अजमेर शरीफ दरगाह में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के 814वें उर्स की रौनक चरम पर
अजमेर शरीफ दरगाह में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के 814वें उर्स की रौनक चरम पर है। जुमे की नमाज में भारी भीड़ उमड़ी, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की चादर शाम को पेश होगी। शनिवार को कुल की रस्म के साथ जन्नती दरवाजा बंद होगा और उर्स समाप्त हो जाएगा। हर तरफ सूफियाना कलाम की गूंज और जायरीनों का हुजूम है।
अजमेर। विश्व प्रसिद्ध सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती (रह.) की दरगाह शरीफ में इन दिनों उनके 814वें सालाना उर्स की धूम मची हुई है। हर तरफ चिश्तिया रंग छाया हुआ है और दरगाह क्षेत्र सहित आस-पास के इलाकों में ख्वाजा गरीब नवाज की शान में सूफियाना कलाम और कव्वालियों की गूंज सुनाई दे रही है। देश-विदेश से आए लाखों अकीदतमंद (श्रद्धालु) मजार-ए-शरीफ पर हाजिरी दे रहे हैं और अपनी मुरादें मांग रहे हैं। उर्स का आयोजन इस साल दिसंबर 2025 में चल रहा है, जिसमें झंडा रोहण की रस्म से शुरुआत हुई और मुख्य रस्में रजब महीने के अनुसार हो रही हैं। दरगाह परिसर में जायरीनों की भारी भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालु मखमली चादरें, गुलाब के फूल और इत्र चढ़ा रहे हैं। कायड़ विश्राम स्थली पर भी जायरीनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। उर्स के दौरान रात भर महफिल-ए-कव्वाली और समा का आयोजन हो रहा है, जो आध्यात्मिक माहौल को और गहरा बना रहा है।
जुमे की नमाज में उमड़ी भीड़, प्रशासन के विशेष इंतजाम आज शुक्रवार (26 दिसंबर 2025) को जुमे की नमाज अदा की गई। नमाज के लिए दरगाह क्षेत्र में अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी। जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। बैरिकेडिंग, अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष बंदोबस्त किए गए। नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और इसके बाद भी जायरीन मजार पर चादर और फूल चढ़ाते रहे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की चादर आज शाम पेश होगी उर्स की रौनक को और बढ़ाते हुए आज शुक्रवार शाम को राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ओर से दरगाह में चादर पेश की जाएगी। यह परंपरा अनुसार राज्य सरकार की ओर से ख्वाजा साहब को सम्मान प्रकट करने का प्रतीक है। इससे पहले उर्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने चादर पेश की थी और अन्य राजनीतिक दलों से भी चादरें पहुंची हैं।
शनिवार को कुल की रस्म और जन्नती दरवाजे का बंद होना उर्स का समापन नजदीक आ रहा है। शनिवार (27 दिसंबर 2025) को रजब महीने की 6वीं तारीख है, जिसे छठी शरीफ के रूप में मनाया जाता है। इस दिन अहाता-ए-नूर में छठी की फातिहा अदा की जाएगी। खुद्दाम-ए-ख्वाजा इस रस्म को अंजाम देंगे। सुबह 11 बजे दरगाह के महफिल खाने में कुल की महफिल शुरू होगी। दोपहर 1:15 बजे दरगाह दीवान के पुत्र सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती जन्नती दरवाजे से होते हुए आस्ताना शरीफ जाएंगे और कुल की रस्म अदा करेंगे। इसके साथ ही जन्नती दरवाजा बंद कर दिया जाएगा, जो उर्स के मुख्य हिस्से का समापन दर्शाता है।