के सामने झुकता नहीं," बिट्टा ने गर्व के साथ कहा।
राजनीतिक एकजुटता की जरूरत
बिट्टा ने राजनीतिक दलों से देशहित में एकजुट होने की अपील की। उन्होंने सवाल उठाया, "क्या हमारे राजनीतिक दल ट्रंप जैसे नेताओं के खिलाफ एक मंच पर आएंगे, या सिर्फ अपनी राजनीति चमकाने में लगे रहेंगे?" उन्होंने जोर देकर कहा कि यह समय राजनीतिक मतभेदों को भुलाकर राष्ट्रीय एकता दिखाने का है। "जब बात देश की आन-बान-शान की हो, तो सभी को एक साथ खड़ा होना चाहिए।"
बिट्टा का परिचय: आतंकवाद के खिलाफ एक योद्धा
मनिंदरजीत सिंह बिट्टा, जो ऑल इंडिया एंटी टेररिस्ट फ्रंट के अध्यक्ष हैं, लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। पंजाब में बेअंत सिंह की सरकार में मंत्री और भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके बिट्टा पर कई बार जानलेवा हमले हुए हैं, फिर भी वे बिना डरे अपने मिशन को आगे बढ़ा रहे हैं। उनकी Z+ सुरक्षा और देशभक्ति के जज्बे ने उन्हें एक प्रेरणादायक शख्सियत बनाया है।