मुस्लिम वोट पर भाजपा विधायक सुरेश पासी के बयान से यूपी की राजनीति में उबाल.

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से भाजपा विधायक सुरेश पासी का मुस्लिम वोटों को लेकर दिया गया बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। एक पुल के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें मुस्लिम वोट नहीं चाहिए और वे न तो मुस्लिम समाज के घर जाते हैं और न ही जाएंगे। इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल मच गई। भाजपा ने विधायक के बयान से खुद को अलग करते हुए इसे उनकी निजी राय बताया है, जबकि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों ने इस बयान की कड़ी आलोचना की है।

Jan 8, 2026 - 16:50
Jan 8, 2026 - 16:56
मुस्लिम वोट पर भाजपा विधायक सुरेश पासी के बयान से यूपी की राजनीति में उबाल.

अमेठी (उत्तर प्रदेश):- उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस वक्त नया विवाद खड़ा हो गया, जब अमेठी जिले की जगदीशपुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक और पार्टी के वरिष्ठ नेता सुरेश पासी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस वीडियो में विधायक मुस्लिम वोटों को लेकर विवादित टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं। उनके बयान के बाद सियासी गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं और विपक्षी दलों ने भाजपा पर जमकर हमला बोला है।

क्या है पूरा मामला

मिली जानकारी के अनुसार, यह वीडियो 7 जनवरी का बताया जा रहा है। भाजपा विधायक सुरेश पासी अमेठी जिले में एक पुल के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान मौजूद मीडिया कर्मियों ने उनसे मुस्लिम वोटों को लेकर सवाल किया। सवाल के जवाब में विधायक ने कहा कि उन्हें मुस्लिम वोटों की जरूरत नहीं है और वे न तो मुस्लिम समाज के घर जाते हैं और न ही आगे जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वे मस्जिदों में नहीं जाते और मुस्लिम समाज के सामाजिक कार्यक्रमों में भी शामिल नहीं होते।

इस पूरे बयान का लगभग 20 सेकेंड का वीडियो किसी व्यक्ति ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। हालांकि वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि की जिम्मेदारी संबंधित मीडिया संस्थानों ने नहीं ली है, लेकिन वीडियो के सामने आने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

भाजपा ने बनाई दूरी

विवाद बढ़ता देख भाजपा ने विधायक के बयान से खुद को अलग कर लिया है। भाजपा की जिला इकाई के अध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने स्पष्ट किया कि सुरेश पासी का बयान पार्टी की सोच और विचारधारा का प्रतिनिधित्व नहीं करता। उन्होंने कहा कि भाजपा “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के सिद्धांत पर चलने वाली पार्टी है। विधायक द्वारा कही गई बातें उनकी निजी राय हैं, न कि पार्टी का आधिकारिक रुख।

विपक्ष का तीखा हमला

भाजपा विधायक के इस बयान पर विपक्षी दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

कांग्रेस की जिला इकाई के अध्यक्ष प्रदीप सिंघल ने इस बयान को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही भाजपा नेता समाज को बांटने वाले बयान देने लगते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा धर्म और जाति के नाम पर लोगों को आपस में लड़ाने की राजनीति करती है।

वहीं समाजवादी पार्टी की जिला इकाई के अध्यक्ष राम उदित यादव ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां समाज में नफरत फैलाने का काम करती हैं। उनका आरोप है कि हिंदू-मुस्लिम विभाजन भाजपा की पुरानी रणनीति रही है और वोटों के लिए पार्टी किसी भी हद तक जा सकती है।

राजनीतिक माहौल गरमाया

विधायक सुरेश पासी के इस बयान के बाद अमेठी सहित पूरे प्रदेश में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। सोशल मीडिया पर यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है और अलग-अलग वर्गों से प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि भाजपा नेतृत्व इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है और क्या विधायक पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं।