नागौर में अवैध विस्फोटक सप्लाई का बड़ा नेटवर्क: लाइसेंस सरेंडर कर नर्सिंगकर्मी बनकर कर रहा था कारोबार, SIT ने 4 सप्लायर गिरफ्तार किए

नागौर में गणतंत्र दिवस से पहले करीब 10 टन अमोनियम नाइट्रेट जब्त होने के मामले में SIT ने मुख्य आरोपी सुलेमान खान के अलावा 4 सप्लायरों को गिरफ्तार किया। इनमें एक आरोपी देवराज मेड़तिया ने लाइसेंस सरेंडर कर दो साल से नर्सिंगकर्मी की नौकरी करते हुए अवैध विस्फोटक सप्लाई की। लाइसेंस धारकों ने रिकॉर्ड में हेराफेरी कर महंगे दामों पर सामग्री बेची। पुलिस ने लाइसेंस रद्द करने और सख्त मॉनिटरिंग के लिए विभाग को पत्र लिखा है। यह राजस्थान में विस्फोटक अधिनियम की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है।

Feb 3, 2026 - 15:19
नागौर में अवैध विस्फोटक सप्लाई का बड़ा नेटवर्क: लाइसेंस सरेंडर कर नर्सिंगकर्मी बनकर कर रहा था कारोबार, SIT ने 4 सप्लायर गिरफ्तार किए

नागौर जिले में गणतंत्र दिवस से ठीक पहले मिले करीब 10 टन अमोनियम नाइट्रेट के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। मुख्य आरोपी सुलेमान खान के बाद स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने चार और सप्लायरों को दबोच लिया है। ये आरोपी लाइसेंस प्राप्त मैगजीन (विस्फोटक स्टोरेज सेंटर) के संचालक थे, लेकिन रिकॉर्ड में हेराफेरी करके अमोनियम नाइट्रेट को महंगे दामों पर अवैध रूप से बेच रहे थे।

मामले की शुरुआत और पहली गिरफ्तारी

24 जनवरी 2026 को थांवला थाना क्षेत्र के हरसौर गांव में पुलिस ने एक खेत में बने मकान से 187 कट्टों (बोरियों) में भरे 9,550 किलोग्राम (करीब 10 टन) अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया। साथ ही डेटोनेटर, विस्फोटक वायर और अन्य सामग्री भी जब्त हुई। मौके से सुलेमान खान (50 वर्षीय, हरसौर निवासी) को गिरफ्तार किया गया। सुलेमान पर पहले से विस्फोटक अधिनियम के तहत तीन मामले दर्ज हैं। यह राजस्थान में विस्फोटक अधिनियम के तहत अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

चार और सप्लायर गिरफ्तार

सुलेमान खान से पूछताछ के बाद SIT ने चार लाइसेंसशुदा सप्लायरों को गिरफ्तार किया:भरत कुमार (नागौर),देवराज मेड़तिया (बुटाटी, नागौर),महेंद्र पाल सिंह (कड़ेला, नागौर),बंसीलाल बंजारा (बस्सी, चित्तौड़गढ़) – यह सबसे बड़ा सप्लायर है, जिसके पास 3000 टन क्षमता वाली मैगजीन का लाइसेंस था।ये सभी अलग-अलग क्षेत्रों में मैगजीन संचालित करते थे। पुलिस ने इन्हें डेगाना एसीजेएम कोर्ट में पेश किया, जहां मजिस्ट्रेट राजेश्वर विश्नोई ने पुलिस रिमांड पर भेज दिया।

चौंकाने वाला खुलासा: नर्सिंगकर्मी बनकर कर रहा था अवैध सप्लाई

देवराज मेड़तिया ने दो साल पहले अपनी मैगजीन का लाइसेंस सरेंडर कर दिया था। इसके बाद वह कुचेरा CHC (कम्युनिटी हेल्थ सेंटर) में संविदा पर नर्सिंगकर्मी के पद पर काम कर रहा था। लेकिन वह छिपकर अवैध रूप से विस्फोटक की सप्लाई जारी रखे हुए था। यह खुलासा पुलिस के लिए सबसे बड़ा सरप्राइज रहा।

हेराफेरी और महंगे दामों पर बिक्री

लाइसेंस धारक आरोपियों ने रिकॉर्ड में हेराफेरी की और अमोनियम नाइट्रेट को सरकारी दर से ज्यादा कीमत पर बेचा। सरकारी दर के अनुसार 50 किलो के एक कट्टे पर 80 से 160 रुपये प्रति किलो है, लेकिन आरोपी 10 रुपये प्रति किलो अतिरिक्त लेकर बेच रहे थे। सुलेमान खान इन सप्लायरों से सामग्री खरीदकर और महंगे दामों में आगे बेचता था।

लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई

नागौर एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया कि इन आरोपियों के खिलाफ सिर्फ आपराधिक मामला ही नहीं दर्ज किया गया, बल्कि उनके मैगजीन लाइसेंस रद्द करवाने के लिए संबंधित विभाग (PESO - Petroleum and Explosives Safety Organisation, भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन) को पत्र लिखा गया है।

पुलिस मुख्यालय को विस्तृत रिपोर्ट भेजी जा रही है, जिसमें विस्फोटक अधिनियम में सुधार, लाइसेंस धारकों की सख्त मॉनिटरिंग और ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के सुझाव शामिल होंगे। एसपी ने कहा कि नेटवर्क से जुड़े हर व्यक्ति को बेनकाब किया जाएगा और जिले में अवैध विस्फोटक कारोबार को जड़ से उखाड़ फेंका जाएगा।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.