राजस्थान में ₹3 से ज्यादा महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल! आज से लागू हुए नए रेट, जानें अपने शहर का ताजा भाव

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच राजस्थान में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ गए हैं। कई पेट्रोल पंपों पर सीमित बिक्री के पोस्टर लगने से लोगों में सवाल उठने लगे हैं कि आखिर आगे क्या होने वाला है?

May 15, 2026 - 09:47
May 15, 2026 - 09:52
राजस्थान में ₹3 से ज्यादा महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल! आज से लागू हुए नए रेट, जानें अपने शहर का ताजा भाव

राजस्थान में शुक्रवार सुबह लोगों को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर अब सीधे आम जनता की जेब पर दिखाई देने लगा है। तेल कंपनियों की ओर से जारी नई दरों के अनुसार राज्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ा इजाफा किया गया है।

नई कीमतों के मुताबिक पेट्रोल 3 रुपए 25 पैसे प्रति लीटर और डीजल 3 रुपए 02 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है। बढ़ी हुई दरें शुक्रवार सुबह से लागू कर दी गई हैं। इससे आम वाहन चालकों से लेकर ट्रांसपोर्ट कारोबारियों तक सभी की चिंता बढ़ गई है।

जयपुर में पेट्रोल 108 रुपए के पार

नई दरों के बाद राजधानी जयपुर में पेट्रोल की कीमत बढ़कर करीब 108 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गई है। वहीं डीजल अब 93.26 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। अचानक हुई इस बढ़ोतरी ने रोजाना वाहन इस्तेमाल करने वाले लोगों का बजट बिगाड़ दिया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सिर्फ पेट्रोल पंप तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से आने वाले दिनों में सब्जियों, फलों, राशन और अन्य जरूरी वस्तुओं के दाम भी बढ़ सकते हैं।

मिडिल ईस्ट तनाव का सीधा असर

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और तनाव की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। इसी कारण भारत समेत कई देशों में ईंधन की कीमतों पर दबाव बढ़ा है। राजस्थान में भी इसका असर अब साफ दिखाई देने लगा है।

व्यापारियों और ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों से परिचालन लागत काफी बढ़ जाएगी, जिसका असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।

पेट्रोल-डीजल बिक्री को लेकर नया विवाद

इसी बीच राजस्थान में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई तथा बिक्री को लेकर नया विवाद भी सामने आया है। कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन की सीमित बिक्री से जुड़े पोस्टर लगाए गए हैं। पेट्रोल पंप संचालकों का आरोप है कि ऑयल कंपनियां डिपो से कम सप्लाई भेज रही हैं और साथ ही सीमित मात्रा में ही ईंधन बेचने के मौखिक निर्देश दिए जा रहे हैं।

डीलर्स का कहना है कि ज्यादातर निर्देश मोबाइल संदेशों और मौखिक रूप से दिए गए हैं। अब तक सरकार या तेल कंपनियों की तरफ से कोई लिखित आदेश जारी नहीं किया गया है।

अलग-अलग कंपनियों ने तय की अलग सीमा

पेट्रोलियम डीलर्स के अनुसार अलग-अलग कंपनियों ने बिक्री की अलग-अलग सीमा तय की है। आरोप है कि आईओसीएल की ओर से 50 हजार रुपए तक डीजल और 5 हजार रुपए तक पेट्रोल देने की सीमा तय की गई है। वहीं बीपीसीएल और एचपीसीएल ने करीब 49 से 50 लीटर पेट्रोल और 200 लीटर डीजल तक ही देने के निर्देश दिए हैं।

कई पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों को जानकारी देने के लिए पोस्टर भी लगाए गए हैं। संचालकों का कहना है कि तय सीमा से ज्यादा ईंधन बेचने पर कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है।

किसानों और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों की बढ़ी चिंता

नई व्यवस्था से किसानों, ट्रांसपोर्ट कारोबारियों और निर्माण कार्यों से जुड़े लोगों की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीण इलाकों में ड्रम और बैरल में डीजल देने पर रोक जैसी स्थिति बनने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

डीलर्स ने आशंका जताई है कि यदि जल्द स्थिति स्पष्ट नहीं हुई तो आने वाले दिनों में पेट्रोल पंपों पर विवाद और अव्यवस्था की स्थिति बन सकती है।

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