अंता विधानसभा उपचुनाव: कांग्रेस के प्रमोद जैन भैया की दमदार जीत, भाजपा और निर्दलीय को पछाड़ा

अंता विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस के प्रमोद जैन भैया ने 15,594 वोटों से दमदार जीत हासिल की। भाजपा के मोरपाल सुमन और निर्दलीय नरेश मीणा के बीच कड़ी टक्कर रही, लेकिन दोनों कांग्रेस को नहीं हरा पाए। नरेश मीणा मायूस होकर कार पर चढ़े, जबकि कांग्रेस समर्थकों ने पटाखे फोड़कर जश्न मनाया।

Nov 14, 2025 - 13:36
अंता विधानसभा उपचुनाव: कांग्रेस के प्रमोद जैन भैया की दमदार जीत, भाजपा और निर्दलीय को पछाड़ा

बारां (राजस्थान), 14 नवंबर 2025 – राजस्थान की अंता विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल कर ली है। कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भैया ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वियों को भारी अंतर से हराया। भाजपा के मोरपाल सुमन और निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा के बीच कांटे की टक्कर रही, लेकिन दोनों ही कांग्रेस की मजबूत लहर को नहीं रोक पाए। अंतिम राउंड के बाद कांग्रेस ने 15,594 वोटों के बड़े अंतर से विजय प्राप्त की।

मतगणना का रोचक सफर और अंतिम परिणाम;  उपचुनाव की मतगणना सुबह से ही रोमांचक मोड़ लेती रही। कुल 20 राउंड की गिनती पूरी होने के बाद परिणाम स्पष्ट हो गया। अंतिम राउंड (20वां राउंड) के आंकड़े इस प्रकार रहे:

प्रमोद जैन भैया (कांग्रेस): 69,462 वोट  

मोरपाल सुमन (भाजपा): 53,868 वोट

नरेश मीणा (निर्दलीय): 53,740 वोट

कांग्रेस उम्मीदवार प्रमोद जैन भैया ने भाजपा के मोरपाल सुमन को 15,594 वोटों से और निर्दलीय नरेश मीणा को 15,722 वोटों से हराया। भाजपा और निर्दलीय के बीच महज 128 वोटों का अंतर रहा, जो मतगणना के दौरान कई राउंड तक दर्शकों को बांधे रखा। शुरुआती राउंड में नरेश मीणा ने भाजपा को कड़ी टक्कर दी और कई बार बढ़त भी बनाई, लेकिन कांग्रेस की लीड लगातार मजबूत होती गई। अंतिम राउंड तक कांग्रेस ने अपनी स्थिति को अजेय बना लिया।यह जीत कांग्रेस के लिए बड़ा संदेश है, क्योंकि अंता सीट पर उपचुनाव पूर्व विधायक की मृत्यु के कारण हुआ था। पार्टी ने स्थानीय मुद्दों जैसे किसान कल्याण, जल संकट और रोजगार पर फोकस करते हुए प्रचार किया, जिसका असर वोटों में साफ दिखा।

हार के बाद नरेश मीणा की मायूसी, कार पर चढ़कर जताया दर्द;  परिणाम घोषित होने के बाद मतगणना केंद्र के बाहर का माहौल दो हिस्सों में बंट गया। निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा, जो भाजपा को कड़ी चुनौती देने में सफल रहे लेकिन कांग्रेस से पीछे रह गए, गहरी मायूसी में डूब गए। हार स्वीकार करने के बाद वे अपने समर्थकों के साथ अपनी कार के ऊपर चढ़कर बैठ गए। आंसू भरी आंखों से उन्होंने समर्थकों के सामने अपनी आवाज बुलंद की और कहा, "हमने पूरी ताकत लगाई, भाजपा को तो टक्कर दी लेकिन कांग्रेस की लहर को नहीं रोक पाए। यह जनता का फैसला है, हम इसे स्वीकार करते हैं।" उनके समर्थक भी निराश थे, लेकिन मीणा ने उन्हें धैर्य बांधने की सलाह दी। यह दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जहां लोग उनकी लड़ाई की तारीफ कर रहे हैं।नरेश मीणा ने प्रचार के दौरान स्थानीय विकास और जातिगत समीकरणों पर जोर दिया था, जिससे उन्हें भाजपा से वोट काटने में सफलता मिली। मीणा के वोटों ने भाजपा की राह मुश्किल की, लेकिन कांग्रेस को फायदा पहुंचाया।

कांग्रेस का जोरदार जश्न: पटाखे, नाच-गाना और उत्साह दूसरी ओर, कांग्रेस खेमे में खुशी का माहौल था। प्रमोद जैन भैया के समर्थक मतगणना केंद्र के बाहर एकत्र हो गए और जोरदार जश्न मनाया। पटाखे फोड़े गए, ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाच-गाना हुआ और मिठाइयां बांटी गईं। भैया ने जीत का श्रेय पार्टी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को देते हुए कहा, "यह जीत अंता की जनता की है। हम उनके विश्वास पर खरे उतरेंगे।" कांग्रेस नेताओं ने इसे राज्य में पार्टी की मजबूती का संकेत बताया।

राजनीतिक विश्लेषण: क्या कहते हैं आंकड़े और विशेषज्ञ?

वोट शेयर: कांग्रेस को लगभग 45% वोट मिले, जबकि भाजपा और निर्दलीय को करीब 35-36% प्रत्येक।  

टर्नआउट: मतदान प्रतिशत 65% के आसपास रहा, जो उपचुनाव के लिए अच्छा माना जा रहा है।

: यह जीत राजस्थान में कांग्रेस की स्थिति को मजबूत करेगी, खासकर आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए। भाजपा के लिए यह झटका है, क्योंकि वे सीट बचाने की कोशिश कर रही थी। निर्दलीय नरेश मीणा की भूमिका स्प्लिट वोट्स की रही, जो भविष्य में गठबंधन की संभावनाएं खोल सकती है। 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.