बाड़मेर जिले में मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित: विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत पारदर्शी प्रक्रिया पूरी
बाड़मेर जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत चार विधानसभा क्षेत्रों की 11 लाख 55 हजार 502 मतदाताओं वाली प्रारूप मतदाता सूची 16 दिसंबर को प्रकाशित की गई। जिला कलेक्टर टीना डाबी ने पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए राजनीतिक दलों को प्रतियां सौंपीं। 15 जनवरी 2026 तक दावे-आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी और अंतिम सूची 14 फरवरी को जारी होगी। मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 1570 कर दी गई है।
बाड़मेर, 16 दिसंबर 2025। राजस्थान के बाड़मेर जिले में चुनाव आयोग के निर्देशानुसार विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) कार्यक्रम के अंतर्गत मतदाता सूची का प्रारूप आज प्रकाशित कर दिया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलेक्टर टीना डाबी के नेतृत्व में यह प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हुई है। जिले की चार विधानसभा क्षेत्रों - बाड़मेर, गुड़ामालानी, चौहटन एवं शिव - के लिए कुल 11 लाख 55 हजार 502 मतदाताओं की प्रारूप मतदाता सूची जारी की गई है। इस अवसर पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी प्रारूप सूची की प्रतियां उपलब्ध कराई गईं।
गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया और उपलब्धियां विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की शुरुआत से पूर्व बाड़मेर जिले में कुल मतदाताओं की संख्या 12 लाख 3 हजार 171 थी। इन सभी मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किए गए थे। गणना चरण (4 नवंबर से 11 दिसंबर तक) के दौरान जिले भर में बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) ने राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) के साथ मिलकर घर-घर जाकर सत्यापन कार्य किया। इस दौरान कुल 11 लाख 55 हजार 502 मतदाताओं ने अपने गणना प्रपत्र भरकर जमा करवा दिए, जिनके नाम अब प्रारूप सूची में शामिल किए गए हैं।जिले में गणना चरण के दौरान प्रत्येक मतदान केंद्र पर बीएलओ और बीएलए की संयुक्त बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में अप्राप्त गणना प्रपत्रों की सूची और उनके कारणों की जानकारी बीएलए को दी गई, ताकि वे आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई कर सकें। इन बैठकों की कार्यवाही और अप्राप्त प्रपत्रों की सूची जिले की वेबसाइट पर भी अपलोड की गई है।कुल 47,669 गणना प्रपत्र अप्राप्त रहे, जिनकी सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी (राजस्थान) की वेबसाइट तथा जिला वेबसाइट पर उपलब्ध है। इनमें शामिल हैं:मृत मतदाता: 10,696 ,स्थायी रूप से स्थानांतरित: 27,684 ,अनुपस्थित/हाजिर नहीं: 4,673 ,एकाधिक पंजीकरण: 4,305 ,अन्य कारण: 311 ,यह सूची मतदान केंद्रों, ग्राम पंचायत मुख्यालयों और नगरीय निकाय कार्यालयों में भी चस्पा की गई है, ताकि आमजन आसानी से इसका अवलोकन कर सकें।
नए मतदाताओं का पंजीकरण और सुविधाएं पुनरीक्षण के दौरान नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए 3,226 फॉर्म-6 ऑनलाइन और 4,775 फॉर्म-6 ऑफलाइन (बीएलओ के माध्यम से) प्राप्त हुए हैं। इनका सत्यापन कर नाम मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे। फॉर्म-6 जमा करने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। नागरिक वोटर हेल्पलाइन ऐप या वोटर्स सर्विस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं या बीएलओ को घोषणा पत्र सहित ऑफलाइन जमा कर सकते हैं।विशेष रूप से, जो युवा 1 अप्रैल, 1 जुलाई या 1 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे होंगे, वे अग्रिम रूप से फॉर्म-6 और घोषणा पत्र भरकर नाम जुड़वा सकते हैं। घोषणा पत्र में आवेदक या उनके माता-पिता के नाम की पिछली गहन पुनरीक्षण से मैपिंग की जाती है।
राजनीतिक दलों की भागीदारी प्रारूप सूची प्रकाशन के अवसर पर आयोजित बैठक में आम आदमी पार्टी से भगवान सिंह लाबराउ, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से महावीर चंद, बहुजन समाज पार्टी से गोपाल दास, तथा भारतीय जनता पार्टी से महावीर सिंह चूली और कुमार कौशल जोशी उपस्थित रहे। इन प्रतिनिधियों को प्रारूप सूची की प्रतियां सौंपी गईं तथा दावे-आपत्तियां और नए पंजीकरण की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई।
मतदान केंद्रों का पुनर्गठन मतदाताओं की सुविधा के लिए जिले में 1200 से अधिक मतदाताओं वाले बूथों का पुनर्गठन किया गया। पहले जिले में 1416 मतदान केंद्र थे, अब 154 नए केंद्र सृजित कर कुल 1570 मतदान केंद्र हो गए हैं। इससे अब जिले में कोई भी मतदान केंद्र 1200 से अधिक मतदाताओं वाला नहीं रहा।दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया और समय-सीमाजिला निर्वाचन अधिकारी टीना डाबी ने सभी नागरिकों से अपील की है कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची की जांच अवश्य करें और किसी त्रुटि पर समय रहते सुधार कराएं। प्रारूप सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए दावे एवं आपत्तियां 15 जनवरी 2026 तक प्रस्तुत की जा सकती हैं।संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) प्राप्त आवेदनों की सूची (फॉर्म 9, 10, 11, 11ए और 11बी) तैयार करेंगे और इसे कार्यालय नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करेंगे। ईआरओ साप्ताहिक रूप से इन सूचियों को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से साझा करेंगे। ईआरओ के निर्णय के खिलाफ 15 दिनों में जिला मजिस्ट्रेट (प्रथम अपील अधिकारी) और फिर 30 दिनों में मुख्य निर्वाचन अधिकारी (द्वितीय अपील अधिकारी) के समक्ष अपील की जा सकती है। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 14 फरवरी 2026 को किया जाएगा।