भीलवाड़ा के नंदराय कस्बे में छात्रों का भावुक धरना: लेक्चरर शंकरलाल जाट के ट्रांसफर के खिलाफ रातभर कड़ाके की ठंड में प्रदर्शन, लड़कियां फूट-फूटकर रो पड़ीं
भीलवाड़ा जिले के नंदराय कस्बे में राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक स्कूल के भूगोल लेक्चरर शंकरलाल जाट के ट्रांसफर के खिलाफ छात्र-छात्राएं स्कूल के बाहर धरने पर बैठ गए। 8 डिग्री की कड़ाके की ठंड में उन्होंने रातभर वहीं गुजारी, कई छात्राएं फूट-फूटकर रो पड़ीं। शंकरलाल सर ने पिछले साल 90%+ अंक वाले 5 छात्रों को अपने खर्च पर जयपुर-दिल्ली हवाई यात्रा कराई थी और स्कूल की मरम्मत भी करवाई। छात्रों की मांग है कि ट्रांसफर रद्द हो, वरना आमरण अनशन करेंगे। अधिकारी बातचीत से समाधान की कोशिश कर रहे हैं।
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के नंदराय कस्बे में स्थित राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक स्कूल के छात्र-छात्राओं ने एक शिक्षक के ट्रांसफर के खिलाफ ऐसा धरना दिया है, जो पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। यह मामला सिर्फ एक ट्रांसफर का नहीं, बल्कि एक समर्पित शिक्षक और उनके छात्रों के बीच गहरे लगाव का प्रतीक बन गया है।
घटना का विवरण
स्कूल में भूगोल विषय के लेक्चरर शंकरलाल जाट का 11 जनवरी 2026 को ट्रांसफर कर दिया गया। इससे नाराज छात्रों ने सोमवार शाम करीब 4 बजे स्कूल के बाहर धरना शुरू कर दिया। जब कोई अधिकारी या अधिकारी सुनवाई के लिए नहीं पहुंचा, तो छात्रों ने फैसला किया कि वे रातभर वहीं डटे रहेंगे।
कड़ाके की ठंड (तापमान लगभग 8 डिग्री सेल्सियस) के बीच उन्होंने स्कूल के बाहर टेंट लगाए, बिस्तर बिछाए और रात गुजार दी। स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने उनका साथ दिया, खाना और अन्य व्यवस्थाएं कीं। मंगलवार सुबह अन्य छात्र भी शामिल हो गए, और स्कूल का ताला लगाकर सभी धरने पर बैठ गए। यहां तक कि नाश्ता और लंच भी धरना स्थल पर ही किया गया।
छात्राओं का भावुक रोना
धरने के दौरान कुछ छात्राएं फूट-फूटकर रो पड़ीं। एक लड़की बार-बार रोते हुए कह रही थी - "हमारे साथ ही ऐसा क्यों होता है?" यह दृश्य इतना भावुक था कि मौके पर मौजूद सभी लोग प्रभावित हो गए। छात्रों का कहना है कि शंकरलाल सर सिर्फ शिक्षक नहीं, बल्कि उनके अभिभावक की तरह मार्गदर्शन करते हैं।
शंकरलाल जाट की सराहनीय योगदान
शंकरलाल जाट पिछले 7 साल से इसी स्कूल में तैनात थे। उन्होंने स्कूल के लिए कई काम किए:
पिछले सत्र में बोर्ड परीक्षा में 90% से अधिक अंक लाने वाले 5 छात्रों को अपने खर्च पर जयपुर से दिल्ली की हवाई यात्रा कराई।
स्कूल भवन की जर्जर स्थिति सुधारने के लिए भामाशाहों से संपर्क कर मरम्मत करवाई।
छात्र उन्हें "पेरेंट्स की तरह" मानते हैं और कहते हैं कि उनका ट्रांसफर स्कूल और छात्रों के लिए बड़ा नुकसान है।
छात्रों की मांग और चेतावनी
छात्रों का साफ कहना है - "जब तक लेक्चरर शंकरलाल जाट का ट्रांसफर निरस्त नहीं होता, धरना खत्म नहीं होगा।" उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जरूरत पड़ी तो आमरण अनशन तक करने से पीछे नहीं हटेंगे।
अधिकारियों का रुख
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कोटड़ी अशोक पारीक ने बताया कि ग्रामीणों से बातचीत की गई है और उन्हें समझाने का प्रयास किया जा रहा है। ट्रांसफर विभागीय प्रक्रिया है, लेकिन फिलहाल धरना जारी है। छात्र समय देने को तैयार नहीं हैं, इसलिए बातचीत से समाधान निकालने की कोशिश जारी है।