लोहे के पिलरों तले दबकर ट्रक ड्राइवर की हुई मौत....
बाड़मेर रेलवे स्टेशन पर निर्माणाधीन फुट ओवरब्रिज के लिए लाए गए भारी पिलरों के नीचे दबकर ट्रेलर ड्राइवर सुखराम (49) की मौत हो गई। जोधपुर से आए ट्रेलर पर सांकल से बंधे पिलर खोलते समय सांकल टूटी, और 10 टन वजनी पिलर ड्राइवर पर गिर गए। रीढ़, सिर और हाथ-पैर की हड्डियां टूटने से उसकी मौके पर मौत हो गई। जीआरपी पुलिस जांच कर रही है, और निर्माण कार्यों में सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।यह दुखद हादसा न केवल एक परिवार की त्रासदी को दर्शाता है, बल्कि रेलवे के निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की कमी को भी उजागर करता है। सांकल टूटने जैसी छोटी-सी लापरवाही ने एक जान ले ली, जिससे निर्माण स्थलों पर सुरक्षा की जरूरत पर बल पड़ता है।

बाड़मेर, 31 अगस्त 2025: राजस्थान के बाड़मेर जिले में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। बाड़मेर रेलवे स्टेशन पर निर्माणाधीन फुट ओवरब्रिज के लिए जोधपुर से लाए गए भारी-भरकम पिलरों के नीचे दबकर एक ट्रेलर ड्राइवर की मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब ड्राइवर ने पिलरों को बांधने वाली सांकल खोली, जिसके बाद 10 टन वजनी दो से तीन पिलर अचानक टूटकर उसके ऊपर जा गिरे। इस भयावह घटना में ड्राइवर की रीढ़ की हड्डी, सिर का पिछला हिस्सा और हाथ-पैर की हड्डियां टूट गईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे का विवरण
घटना सुबह करीब 11 बजे बाड़मेर रेलवे स्टेशन के पार्सल रूम के पास हुई। मृतक की पहचान सुखराम (49 वर्ष), पुत्र माणकराम, निवासी खेतनगर, जोधपुर के रूप में हुई। सुखराम एक ट्रेलर में फुट ओवरब्रिज के निर्माण के लिए भारी पिलर लेकर बाड़मेर पहुंचा था। जानकारी के अनुसार, ट्रेलर पर लदे पिलरों को सांकल से मजबूती से बांधा गया था। जब सुखराम ने क्रेन की मदद से पिलरों को उतारने के लिए सांकल खोली, तो सांकल अचानक टूट गई। इससे दो से तीन भारी पिलर अनियंत्रित होकर नीचे गिर पड़े और सुखराम उनके नीचे दब गया।हादसे के तुरंत बाद वहां मौजूद लोगों ने सुखराम को बचाने की कोशिश की और पिलरों को हटाया। गंभीर रूप से घायल सुखराम को तत्काल बाड़मेर जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जीआरपी पुलिस की जांच
जीआरपी थाना प्रभारी हीराराम ने बताया कि हादसा रविवार सुबह उस समय हुआ जब जोधपुर से आए ट्रेलर से पिलर उतारे जा रहे थे। सांकल टूटने के कारण यह हादसा हुआ, जिसकी जांच की जा रही है। रेलवे स्टेशन मास्टर की सूचना पर जीआरपी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। सुखराम के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
प्रत्यक्षदर्शियों का बयान
स्थानीय लोगों और हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिलरों का वजन इतना अधिक था कि सांकल खोलते ही वे तेजी से नीचे गिरे। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने बताया कि सुखराम को बचाने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन भारी पिलरों के नीचे दबने से उसे गंभीर चोटें आईं, जिससे उसकी जान नहीं बच सकी। हादसे के बाद रेलवे स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
रेलवे स्टेशन पर चल रहा है निर्माण कार्य
बाड़मेर रेलवे स्टेशन पर भारत सरकार के अमृत भारत प्रोजेक्ट के तहत स्टेशन के विकास और आधुनिकीकरण का काम चल रहा है। इसके तहत फुट ओवरब्रिज का निर्माण भी किया जा रहा है। इसी प्रोजेक्ट के लिए जोधपुर से पिलर लाए गए थे। इस हादसे ने निर्माण कार्य की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिजनों में शोक की लहर
सुखराम के निधन की खबर सुनते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया। जोधपुर के खेतनगर में उनके परिजनों को सूचना दी गई, जो बाड़मेर के लिए रवाना हो चुके हैं। स्थानीय लोगों ने इस हादसे को दुखद बताते हुए रेलवे प्रशासन से निर्माण कार्यों में बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
जांच और भविष्य के कदम
जीआरपी पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में सांकल की गुणवत्ता और पिलरों को उतारने की प्रक्रिया में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। रेलवे प्रशासन ने भी इस हादसे को गंभीरता से लिया है और इसे रोकने के लिए भविष्य में बेहतर सुरक्षा उपायों पर ध्यान देने की बात कही है।
इस दुखद घटना ने एक बार फिर निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी के गंभीर परिणामों को उजागर किया है। बाड़मेर रेलवे स्टेशन पर हुए इस हादसे ने न केवल एक परिवार को दुख में डुबो दिया, बल्कि रेलवे के निर्माण कार्यों में सुरक्षा के प्रति लापरवाही पर भी सवाल उठाए हैं।