जयपुर में रोहित गोदारा गैंग का शूटर महिला के कपड़ों में छिपकर गिरफ्तार: 3 देसी पिस्टल और 12 जिंदा कारतूस बरामद, 25 हजार रुपये का था इनाम

जयपुर, 22 अक्टूबर 2025: राजस्थान की राजधानी जयपुर में पुलिस ने एक सनसनीखेज कार्रवाई को अंजाम दिया है। रोहित गोदारा गैंग से जुड़े एक कुख्यात शूटर को महिला के वेश में छिपे हुए गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के कब्जे से तीन देसी पिस्टल और 12 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। इस शूटर पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। यह गिरफ्तारी अपराधियों के बीच सनसनी फैला रही है और संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस की मुहिम को नई ताकत दे रही है।

Oct 22, 2025 - 13:27
जयपुर में रोहित गोदारा गैंग का शूटर महिला के कपड़ों में छिपकर गिरफ्तार: 3 देसी पिस्टल और 12 जिंदा कारतूस बरामद, 25 हजार रुपये का था इनाम

जयपुर पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और सिविल लाइंस थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार रात को बहरोड़ क्षेत्र में एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की। सूचना मिली थी कि रोहित गोदारा गैंग का एक सक्रिय सदस्य जयपुर में हथियारों के साथ छिपा हुआ है और वह किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। पुलिस टीम ने बहरोड़ के एक सुनसान इलाके में घेराबंदी की, जहां आरोपी महिला के कपड़ों में साड़ी पहने और मेकअप करके घूम रहा था।जब पुलिस ने उसे घेर लिया, तो आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने उसे तुरंत दबोच लिया। 

पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम अभिषेक उर्फ बटाया पुत्र पप्पू राम बताया। वह मूल रूप से पनियाला के एक छोटे से गांव मोलहोड़ा निवासी है और पिछले दो वर्षों से रोहित गोदारा गैंग के लिए काम कर रहा था। गोदारा गैंग, जो हरियाणा-राजस्थान बॉर्डर पर सक्रिय है, हत्या, जबरन वसूली और सुपारी किलिंग के मामलों में कुख्यात है। रोहित गोदारा खुद कनाडा भागा हुआ अपराधी है, जिसके सिर पर लाखों रुपये का इनाम है।गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से तीन देसी निर्मित पिस्टल (देशी कलाइबर 315 और 32 की) और 12 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। ये हथियार प्लास्टिक के बैग में छिपाकर रखे गए थे। इसके अलावा, आरोपी के पास एक फर्जी आधार कार्ड, मोबाइल फोन और कुछ नकदी भी मिली। पुलिस को शक है कि वह जयपुर में किसी बड़े टारगेट की टोह ले रहा था, संभवतः किसी व्यापारी या राजनीतिक हस्ती पर हमले की योजना बना रहा था।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.