गैंगरेप के दो फरार आरोपी गिरफ्तार: डेढ़ महीने से थे लापता, अब तक तीन गिरफ्तारियां
बाड़मेर में गैंगरेप के दो फरार आरोपी डेढ़ महीने बाद जयपुर और बाड़मेर से गिरफ्तार; अब तक तीन पकड़े गए।
बाड़मेर (राजस्थान), 9 नवंबर 2025:
बाड़मेर जिले में एक विवाहित महिला के साथ हुए सामूहिक बलात्कार (गैंगरेप) के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। महिला सेल और शिव थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने दो फरार आरोपियों को जयपुर और बाड़मेर से गिरफ्तार कर लिया है। ये आरोपी घटना के बाद से डेढ़ महीने से फरार चल रहे थे। इस घटना के बाद अब तक कुल तीन आरोपियों को पुलिस ने दबोच लिया है। पीड़िता ने 23 सितंबर को थाने में अपनी रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें तीनों आरोपियों का नाम उल्लेख किया गया था। पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद मौके से भाग निकले थे और विभिन्न स्थानों पर छिपे हुए थे।
घटना का विवरण: पीड़िता की रिपोर्ट से खुलासा घटना 23 सितंबर 2025 को बाड़मेर जिले के शिव थाना क्षेत्र में घटी। पीड़िता एक विवाहित महिला हैं, जिन्होंने थाने पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी जोगराज सिंह (पुत्र सोन सिंह, निवासी दूठोड़), खुमान सिंह (पुत्र भीम सिंह, निवासी दान जी की होदी) और हेमसिंह (पुत्र वेग सिंह) ने मिलीभगत से महिला को अपना निशाना बनाया। आरोप है कि इन तीनों ने मिलकर पीड़िता के साथ गैंगरेप किया। घटना के बाद पीड़िता ने तुरंत शिव थाना में मामला दर्ज कराया, लेकिन आरोपी मौके से फरार हो चुके थे। पीड़िता ने अपनी शिकायत में विस्तार से बताया कि कैसे आरोपी उन्हें फंसाने के इरादे से इस जघन्य अपराध को अंजाम देते रहे।पुलिस ने बताया कि पीड़िता की रिपोर्ट पर तुरंत एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला सेल को भी जांच में शामिल किया गया। शुरुआती जांच में एक आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन बाकी दो फरारियों की तलाश लंबे समय से जारी थी। पीड़िता की बयान दर्ज करने के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी स्थानीय निवासी हैं और घटना से पहले पीड़िता को जानते थे। यह मामला सामाजिक रूप से भी संवेदनशील है, क्योंकि पीड़िता विवाहित हैं और उनके परिवार पर इस घटना का गहरा असर पड़ा है।
फरारियों की धरपकड़: जयपुर और बाड़मेर में छापेमारी डेढ़ महीने की लंबी फरारी के बाद पुलिस को दोनों फरारियों का सुराग मिला। खुमान सिंह को जयपुर से दबोचा गया, जहां वह रिश्तेदारों के घर छिपा हुआ था। दूसरी ओर, हेमसिंह को बाड़मेर के ही एक छिपे हुए स्थान से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने गुप्त सूत्रों के आधार पर दोनों स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। जयपुर में महिला सेल की टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपी को पकड़ा, जबकि बाड़मेर में शिव थाना की टीम ने त्वरित कार्रवाई की।गिरफ्तारी के दौरान दोनों आरोपियों के पास से कोई हथियार या संदिग्ध सामान नहीं बरामद हुआ, लेकिन उनके फोन और अन्य उपकरणों की जांच की जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी घटना के बाद संपर्क में बने हुए थे और फरार रहते हुए भी एक-दूसरे से बातचीत कर रहे थे। अब तीनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और पूछताछ जारी है।
पुलिस कार्रवाई और आगे की जांच; शिव थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में आईपीसी की धारा 376डी (गैंगरेप), 506 (धमकी) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा चुका है और उसके बयान को मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज किया गया है। महिला सेल की टीम पीड़िता को काउंसलिंग और कानूनी सहायता प्रदान कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।इस गिरफ्तारी से पुलिस को राहत मिली है, लेकिन मामला अभी पूरी तरह सुलझा नहीं है। अधिकारी यह भी जांच रहे हैं कि क्या आरोपी पहले भी इसी तरह की घटनाओं में लिप्त रहे हैं। बाड़मेर जिले में महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर नजर रखने के लिए पुलिस ने विशेष अभियान चलाने का ऐलान किया है।