ATS और बाड़मेर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: पाकिस्तान सीमा से आई 5 किलो हेरोइन की खेप पकड़ी, दो तस्कर गिरफ्तार
बाड़मेर के हाथीतला इलाके में राजस्थान ATS, गुजरात ATS और बाड़मेर पुलिस की संयुक्त टीम ने पाकिस्तान से आई 5 किलो हेरोइन की बड़ी खेप बरामद की है। दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया। खेप की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 25 से 30 करोड़ रुपये बताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां अब तस्करों से पूछताछ कर पूरे अंतरराष्ट्रीय नशा सिंडिकेट का पर्दाफाश करने में जुटी हैं। खेप ड्रोन या तारबंदी के ऊपर से भेजी गई, यह भी जांच का विषय है।
बाड़मेर जिले के हाथीतला इलाके में एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) और स्थानीय पुलिस ने नशे की तस्करी के खिलाफ एक सफल संयुक्त अभियान चलाया है। गोपनीय सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में पाकिस्तान से आई लगभग 5 किलो हेरोइन बरामद की गई है। साथ ही दो तस्करों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़ी गई खेप की अनुमानित कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 25 से 30 करोड़ रुपये के बीच बताई जा रही है।
मुखबिर की सूचना पर शुरू हुआ ऑपरेशन
एटीएस को मुखबिर से विश्वसनीय इनपुट मिला था कि पाकिस्तान सीमा से सटे इलाकों से हेरोइन की एक बड़ी खेप हाथीतला के रास्ते आगे सप्लाई की जाने वाली है। इस सूचना पर एटीएस के वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत बाड़मेर पुलिस के साथ समन्वय स्थापित किया।
शाम के समय हाथीतला और आसपास के सरहदी इलाकों में सघन नाकाबंदी लगाई गई। राजस्थान ATS, गुजरात ATS और बाड़मेर पुलिस की संयुक्त टीम ने NH-68 पर हाथीतला टोल प्लाजा के पास घात लगाकर इंतजार किया।
तस्करों को घेरा, भागने का प्रयास नाकाम
तस्कर तय स्थान पर खेप की डिलीवरी करने पहुंचे थे। जैसे ही वे पहुंचे, संयुक्त टीम ने उन्हें घेर लिया। पुलिस और ATS की टीम को देखते ही दोनों आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम की मुस्तैदी के कारण दोनों को सफलतापूर्वक दबोच लिया गया।
उनके कब्जे से मौजूद बैग की तलाशी ली गई तो उसमें 5 किलो हेरोइन बरामद हुई। दोनों तस्करों को हिरासत में लेकर सुरक्षा एजेंसियां अब उनसे जॉइंट इंटरोगेशन कर रही हैं। पूछताछ में नेटवर्क के अन्य सदस्यों और पूरे स्मगलिंग रैकेट का खुलासा होने की उम्मीद है।
बड़ा सवाल: खेप सीमा कैसे पार हुई?
यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बाड़मेर का यह इलाका पाकिस्तान सीमा से काफी करीब है। सुरक्षा एजेंसियां अब मुख्य रूप से इस बात की जांच कर रही हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में हेरोइन भारतीय सीमा में कैसे दाखिल हुई।
मुख्य संभावनाएं: तारबंदी (फेंसिंग) के ऊपर से फेंककर भेजी गई।पाकिस्तानी ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।पिछले कई वर्षों में पाकिस्तान से भारत में हेरोइन तस्करी के कई मामले सामने आ चुके हैं। इस बार 5 किलो की मात्रा बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट की ओर इशारा करती है। गिरफ्तार तस्करों से कड़ी पूछताछ जारी है ताकि पूरे नेटवर्क तक पहुंचा जा सके।
सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता
यह कार्रवाई राजस्थान और गुजरात ATS के साथ बाड़मेर पुलिस की अच्छी तालमेल की मिसाल है। सरहदी जिलों में नशे की तस्करी और आतंकवाद से जुड़े नेटवर्क को कुचलने के लिए ऐसी संयुक्त कार्रवाइयां लगातार जारी हैं।पकड़े गए तस्करों की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। आगे की जांच में अगर कोई नया खुलासा होता है तो उससे पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश हो सकता है।