एसडीएम को थप्पड़ मामले में नरेश मीना SC-ST कोर्ट में पेश, हाईकोर्ट की जमानत पर सुनवाई टली, अगली तारीख 11 सितंबर

नरेश मीणा, जो पीपलोदी हंगामा और एसडीएम थप्पड़ कांड में चर्चित हैं, को हाईकोर्ट से मिली जमानत के खिलाफ सरकारी वकील की अपील पर उनके वकील ने समय मांगा। अब इस मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर 2025 को होगी।

Aug 29, 2025 - 16:31
Aug 29, 2025 - 16:34
एसडीएम को थप्पड़ मामले में नरेश मीना SC-ST कोर्ट में पेश, हाईकोर्ट की जमानत पर सुनवाई टली, अगली तारीख 11 सितंबर

राजस्थान के टोंक जिले में चर्चित समरावता थप्पड़ कांड के मुख्य आरोपी नरेश मीणा की जमानत को लेकर शुक्रवार को एससी-एसटी कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान नरेश मीणा को टोंक जेल से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई का मुख्य मुद्दा राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा नरेश मीणा को दी गई जमानत के खिलाफ सरकारी वकील की अपील पर जवाब देना था। हालांकि, नरेश मीणा के वकील ने जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर 2025 को होगी।

यह मामला 13 नवंबर 2024 को देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के दौरान शुरू हुआ था। समरावता गांव के लोगों ने अपने गांव को उनियारा उपखंड में शामिल करने की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार किया था। इस दौरान निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा ने प्रशासन पर जबरन मतदान करवाने का आरोप लगाते हुए एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था। इसके बाद समरावता गांव में हिंसा भड़क उठी, जिसमें वाहनों में आगजनी और पथराव की घटनाएं हुईं। पुलिस ने नरेश मीणा को 14 नवंबर 2024 को गिरफ्तार कर लिया था और तब से वह टोंक जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।

कोर्ट में क्या हुआ?

एससी-एसटी कोर्ट में शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान नरेश मीणा के वकील ने हाईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत के खिलाफ सरकारी वकील की अपील का जवाब देने के लिए समय मांगा। विशेष लोक अभियोजक ने इस अपील में तर्क दिया कि नरेश मीणा पर गंभीर आरोप हैं, जिनमें एसडीएम से मारपीट, राजकार्य में बाधा, आगजनी, और हिरासत से भागने की कोशिश शामिल है। कोर्ट ने वकील की समय मांगने की अर्जी को मंजूर करते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 11 सितंबर 2025 की तारीख तय की।

पहले राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है

नरेश मीणा को इस मामले में पहले राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है, लेकिन समरावता हिंसा मामले (FIR नंबर 167/24) सहित अन्य मामलों में उनकी जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। हाईकोर्ट ने 19 मार्च 2025 को उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि इस तरह के अपराध समाज में गलत संदेश देते हैं। इसके बाद नरेश मीणा के वकीलों ने एससी-एसटी कोर्ट में मामला ट्रांसफर करवाया, जहां अब यह सुनवाई चल रही है।

नरेश मीणा के समर्थकों में बेचैनी

नरेश मीणा के समर्थकों की भारी भीड़ कोर्ट परिसर के बाहर मौजूद थी। जमानत पर सुनवाई टलने से उनके समर्थकों में निराशा देखी गई। नरेश मीणा के वकील ने कहा कि वे हाईकोर्ट के आदेश का विस्तृत अध्ययन करने के बाद जवाब दाखिल करेंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर जरूरत पड़ी तो वे सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकते हैं। सुनवाई के बाद नरेश मीणा को पुलिस वैन में वापस जेल ले जाया गया।

Yashaswani Journalist at The Khatak .