बाड़मेर में नशे के खिलाफ बड़ा अभियान: धर्मगुरुओं ने दिखाई हरी झंडी, ठाकराराम माली के नेतृत्व में शुरू हुई पदयात्रा
राजस्थान के बाड़मेर में नशे की बढ़ती समस्या के खिलाफ युवा कांग्रेस नेता ठाकराराम माली के नेतृत्व में "युद्ध नशे के खिलाफ" पदयात्रा शुरू हुई। हिंदू-मुस्लिम धर्मगुरुओं ने हरी झंडी दिखाई। यात्रा में नुक्कड़ नाटक के जरिए ड्रग्स के दुष्परिणाम दिखाए गए। पिछले 18 महीनों में तीन ड्रग्स फैक्टरियां पकड़ी गईं। अभियान दो चरणों में चलेगा - पहले शहर में, फिर ग्रामीण क्षेत्रों में। नशे के शिकार युवाओं को नशामुक्ति केंद्र पहुंचाने और आर्थिक मदद की व्यवस्था होगी।
बाड़मेर (राजस्थान): राजस्थान के बाड़मेर जिले में नशे की बढ़ती लत के खिलाफ समाज को जागरूक करने और युवाओं को बचाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू हो गया है। मंगलवार को कांग्रेस प्रदेश सदस्य एवं युवा नेता ठाकराराम माली के नेतृत्व में "युद्ध नशे के खिलाफ" पदयात्रा का शुभारंभ हुआ। इस पदयात्रा को आजाद चौक से हिंदू और मुस्लिम धर्मगुरुओं ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो सामाजिक एकता का प्रतीक बना।पदयात्रा में बड़ी संख्या में युवक-युवतियां शामिल हुए। प्रतिभागी हाथों में नशे के खिलाफ संदेश वाली तख्तियां थामे चल रहे थे। साथ ही एक एलईडी स्क्रीन वाला रथ भी यात्रा में शामिल था, जिसमें बाड़मेर में नशे से होने वाले नुकसानों की जानकारी और जागरूकता संदेश प्रदर्शित किए जा रहे थे।
विवेकानंद सर्किल पर नुक्कड़ नाटक से दिया संदेश पदयात्रा विवेकानंद सर्किल पहुंची, जहां युवाओं की टीम ने नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया। इस नाटक में नशे की लत से बर्बाद हो रहे परिवारों की मार्मिक कहानी को जीवंत रूप से प्रस्तुत किया गया। नाटक के माध्यम से दिखाया गया कि कैसे एक छात्र ड्रग्स की लत में फंसकर अपनी जिंदगी और पूरे परिवार को तबाह कर देता है। इस नाटक को देखने के लिए बड़ी संख्या में युवा और स्थानीय लोग जुटे, जिससे जागरूकता का संदेश गहराई तक पहुंचा।
बाड़मेर में नशे की गंभीर समस्या: 18 महीनों में तीन ड्रग्स फैक्टरियां पकड़ी गईं बाड़मेर में नशे की समस्या बेहद गंभीर हो चुकी है। पिछले 18 महीनों में जिले में तीन अवैध ड्रग्स फैक्टरियां पकड़ी जा चुकी हैं। हालिया मामले में दिसंबर 2025 में आदर्श चवा क्षेत्र के केरली गांव में एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स बनाने की बड़ी फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ, जहां से करीब 40 किलो एमडी ड्रग्स और रसायन बरामद हुए। इससे पहले जुलाई 2025 में भी एक बड़ी फैक्ट्री पकड़ी गई थी। इन फैक्टरियों से सप्लाई होने वाली ड्रग्स अगर बाजार में पहुंच जातीं तो हजारों परिवार बर्बाद हो जाते। पुलिस और एनसीबी की संयुक्त कार्रवाई के लिए अभियान के आयोजकों ने प्रशासन का आभार भी व्यक्त किया। युवा नेता ठाकराराम माली ने कहा, "वर्तमान में बाड़मेर के युवा एमडी, स्मैक और अन्य ड्रग्स के आदी हो रहे हैं। नशे की वजह से हमारा युवा वर्ग दलदल में फंसता जा रहा है। साधु-संतों के आशीर्वाद से हम युवा शक्ति ने संकल्प लिया है कि इस भयावह नशे को बाड़मेर में फैलने नहीं देंगे। हर गली-मोहल्ले में पदयात्रा के जरिए जन जागरण करेंगे। जो युवा नशे की चपेट में हैं, उनके घर जाकर उन्हें नशामुक्ति केंद्र पहुंचाने की व्यवस्था करेंगे और आर्थिक सहयोग भी प्रदान करेंगे।"
अभियान दो चरणों में चलेगा यह पदयात्रा दो चरणों में आयोजित की जाएगी: पहला चरण: शहर में सात दिनों तक चलेगा, जिसमें हर गली-मोहल्ले को कवर किया जाएगा। दूसरा चरण: ग्रामीण क्षेत्रों में पदयात्रा निकाली जाएगी, ताकि जिले के दूरदराज के गांवों तक जागरूकता पहुंच सके।इस अभियान से बाड़मेर के युवाओं को नशे से मुक्त करने और परिवारों को बचाने की उम्मीद जागी है। धर्मगुरुओं का समर्थन और युवाओं की सक्रिय भागीदारी इसे एक जन आंदोलन का रूप दे रही है।