बाड़मेर पीजी कॉलेज में फीस तीन गुणा बढ़ोतरी के खिलाफ छात्रों का जोरदार प्रदर्शन
बाड़मेर पीजी कॉलेज में जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी द्वारा परीक्षा फीस को तीन गुणा बढ़ाए जाने के खिलाफ एबीवीपी के नेतृत्व में छात्रों ने कॉलेज गेट पर ताला लगाकर ढाई घंटे तक धरना प्रदर्शन किया। छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर शिक्षा को व्यापार बनाने का आरोप लगाया और लंबित स्कॉलरशिप की मांग की। प्रशासन के दो दिन के आश्वासन पर प्रदर्शन समाप्त हुआ, लेकिन चेतावनी दी गई कि मांगें नहीं मानी गईं तो फिर आंदोलन होगा।
बाड़मेर (राजस्थान): जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी से संबद्ध बाड़मेर पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज में परीक्षा शुल्क और फीस में अचानक तीन गुणा वृद्धि के खिलाफ छात्रों ने गुरुवार को कॉलेज गेट पर ताला लगा दिया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के बैनर तले सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने कॉलेज परिसर के मुख्य द्वार पर ताला और बेल्ट लगाकर धरने पर बैठ गए। इस दौरान यूनिवर्सिटी प्रशासन और कुलपति (वीसी) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शन करीब ढाई घंटे तक चला, जिसके बाद प्रशासन के आश्वासन पर छात्रों ने धरना समाप्त किया।
प्रदर्शन की शुरुआत और छात्रों का गुस्सा सुबह से ही छात्र कॉलेज गेट के बाहर एकत्रित होने लगे। एबीवीपी के नेतृत्व में छात्रों ने गेट पर ताला जड़ दिया और किसी को भी अंदर जाने नहीं दिया। न तो लेक्चरर और न ही प्रिंसिपल को कॉलेज में प्रवेश करने दिया गया। कॉलेज का कुछ स्टाफ अंदर ही फंसा रहा। छात्रों का मुख्य आरोप है कि यूनिवर्सिटी ने प्रति सेमेस्टर परीक्षा शुल्क को पहले 1200-1400 रुपये से बढ़ाकर अब 3100-3300 रुपये कर दिया है, जो तीन गुणा से अधिक की वृद्धि है। छात्रों ने इसे अनैतिक और अव्यावहारिक बताया।एक छात्रा सुमन सोलंकी ने कहा, "हमारी फीस को एक गुणा बढ़ाना तो अलग बात है, लेकिन तीन गुणा बढ़ा दी गई है। हर कोई यह फीस नहीं भर सकता। इससे अच्छा तो हम प्राइवेट कॉलेज में एडमिशन ले लें। यूनिवर्सिटी ने शिक्षा को व्यापार बना दिया है।"इसी तरह महिपाल सिंह राठौड़ ने बताया, "जब दो सेमेस्टर का फॉर्मेट शुरू किया गया था, तब भी फीस बढ़ाई गई थी। अब फिर से एक साथ तीन गुणा बढ़ोतरी कर दी गई। साथ ही स्कॉलरशिप लंबे समय से लंबित है, उसे भी जल्द जारी किया जाए। हम शिक्षा को व्यापार नहीं बनने देंगे।"
प्रशासन की दखल और वार्ता प्रदर्शन की सूचना मिलते ही बाड़मेर एसडीएम यशार्थ शेखर और डीएसपी रमेश कुमार शर्मा मौके पर पहुंचे। बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे। एसडीएम और डीएसपी ने धरने पर बैठे छात्रों के साथ बैठकर उनकी मांगें सुनीं।कॉलेज प्रिंसिपल मरनाली चौहान ने छात्रों को समझाया कि फीस वृद्धि का निर्णय यूनिवर्सिटी स्तर पर लिया गया है और कॉलेज प्रशासन उनकी मांगों को यूनिवर्सिटी तक पहुंचाएगा। लेकिन शुरू में छात्र मानने को तैयार नहीं हुए।अंततः प्रशासन ने यूनिवर्सिटी के कुलपति से बात करवाई, जिन्होंने दो दिन का समय मांगा। इस आश्वासन पर छात्र सहमत हो गए और ढाई घंटे बाद धरना समाप्त कर दिया।महिपाल सिंह राठौड़ ने चेतावनी दी, "अगर दो दिन में फीस कम नहीं की जाती, तो हम फिर से धरना-प्रदर्शन करेंगे। पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।"
पृष्ठभूमि: क्यों भड़के छात्र? बाड़मेर पीजी कॉलेज जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी, जोधपुर से संबद्ध है। छात्रों का कहना है कि पहले से ही आर्थिक तंगी झेल रहे परिवारों पर यह तीन गुणा फीस वृद्धि बोझ बन गई है। कई छात्रों की स्कॉलरशिप भी महीनों से अटकी हुई है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ऐसे में यूनिवर्सिटी का यह कदम छात्रों को शिक्षा से वंचित करने वाला साबित हो सकता है।यह प्रदर्शन राजस्थान में बढ़ती शिक्षा लागत और छात्रों की आर्थिक समस्याओं को उजागर करता है। छात्रों ने मांग की है कि फीस वृद्धि तुरंत वापस ली जाए और लंबित स्कॉलरशिप जारी की जाए।