बंगाल में नतीजों के बाद बवाल: आगजनी, तोड़फोड़, बुलडोजर एक्शन… आखिर किसने भड़काई हिंसा?

पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं। कई जिलों में हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं, जबकि अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है—राज्य में बढ़ते तनाव के पीछे क्या वजह है?

May 6, 2026 - 13:58
बंगाल में नतीजों के बाद बवाल: आगजनी, तोड़फोड़, बुलडोजर एक्शन… आखिर किसने भड़काई हिंसा?

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद जहां एक ओर नई सरकार के गठन की प्रक्रिया जारी है, वहीं दूसरी ओर पूरे राज्य का माहौल तनाव और अस्थिरता की चपेट में आता नजर आ रहा है। भारतीय जनता पार्टी को मिली बड़ी जीत के बाद कई जिलों से हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिसने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में राजनीतिक टकराव खुलकर सामने आया है। कहीं तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पार्टी कार्यालयों को निशाना बनाया गया, तो कहीं बुलडोजर कार्रवाई के जरिए ढांचों को गिराया गया। इसके अलावा मुर्शिदाबाद जिले के जियागंज में दशकों पुरानी लेनिन की प्रतिमा तोड़े जाने की घटना ने राजनीतिक माहौल को और अधिक गरमा दिया है।

आसनसोल में TMC कार्यालय में आगजनी

आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र के कोर्ट मोड़ पर देर रात एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जहां तृणमूल कांग्रेस के एक पार्टी कार्यालय में आग लगा दी गई। यह कार्यालय वार्ड नंबर 53 की पार्षद मौसमी बोस से जुड़ा बताया जा रहा है। आग इतनी भीषण थी कि पूरा दफ्तर जलकर राख हो गया, साथ ही पास स्थित एक दुकान को भी नुकसान पहुंचा। घटना की सूचना मिलते ही आसनसोल फायर स्टेशन से दमकल की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। स्थानीय बीजेपी विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने संबंधित विभागों को सूचित किया और अब आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच की जाएगी, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।

लेनिन की प्रतिमा तोड़े जाने पर सियासी संग्राम

मुर्शिदाबाद के जियागंज में लेनिन की प्रतिमा तोड़े जाने की घटना ने राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया है। तृणमूल कांग्रेस की नेता महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने इस घटना को अंजाम दिया और अब वहां नई प्रतिमा लगाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि बीजेपी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि इस घटना में उनके किसी भी कार्यकर्ता की भूमिका नहीं है। पार्टी का कहना है कि चुनावी जश्न के दौरान वहां अलग-अलग समूह मौजूद थे और संभव है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने यह हरकत की हो।

नदिया में कार्यालय पर कब्जे का दावा

नदिया जिले के करीमपुर-2 ब्लॉक की नतिडांगा ग्राम पंचायत में कांग्रेस ने दावा किया है कि उसने तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यालय पर कब्जा कर लिया है। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, यह कार्यालय पहले उनका था, जिसे टीएमसी ने अपने कब्जे में ले लिया था।

हिंसा में अब तक 3 लोगों की मौत

चुनाव के बाद भड़की हिंसा में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। कोलकाता के बेलेघाटा इलाके में एक टीएमसी कार्यकर्ता विश्वजीत पटनायक की हत्या कर दी गई। वहीं बीरभूम जिले के नानूर और उत्तर 24 परगना के न्यू टाउन में भी अलग-अलग घटनाओं में लोगों की जान गई। पुलिस के मुताबिक, कुछ मामलों में आपसी गुटबाजी भी सामने आई है, जबकि कई घटनाओं में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता की आशंका जताई जा रही है। हालांकि टीएमसी और बीजेपी दोनों ही एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।

न्यू मार्केट में बुलडोजर एक्शन से दहशत

मध्य कोलकाता के ऐतिहासिक न्यू मार्केट इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बुलडोजर के साथ पहुंचे लोगों के एक समूह ने तृणमूल कांग्रेस के यूनियन कार्यालय को निशाना बनाया और उसे गिरा दिया।

इस घटना से इलाके के व्यापारियों में डर का माहौल बन गया और उन्होंने अपनी दुकानें बंद कर दीं। स्थानीय लोगों के अनुसार, अचानक हुई इस कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा और वरिष्ठ नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने इस घटना को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई प्रशासन की मौजूदगी में हुई और इसे “बुलडोजर राजनीति” का हिस्सा बताया।

चुनाव आयोग का सख्त रुख

बढ़ती हिंसा को देखते हुए चुनाव आयोग ने राज्य प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मुख्य सचिव, DGP, कोलकाता पुलिस आयुक्त और अन्य अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार गश्त करने और किसी भी तरह की हिंसा पर तुरंत कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं आयोग ने साफ किया है कि हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा।

आरोप-प्रत्यारोप से गरमाई सियासत

चुनाव के बाद की हिंसा को लेकर राज्य की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। टीएमसी ने बीजेपी पर हिंसा भड़काने और अराजकता फैलाने का आरोप लगाया है, जबकि बीजेपी का कहना है कि इन घटनाओं में उनके कार्यकर्ता शामिल नहीं हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि पार्टी संगठनात्मक स्तर पर शांति बनाए रखने की कोशिश कर रही है और प्रशासन के साथ मिलकर हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।

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