कोटा में भीषण सड़क हादसा: दो ट्रकों की आमने-सामने टक्कर में ड्राइवर की मौत, खलासी गंभीर रूप से घायल
कोटा के रामगंजमंडी क्षेत्र में खैराबाद बायपास पर शुक्रवार रात दो ट्रकों की आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में मध्य प्रदेश निवासी ड्राइवर कालूनाथ की केबिन में फंसकर मौके पर मौत हो गई, जबकि खलासी ईश्वर गंभीर रूप से घायल हो गया। टक्कर मारने वाले ट्रक का चालक फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोटा जिले के रामगंजमंडी क्षेत्र में खैराबाद के पास शुक्रवार देर रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ। दो ट्रकों की तेज रफ्तार से आमने-सामने की भिड़ंत हो गई, जिसमें टक्कर की तीव्रता इतनी अधिक थी कि एक ट्रक का ड्राइवर केबिन में फंस गया और उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, दूसरे ट्रक का खलासी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका इलाज अस्पताल में चल रहा है।यह हादसा रात करीब 9 बजे खैराबाद बायपास पर उंडवा रोड की ओर हुआ। मृतक ड्राइवर की पहचान मध्य प्रदेश के गरोठ (मंदसौर) निवासी कालूनाथ (उम्र करीब 40-45 वर्ष) के रूप में हुई है। कालूनाथ रामगंजमंडी में अपने ट्रक का कुछ मेंटेनेंस वर्क करवा रहे थे। काम पूरा होने के बाद वह रात साढ़े 8 से 9 बजे के बीच ट्रक को चेक कर रहे थे और शायद इसे स्टार्ट करके टेस्ट कर रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रहे एक अन्य ट्रक (जो प्याज से लदा हुआ था) से उनका ट्रक आमने-सामने टकरा गया।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि कालूनाथ का ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और ड्राइवर केबिन पूरी तरह से दब गया। कालूनाथ केबिन में ही फंस गए। मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से काफी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला गया, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घायल खलासी का नाम ईश्वर बताया गया है, जो ट्रक में सहायक की भूमिका निभा रहा था। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है और अस्पताल में उसका इलाज जारी है।हादसे के बाद टक्कर मारने वाले ट्रक का ड्राइवर वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। रामगंजमंडी थाना के सब-इंस्पेक्टर सुरेश मीणा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। मृतक कालूनाथ के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार ड्राइवर की तलाश शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में लापरवाही और तेज रफ्तार को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है।
यह क्षेत्र पहले भी सड़क हादसों के लिए कुख्यात रहा है, जहां बायपास और हाईवे पर वाहनों की तेज गति और अंधेरे में दृश्यता कम होने से ऐसे हादसे होते रहते हैं। स्थानीय लोग लंबे समय से यहां बेहतर लाइटिंग और स्पीड कंट्रोल उपायों की मांग कर रहे हैं। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा के मुद्दे को उजागर कर दिया है।